24 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सेवा संकल्प यात्रा: PM मोदी बोले — 'सेवा ही सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति, आचरण से दिखाएं संदेश'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सेवा संकल्प यात्रा: PM मोदी बोले — 'सेवा ही सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति, आचरण से दिखाएं संदेश'

सारांश

वडनगर से वाराणसी — मोदी की जन्मभूमि से कर्मभूमि तक चल रही 'सेवा संकल्प यात्रा' महज एक अभियान नहीं, बल्कि उनके 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन का प्रतीकात्मक सारांश है। युवाओं को संदेश साफ है: सेवा उपदेश से नहीं, आचरण से दिखाओ — और 2047 तक विकसित भारत की नींव यहीं से रखो।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 24 सितंबर 2026 को सेवा संकल्प यात्रा दल से संवाद किया और सेवा को सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति बताया।
सेवा संकल्प यात्रा मोदी के 25 वर्षीय सार्वजनिक जीवन के उपलक्ष्य में 17 सितंबर 2026 को वडनगर से प्रारंभ हुई, गंतव्य वाराणसी ।
मोदी ने कहा — 'हमें सेवा का संदेश सेवा करके देना है, उपदेश देकर नहीं।' वृक्षारोपण के लिए मिट्टी के घड़े वाली सरल जल-संचयन तकनीक साझा की।
पीएम-किसान , आयुष्मान योजना और पीएम सूर्य घर योजना को सेवाभाव की उपज बताया।
2047 तक विकसित भारत निर्माण में युवाशक्ति की केंद्रीय भूमिका पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 सितंबर 2026 को सेवा संकल्प अभियान के तहत वडनगर से वाराणसी की ओर निकले दल के साथ संवाद किया और युवाओं से आग्रह किया कि वे सेवा का संदेश उपदेश से नहीं, बल्कि अपने आचरण से दें। उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी बड़ी सत्ता मिले, 'सेवा परमो धर्म:' का भाव हमेशा बना रहना चाहिए।

अभियान का पृष्ठभूमि और महत्व

सेवा संकल्प यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर 2026 से आरंभ किया गया एक व्यापक जनसेवा और सुशासन अभियान है। यह यात्रा मोदी की जन्मभूमि वडनगर से शुरू होकर उनकी कर्मभूमि वाराणसी तक जाती है — दोनों ही हजारों वर्ष पुराने ऐतिहासिक नगर हैं। मोदी ने कहा, वडनगर में हाटकेश्वर महादेव का आशीष है और काशी में बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद — इन दोनों धर्मस्थलों के बीच चल रहा यह सेवा अभियान विशेष रूप से सार्थक है।

PM मोदी के प्रमुख संदेश

प्रधानमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया: 'हमारा काम खुद बोले। हमें सेवा का संदेश सेवा करके देना है, सेवा पर उपदेश देकर नहीं।' उन्होंने इस अवसर पर एक परंपरागत मान्यता का भी उल्लेख किया — जो यात्री लौटते हैं, उन्हें प्रणाम करने वाले को यात्रा के पुण्य का आधा भाग मिलता है। इस भाव को व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, 'आज मैं भी सभी सेवा यात्रियों को प्रणाम करके आपका आधा पुण्य चुरा रहा हूं।'

पर्यावरण संरक्षण की सरल तकनीक

मोदी ने पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाते हुए वृक्षारोपण की एक व्यावहारिक विधि साझा की। उन्होंने सुझाव दिया कि पौधा लगाते समय उसके बगल में पानी से भरा एक मिट्टी का घड़ा रखें जिसका मुँह ऊपर की ओर हो और महीने में एक बार उसे भर दें। उनके अनुसार इस तकनीक से पानी की बचत भी होगी और अधिक पेड़ उगाने में भी सहूलियत मिलेगी।

सरकारी योजनाओं की 'लास्ट-माइल डिलीवरी' पर जोर

प्रधानमंत्री ने पीएम-किसान और पीएम सूर्य घर योजना जैसी अनगिनत सरकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनकी पहचान 'लास्ट-माइल डिलीवरी' यानी अंतिम छोर तक सेवा पहुँचाने के लिए होती है। उन्होंने आयुष्मान योजना और करोड़ों जरूरतमंदों को मुफ्त अनाज वितरण का हवाला देते हुए कहा कि जब सेवाभाव से काम होता है, तभी ऐसी योजनाएं जन्म लेती हैं और असर दिखाती हैं।

युवाओं से विकसित भारत का आह्वान

मोदी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी विकसित भारत की निर्माता भी है और सबसे बड़ी लाभार्थी भी। उनके अनुसार, भारत को जमीन पर जानना, हर वर्ग के सपनों और आकांक्षाओं को समझना — ये सब विकास की नींव हैं। उन्होंने कहा, 'राजनीति अपनी जगह है, चुनाव अपनी जगह — हम तो 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को लेकर निकले हुए लोग हैं।' यह यात्रा उन्हें देश की विविधता, सामाजिक वर्गों और क्षेत्रीय बारीकियों से सीधे जोड़ती है — जो उनके अनुसार किसी भी कक्षा में नहीं सिखाई जा सकती।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि चुनावी और सांस्कृतिक दोनों स्तरों पर सुनियोजित कथा है। 'लास्ट-माइल डिलीवरी' का जिक्र सरकारी योजनाओं की जमीनी विफलताओं पर उठते सवालों के बीच आया है — इसलिए यह संदेश उतना ही प्रशासनिक है जितना प्रेरणादायी। युवाओं को 'विकसित भारत के निर्माता' कहना 2047 के लक्ष्य को एक पीढ़ी से बाँधने की दीर्घकालिक रणनीति है, जिसकी जवाबदेही तंत्र पर अभी भी स्पष्टता नहीं है।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेवा संकल्प यात्रा क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई?
सेवा संकल्प यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर 2026 को शुरू किया गया जनसेवा और सुशासन अभियान है। यह यात्रा मोदी की जन्मभूमि वडनगर से उनकी कर्मभूमि वाराणसी तक जाती है।
PM मोदी ने सेवा संकल्प यात्रा दल को क्या मुख्य संदेश दिया?
PM मोदी ने कहा कि सेवा का संदेश उपदेश से नहीं, बल्कि आचरण से देना चाहिए। उन्होंने 'सेवा परमो धर्म:' के भाव को जीवन में उतारने और चाहे जितनी भी सत्ता मिले, सेवा के रास्ते पर बने रहने का आग्रह किया।
मोदी ने पर्यावरण के लिए कौन-सी सरल तकनीक बताई?
PM मोदी ने पौधे के बगल में मुँह ऊपर कर के रखे पानी से भरे मिट्टी के घड़े की तकनीक साझा की, जिसे महीने में एक बार भरना होता है। उनके अनुसार इससे पानी की बचत होती है और अधिक पेड़ उगाने में मदद मिलती है।
सेवा संकल्प यात्रा का युवाओं के लिए क्या महत्व है?
PM मोदी के अनुसार यह यात्रा युवाओं को भारत की जमीनी हकीकत, विविध सामाजिक वर्गों और क्षेत्रीय आकांक्षाओं से सीधे जोड़ती है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी ही 2047 तक विकसित भारत की निर्माता और सबसे बड़ी लाभार्थी दोनों है।
PM मोदी ने किन सरकारी योजनाओं का उल्लेख सेवाभाव के उदाहरण के तौर पर किया?
PM मोदी ने पीएम-किसान, पीएम सूर्य घर योजना और आयुष्मान योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सेवाभाव से काम करने पर ही इन योजनाओं की 'लास्ट-माइल डिलीवरी' संभव होती है और करोड़ों जरूरतमंदों तक लाभ पहुँचता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 11 घंटे पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 6 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 3 सप्ताह पहले