सेवा संकल्प यात्रा: PM मोदी बोले — 'सेवा ही सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति, आचरण से दिखाएं संदेश'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 सितंबर 2026 को सेवा संकल्प अभियान के तहत वडनगर से वाराणसी की ओर निकले दल के साथ संवाद किया और युवाओं से आग्रह किया कि वे सेवा का संदेश उपदेश से नहीं, बल्कि अपने आचरण से दें। उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी बड़ी सत्ता मिले, 'सेवा परमो धर्म:' का भाव हमेशा बना रहना चाहिए।
अभियान का पृष्ठभूमि और महत्व
सेवा संकल्प यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर 2026 से आरंभ किया गया एक व्यापक जनसेवा और सुशासन अभियान है। यह यात्रा मोदी की जन्मभूमि वडनगर से शुरू होकर उनकी कर्मभूमि वाराणसी तक जाती है — दोनों ही हजारों वर्ष पुराने ऐतिहासिक नगर हैं। मोदी ने कहा, वडनगर में हाटकेश्वर महादेव का आशीष है और काशी में बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद — इन दोनों धर्मस्थलों के बीच चल रहा यह सेवा अभियान विशेष रूप से सार्थक है।
PM मोदी के प्रमुख संदेश
प्रधानमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया: 'हमारा काम खुद बोले। हमें सेवा का संदेश सेवा करके देना है, सेवा पर उपदेश देकर नहीं।' उन्होंने इस अवसर पर एक परंपरागत मान्यता का भी उल्लेख किया — जो यात्री लौटते हैं, उन्हें प्रणाम करने वाले को यात्रा के पुण्य का आधा भाग मिलता है। इस भाव को व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, 'आज मैं भी सभी सेवा यात्रियों को प्रणाम करके आपका आधा पुण्य चुरा रहा हूं।'
पर्यावरण संरक्षण की सरल तकनीक
मोदी ने पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाते हुए वृक्षारोपण की एक व्यावहारिक विधि साझा की। उन्होंने सुझाव दिया कि पौधा लगाते समय उसके बगल में पानी से भरा एक मिट्टी का घड़ा रखें जिसका मुँह ऊपर की ओर हो और महीने में एक बार उसे भर दें। उनके अनुसार इस तकनीक से पानी की बचत भी होगी और अधिक पेड़ उगाने में भी सहूलियत मिलेगी।
सरकारी योजनाओं की 'लास्ट-माइल डिलीवरी' पर जोर
प्रधानमंत्री ने पीएम-किसान और पीएम सूर्य घर योजना जैसी अनगिनत सरकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनकी पहचान 'लास्ट-माइल डिलीवरी' यानी अंतिम छोर तक सेवा पहुँचाने के लिए होती है। उन्होंने आयुष्मान योजना और करोड़ों जरूरतमंदों को मुफ्त अनाज वितरण का हवाला देते हुए कहा कि जब सेवाभाव से काम होता है, तभी ऐसी योजनाएं जन्म लेती हैं और असर दिखाती हैं।
युवाओं से विकसित भारत का आह्वान
मोदी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी विकसित भारत की निर्माता भी है और सबसे बड़ी लाभार्थी भी। उनके अनुसार, भारत को जमीन पर जानना, हर वर्ग के सपनों और आकांक्षाओं को समझना — ये सब विकास की नींव हैं। उन्होंने कहा, 'राजनीति अपनी जगह है, चुनाव अपनी जगह — हम तो 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को लेकर निकले हुए लोग हैं।' यह यात्रा उन्हें देश की विविधता, सामाजिक वर्गों और क्षेत्रीय बारीकियों से सीधे जोड़ती है — जो उनके अनुसार किसी भी कक्षा में नहीं सिखाई जा सकती।