3 अक्टूबर 2026
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सेवा संकल्प यात्रा पर BJYM प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा बोले: 40,000 किमी की बाइक यात्रा का चुनाव से कोई वास्ता नहीं

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सेवा संकल्प यात्रा पर BJYM प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा बोले: 40,000 किमी की बाइक यात्रा का चुनाव से कोई वास्ता नहीं

सारांश

BJYM के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने सीतापुर में साफ कहा — वडनगर से काशी और वापस 40,000 किमी की बाइक यात्रा का मकसद सिर्फ सेवा है, चुनाव नहीं। 50 जिलों और 10 रूटों से गुजरती इस यात्रा पर राजनीतिक निशाना साधने वालों को मिश्रा ने सीधा जवाब दिया।

मुख्य बातें

BJYM प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने 3 अक्टूबर 2026 को सीतापुर में प्रेस वार्ता कर 'सेवा संकल्प यात्रा' के उद्देश्य स्पष्ट किए।
यात्रा वडनगर से काशी और काशी से वडनगर — दोनों दिशाओं में एक साथ, 10 अलग-अलग मार्गों पर संचालित हो रही है।
कुल दूरी लगभग 40,000 किलोमीटर ; यात्रा उत्तर प्रदेश के 50 जिलों से होकर गुजरेगी।
मिश्रा ने विधानसभा चुनाव से किसी भी संबंध को स्पष्ट रूप से नकारा ।
यात्री दस प्रमुख नदियों का जल एकत्र कर काशी विश्वनाथ में जलाभिषेक करेंगे।
कांग्रेस के आंतरिक बदलावों पर मिश्रा ने कहा — इससे कोई राजनीतिक परिवर्तन नहीं होगा।

भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने 3 अक्टूबर 2026 को सीतापुर में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए स्पष्ट किया कि 'सेवा संकल्प यात्रा' का उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों से कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार यह यात्रा विशुद्ध रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा-भाव से प्रेरित है और वडनगर से काशी तथा काशी से वडनगर तक बाइक पर लगभग 40,000 किलोमीटर की दूरी तय करती है।

यात्रा का स्वरूप और मार्ग

मिश्रा ने बताया कि यह यात्रा दो दिशाओं में एक साथ संचालित हो रही है — एक दल प्रधानमंत्री की जन्मभूमि वडनगर से उनकी कर्मभूमि काशी की ओर बढ़ रहा है, जबकि दूसरा दल काशी से वडनगर की ओर। उन्होंने बताया कि कुल दस अलग-अलग मार्गों पर पाँच यात्राएँ एक साथ चल रही हैं। इनमें से पाँच यात्राएँ उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर चुकी हैं, जबकि शेष अभी राजस्थान और मुंबई सहित विभिन्न स्थानों से गुजर रही हैं।

मिश्रा ने बताया कि यात्री दस प्रमुख नदियों का जल एकत्र कर काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। यात्रा उत्तर प्रदेश के 50 जिलों से होकर गुजर रही है।

सेवा पर जोर, राजनीतिक उद्देश्य से इनकार

रोहित मिश्रा ने कहा, 'सेवा संकल्प अभियान जो चल रहा है, उसमें भारतीय युवा मोर्चा एक शानदार सेवा यात्रा कर रही है, जो प्रधानमंत्री की जन्मभूमि से कर्मभूमि के लिए तैयार है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस यात्रा का कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है — जो विधानसभा क्षेत्र मार्ग में पड़ेंगे, वह उन विधायकों का सौभाग्य होगा।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और विपक्षी दलों द्वारा इस यात्रा को चुनावी तैयारी से जोड़ा जा रहा था। मिश्रा ने सीधे तौर पर यह धारणा खारिज की।

सीतापुर प्रवास और सांस्कृतिक महत्व

मिश्रा ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से लखीमपुर और सीतापुर में यात्रियों के साथ हैं। उन्होंने सीतापुर को '28,000 ऋषि-मुनियों की तपोभूमि' बताते हुए यहाँ की ऐतिहासिक और पौराणिक विरासत को यात्रियों से परिचित कराने की बात कही। यात्रा का एक रात्रि प्रवास सीतापुर जिले में रहा, जहाँ BJYM की स्थानीय टीम ने अतिथियों के स्वागत और सेवा कार्यक्रमों का आयोजन किया।

कांग्रेस के आंतरिक बदलावों पर प्रतिक्रिया

एक प्रश्न के उत्तर में मिश्रा ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के हालिया आंतरिक बदलावों पर कहा कि इससे कोई राजनीतिक परिवर्तन होने वाला नहीं है। उन्होंने आराधना मिश्रा 'मोना' का नाम लेते हुए कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है और पार्टी जानती है कि किसे बदलकर क्या साधना चाहती है। इस टिप्पणी को राजनीतिक हलकों में कांग्रेस के नेतृत्व पुनर्गठन पर BJP का सीधा जवाब माना जा रहा है।

आगे की दिशा

BJYM की यह यात्रा उत्तर प्रदेश के शेष जिलों से गुजरते हुए अपने निर्धारित गंतव्यों तक पहुँचेगी। यात्रा का समापन दोनों दिशाओं में तीर्थ स्थलों पर जलाभिषेक के साथ होगा। संगठन का कहना है कि इस अभियान के जरिए भाजपा युवा मोर्चा का हर कार्यकर्ता सेवा का संकल्प लेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 किलोमीटर की बाइक यात्रा को 'विशुद्ध सेवा' कहना और उसी साँस में उत्तर प्रदेश के 50 जिलों को कवर करने का उल्लेख करना — यह संयोग कम, रणनीति अधिक लगती है। चुनावी वर्ष में जमीनी संपर्क बढ़ाने का इससे बेहतर तरीका शायद ही हो, भले ही उसे 'सेवा' का आवरण दिया जाए। मिश्रा का यह कहना कि 'जिनकी किस्मत अच्छी होगी, उन विधायकों के क्षेत्र से यात्रा गुजरेगी' — यह वाक्य अनजाने में ही सही, राजनीतिक संदेश दे जाता है। असली सवाल यह है कि क्या संगठनात्मक यात्राएँ और चुनावी तैयारी को अलग-अलग खानों में रखना वास्तव में संभव है — या यह दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं?
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेवा संकल्प यात्रा क्या है?
सेवा संकल्प यात्रा भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की एक बाइक यात्रा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि वडनगर से उनकी कर्मभूमि काशी और काशी से वडनगर तक दोनों दिशाओं में एक साथ चलाई जा रही है। कुल दूरी लगभग 40,000 किलोमीटर बताई गई है और यह 10 अलग-अलग मार्गों पर संचालित है।
सेवा संकल्प यात्रा का विधानसभा चुनाव से क्या संबंध है?
BJYM प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि यात्रा का विधानसभा चुनाव से कोई संबंध नहीं है और इसका उद्देश्य केवल सेवा कार्य है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि चुनावी वर्ष में उत्तर प्रदेश के 50 जिलों में इस तरह का जनसंपर्क राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
यात्रा का धार्मिक और सांस्कृतिक उद्देश्य क्या है?
यात्री दस प्रमुख नदियों का जल एकत्र करेंगे और काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। इसके अलावा यात्रा के दौरान स्थानीय पौराणिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण भी शामिल है।
रोहित मिश्रा ने कांग्रेस के आंतरिक बदलावों पर क्या कहा?
मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के आंतरिक बदलावों से कोई राजनीतिक परिवर्तन नहीं होने वाला, यह पार्टी का आंतरिक मामला है। उन्होंने आराधना मिश्रा 'मोना' का नाम लेते हुए कहा कि पार्टी के लोग उनका स्वागत करेंगे।
BJYM की सेवा संकल्प यात्रा उत्तर प्रदेश में कहाँ-कहाँ से गुजर रही है?
यात्रा उत्तर प्रदेश के 50 जिलों से होकर गुजर रही है। अब तक पाँच यात्राएँ उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर चुकी हैं और लखीमपुर, सीतापुर सहित कई जिलों में रात्रि प्रवास हो चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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