परमवीर चक्र विजेता फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों की जयंती: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 17 जुलाई — 1971 के भारत-पाक युद्ध के अमर शहीद और परमवीर चक्र से सम्मानित फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों की जयंती पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्रियों और अनेक राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मात्र 26 वर्ष की आयु में मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सेखों भारतीय वायु सेना के इतिहास में साहस और देशभक्ति के अप्रतिम प्रतीक माने जाते हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला की श्रद्धांजलि
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर लिखा कि फ्लाइंग ऑफिसर सेखों ने मात्र 26 वर्ष की आयु में शत्रु के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों का निर्भीकता से सामना किया और अंतिम क्षण तक लड़ते हुए मातृभूमि के लिए प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति सेखों का अटूट समर्पण आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा, साहस और कर्तव्यपरायणता की प्रेरणा देता रहेगा।
केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के लड़ाकू विमान को ध्वस्त कर भारत की विजय का मार्ग प्रशस्त करने वाले इस वीर सपूत की गौरव गाथा सदैव देश को गौरवान्वित करती रहेगी।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी एक्स पर अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि फ्लाइंग ऑफिसर सेखों का शौर्य, साहस और पराक्रम युवाओं को मातृभूमि की सेवा के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।
मुख्यमंत्रियों ने किया नमन
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा कि अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और सर्वोच्च राष्ट्रभक्ति के प्रतीक फ्लाइंग ऑफिसर सेखों का बलिदान देशवासियों को राष्ट्रसेवा एवं कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सेखों का अदम्य शौर्य, अटूट राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक भारतवासी के लिए प्रेरणास्रोत है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी वीरता और राष्ट्र के प्रति अतुलनीय समर्पण को नमन करते हुए कहा कि यह प्रेरक गाथा राष्ट्रसेवा और देशभक्ति के पथ पर अग्रसर होने की शक्ति देती है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस अद्वितीय योद्धा को कोटि-कोटि प्रणाम किया।
फ्लाइंग ऑफिसर सेखों: वीरता की अमर गाथा
गौरतलब है कि फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय वायु सेना की ओर से लड़ते हुए शहीद हुए थे। उन्होंने अकेले ही शत्रु के कई लड़ाकू विमानों का मुकाबला किया और पाकिस्तान के एक विमान को मार गिराया। उनकी असाधारण वीरता के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से नवाज़ा गया। वे भारतीय वायु सेना के एकमात्र परमवीर चक्र विजेता हैं। यह ऐसे समय में उनकी स्मृति को नमन है जब भारत अपनी सशस्त्र सेनाओं के शौर्य और बलिदान को राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने पर बल दे रहा है।
राष्ट्रीय नेताओं का यह सामूहिक स्मरण इस बात का प्रमाण है कि फ्लाइंग ऑफिसर सेखों की वीरगाथा आज भी उतनी ही प्रासंगिक और प्रेरणादायी है।