1 जुलाई 2026
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अब्दुल हमीद जयंती पर राष्ट्रीय श्रद्धांजलि: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और 6 मुख्यमंत्रियों ने किया नमन

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अब्दुल हमीद जयंती पर राष्ट्रीय श्रद्धांजलि: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और 6 मुख्यमंत्रियों ने किया नमन

सारांश

परमवीर चक्र से सम्मानित वीर अब्दुल हमीद की जयंती पर 1 जुलाई को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एक्स पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। 1965 के भारत-पाक युद्ध में दुश्मन के टैंकों को ध्वस्त करने वाले इस अमर सेनानी का बलिदान आज भी राष्ट्रीय प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्य बातें

1 जुलाई 2026 को परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद की जयंती पर राष्ट्रव्यापी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर पोस्ट कर हमीद के युद्धकौशल और राष्ट्रनिष्ठा को याद किया।
राजस्थान के भजनलाल शर्मा , उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ , उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी , मध्य प्रदेश के मोहन यादव , दिल्ली की रेखा गुप्ता और हिमाचल प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुक्खू ने श्रद्धांजलि दी।
वीर हमीद ने 1965 के भारत-पाक युद्ध में दुश्मन के टैंकों को नष्ट कर सर्वोच्च बलिदान दिया था।
उन्हें भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से मरणोपरांत विभूषित किया गया था।

परमवीर चक्र से सम्मानित वीर अब्दुल हमीद की जयंती पर 1 जुलाई 2026 को देशभर से राजनीतिक नेतृत्व ने एकजुट होकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला सहित राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने इस अवसर पर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 1965 के भारत-पाक युद्ध में दुश्मन के टैंकों को ध्वस्त करने वाले इस अमर सेनानी का बलिदान आज भी करोड़ों भारतीयों को प्रेरणा देता है।

लोकसभा अध्यक्ष की श्रद्धांजलि

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर लिखा कि 1965 के भारत-पाक युद्ध के अमर योद्धा, कंपनी क्वार्टर मास्टर हवलदार अब्दुल हमीद ने अदम्य साहस, अद्वितीय युद्धकौशल और अटूट राष्ट्रनिष्ठा का परिचय देते हुए दुश्मन के टैंकों को ध्वस्त किया और भारतीय सेना के शौर्य का ऐसा इतिहास रचा जो सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा। उन्होंने कहा कि वीर हमीद का अद्वितीय शौर्य, बलिदान और देशभक्ति का भाव सदैव वंदनीय रहेगा।

मुख्यमंत्रियों की भावभीनी श्रद्धांजलि

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा कि वीर अब्दुल हमीद का अद्वितीय शौर्य और सर्वोच्च बलिदान भारतीय सैन्य इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है, जो देशवासियों को राष्ट्रसेवा एवं देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अदम्य साहस एवं अद्वितीय पराक्रम का परिचय देकर मातृभूमि की रक्षा हेतु सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर अब्दुल हमीद का जीवन युगों-युगों तक सभी को कर्तव्यपथ पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देता रहेगा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर अपनी श्रद्धांजलि में कहा कि वीर शहीद अब्दुल हमीद का अदम्य पराक्रम भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा का अमिट अध्याय है, जो प्रत्येक भारतीय के हृदय में राष्ट्रभक्ति की ज्योति प्रज्वलित करता रहेगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर लिखा कि शहीद अब्दुल हमीद का अद्वितीय शौर्य और सर्वोच्च बलिदान भारतीय सेना की गौरवगाथा का स्वर्णिम अध्याय है और उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर कहा कि वीर अब्दुल हमीद का असाधारण वीरता और अदम्य साहस के साथ राष्ट्ररक्षा में दिया गया सर्वोच्च बलिदान सदैव देशवासियों को प्रेरणा देता रहेगा।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक्स पर पोस्ट किया कि वीर अब्दुल हमीद ने अपने शौर्य से भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कीं और देश उनके अद्वितीय योगदान के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेगा।

वीर अब्दुल हमीद: एक परिचय

कंपनी क्वार्टर मास्टर हवलदार अब्दुल हमीद ने 1965 के भारत-पाक युद्ध में असाधारण वीरता का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन के कई टैंकों को नष्ट किया था। उनकी इस अदम्य वीरता और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से मरणोपरांत विभूषित किया गया। वे भारतीय सैन्य इतिहास में अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक के रूप में सदैव स्मरण किए जाते हैं।

राष्ट्रीय एकता का प्रतीक

गौरतलब है कि विभिन्न राजनीतिक दलों के मुख्यमंत्रियों द्वारा एकसाथ श्रद्धांजलि अर्पित किया जाना यह दर्शाता है कि वीर अब्दुल हमीद का बलिदान किसी एक विचारधारा की सीमाओं से परे, संपूर्ण राष्ट्र की साझी विरासत है। यह ऐसे समय में आया है जब देश अपने सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता के भाव को और अधिक सुदृढ़ कर रहा है। आने वाली पीढ़ियों को वीर हमीद की शौर्यगाथा से प्रेरणा मिलती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

श्रद्धांजलि से परे यह प्रश्न भी उठता है कि क्या परमवीर चक्र विजेताओं के परिजनों और उनके गाँवों को वे ठोस सुविधाएँ मिल रही हैं जिनका वादा बार-बार किया जाता है। स्मरण तभी सार्थक होता है जब वह नीतिगत प्रतिबद्धता में भी परिलक्षित हो।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीर अब्दुल हमीद कौन थे?
वीर अब्दुल हमीद भारतीय सेना के कंपनी क्वार्टर मास्टर हवलदार थे, जिन्होंने 1965 के भारत-पाक युद्ध में असाधारण वीरता से दुश्मन के कई टैंकों को नष्ट किया और देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से विभूषित किया गया।
अब्दुल हमीद जयंती 2026 पर किन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
1 जुलाई 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के साथ-साथ राजस्थान के भजनलाल शर्मा, उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, दिल्ली की रेखा गुप्ता और हिमाचल प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
1965 के युद्ध में अब्दुल हमीद ने क्या किया था?
1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान कंपनी क्वार्टर मास्टर हवलदार अब्दुल हमीद ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए दुश्मन के कई टैंकों को नष्ट किया। मातृभूमि की रक्षा करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसके लिए उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
परमवीर चक्र क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च सैन्य सम्मान है, जो युद्ध के मैदान में असाधारण वीरता और साहस के लिए प्रदान किया जाता है। वीर अब्दुल हमीद को यह सम्मान मरणोपरांत 1965 के युद्ध में उनके अद्वितीय पराक्रम के लिए दिया गया था।
अब्दुल हमीद की जयंती कब मनाई जाती है?
वीर अब्दुल हमीद की जयंती प्रतिवर्ष 1 जुलाई को मनाई जाती है। इस दिन देशभर में उनके बलिदान और शौर्य को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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