17 जुलाई 2026
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परमवीर चक्र विजेता फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों की जयंती: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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परमवीर चक्र विजेता फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों की जयंती: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

1971 के भारत-पाक युद्ध में मात्र 26 वर्ष की आयु में शत्रु विमानों से अकेले लड़ते हुए शहीद हुए भारतीय वायु सेना के एकमात्र परमवीर चक्र विजेता फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों की जयंती पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत देशभर के नेताओं ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्य बातें

फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों की जयंती 17 जुलाई को मनाई गई; वे भारतीय वायु सेना के एकमात्र परमवीर चक्र विजेता हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला , केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी।
बिहार के CM सम्राट चौधरी , राजस्थान के CM भजनलाल शर्मा , उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी और पंजाब के CM भगवंत मान ने भी नमन किया।
सेखों ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में मात्र 26 वर्ष की आयु में शत्रु के लड़ाकू विमानों का अकेले सामना करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था।

नई दिल्ली, 17 जुलाई1971 के भारत-पाक युद्ध के अमर शहीद और परमवीर चक्र से सम्मानित फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों की जयंती पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्रियों और अनेक राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मात्र 26 वर्ष की आयु में मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सेखों भारतीय वायु सेना के इतिहास में साहस और देशभक्ति के अप्रतिम प्रतीक माने जाते हैं।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला की श्रद्धांजलि

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर लिखा कि फ्लाइंग ऑफिसर सेखों ने मात्र 26 वर्ष की आयु में शत्रु के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों का निर्भीकता से सामना किया और अंतिम क्षण तक लड़ते हुए मातृभूमि के लिए प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति सेखों का अटूट समर्पण आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा, साहस और कर्तव्यपरायणता की प्रेरणा देता रहेगा।

केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के लड़ाकू विमान को ध्वस्त कर भारत की विजय का मार्ग प्रशस्त करने वाले इस वीर सपूत की गौरव गाथा सदैव देश को गौरवान्वित करती रहेगी।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी एक्स पर अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि फ्लाइंग ऑफिसर सेखों का शौर्य, साहस और पराक्रम युवाओं को मातृभूमि की सेवा के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।

मुख्यमंत्रियों ने किया नमन

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा कि अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और सर्वोच्च राष्ट्रभक्ति के प्रतीक फ्लाइंग ऑफिसर सेखों का बलिदान देशवासियों को राष्ट्रसेवा एवं कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सेखों का अदम्य शौर्य, अटूट राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक भारतवासी के लिए प्रेरणास्रोत है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी वीरता और राष्ट्र के प्रति अतुलनीय समर्पण को नमन करते हुए कहा कि यह प्रेरक गाथा राष्ट्रसेवा और देशभक्ति के पथ पर अग्रसर होने की शक्ति देती है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस अद्वितीय योद्धा को कोटि-कोटि प्रणाम किया।

फ्लाइंग ऑफिसर सेखों: वीरता की अमर गाथा

गौरतलब है कि फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय वायु सेना की ओर से लड़ते हुए शहीद हुए थे। उन्होंने अकेले ही शत्रु के कई लड़ाकू विमानों का मुकाबला किया और पाकिस्तान के एक विमान को मार गिराया। उनकी असाधारण वीरता के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से नवाज़ा गया। वे भारतीय वायु सेना के एकमात्र परमवीर चक्र विजेता हैं। यह ऐसे समय में उनकी स्मृति को नमन है जब भारत अपनी सशस्त्र सेनाओं के शौर्य और बलिदान को राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने पर बल दे रहा है।

राष्ट्रीय नेताओं का यह सामूहिक स्मरण इस बात का प्रमाण है कि फ्लाइंग ऑफिसर सेखों की वीरगाथा आज भी उतनी ही प्रासंगिक और प्रेरणादायी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु यह स्मृति केवल सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित न रहे — यही असली परीक्षा है। भारतीय वायु सेना के एकमात्र परमवीर चक्र विजेता की गाथा पाठ्यक्रमों और सार्वजनिक स्थानों में जितनी प्रमुखता से होनी चाहिए, वह अभी भी अपेक्षित स्तर पर नहीं है। राजनीतिक दलों की सीमाएँ पार कर आई यह श्रद्धांजलि — BJP, AAP और JDU सभी की ओर से — दर्शाती है कि सैन्य शौर्य राष्ट्रीय एकता का सबसे विश्वसनीय सेतु है। असली सम्मान तब होगा जब इस वीर की विरासत को संस्थागत रूप दिया जाए।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों कौन थे?
फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों भारतीय वायु सेना के एकमात्र परमवीर चक्र विजेता हैं, जिन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में मात्र 26 वर्ष की आयु में शत्रु के लड़ाकू विमानों का अकेले सामना करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से नवाज़ा गया।
निर्मलजीत सिंह सेखों की जयंती कब मनाई जाती है?
फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों की जयंती प्रतिवर्ष 17 जुलाई को मनाई जाती है। इस वर्ष 17 जुलाई 2026 को उनकी जयंती पर देशभर के नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
1971 के युद्ध में सेखों ने क्या किया था?
1971 के भारत-पाक युद्ध में फ्लाइंग ऑफिसर सेखों ने अकेले शत्रु के कई अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों का निर्भीकता से मुकाबला किया और पाकिस्तान के एक विमान को मार गिराया। अंतिम क्षण तक लड़ते हुए उन्होंने मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
सेखों की जयंती पर किन-किन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
17 जुलाई को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
परमवीर चक्र क्या है और सेखों को यह क्यों मिला?
परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च सैन्य सम्मान है, जो युद्ध के दौरान असाधारण वीरता के लिए दिया जाता है। फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों को 1971 के भारत-पाक युद्ध में शत्रु विमानों से अकेले लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान देने के लिए मरणोपरांत इस सम्मान से विभूषित किया गया; वे भारतीय वायु सेना के एकमात्र परमवीर चक्र विजेता हैं।
राष्ट्र प्रेस
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