क्या शाहजहांपुर में फर्जी फर्म बनाकर 1.59 करोड़ की धोखाधड़ी हुई?
सारांश
Key Takeaways
- धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ती संख्या चिंता का विषय है।
- अविवेकी निर्णय लेने से बचें और अपने व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखें।
- पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है।
- जागरूकता से ऐसे अपराधों की रोकथाम संभव है।
- बैंकों में खाता खोलते समय सावधानी बरतें।
शाहजहांपुर, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक युवक के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर 1 करोड़ 59 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला उजागर हुआ है। इस संबंध में पुलिस ने राजस्थान के दो युवकों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की खोज जारी है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि कटरा थाना क्षेत्र के मोहल्ला आतिशीबाजान निवासी मोईद अली ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनके पड़ोसी शोएब ने उन्हें एक अच्छी आमदनी का झांसा देकर उनके नाम पर फर्म खोलने का सुझाव दिया। शोएब की बातों में आकर मोईद अली ने अपने आधार कार्ड, PAN कार्ड और मोबाइल नंबर खुदागंज निवासी सीए भूपेंद्र को दे दिए।
पीड़ित ने बताया कि इसके बाद उनके मोबाइल पर कई OTP आए, जिन्हें उन्होंने शोएब को दे दिया। आरोप है कि इन दस्तावेजों और OTP का दुरुपयोग करते हुए आरोपियों ने 'प्लेटीनम राइट होम प्रिल' नाम से एक फर्जी फर्म बना दी और इसके कागजात मोईद अली को सौंप दिए। इसके बाद आरोपियों ने मोईद अली के नाम पर कई बैंकों में लिमिटेड खाता खुलवाया और फिर उसे दिल्ली ले जाकर इन खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का फर्जी लेन-देन किया।
जब मोईद अली को इस धोखाधड़ी का पता चला और उन्होंने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया।
पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर शोएब, नागेंद्र, भूपेंद्र, राजस्थान निवासी अजहरुद्दीन, अजबदीन, अलीशा फरदीन समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
तिलहर की क्षेत्राधिकारी ज्योति यादव ने बताया कि मामले की सूचना मिलने पर जांच की गई तो पाया गया कि पीड़ित मोईद अली सही बोल रहा है, जिसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी शोएब और राजस्थान के अजाबदीन तथा अजहरुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर चुकी हैं और मामले की जांच जारी है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की गई तो पता चला कि ये लोग लोगों को अधिक पैसे का झांसा देकर इस तरह जालसाजी करने का प्रयास करते रहते हैं। आरोपियों की पहचान पर इनके ग्रुप के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की जा रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन लोगों ने इस राशि का कहां इस्तेमाल किया है।