5 अक्टूबर 2026
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शायना एनसी का कांग्रेस पर वार: 'भारत नहीं, पाकिस्तान है अलग-थलग'; मणिशंकर अय्यर और राहुल गांधी को घेरा

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शायना एनसी का कांग्रेस पर वार: 'भारत नहीं, पाकिस्तान है अलग-थलग'; मणिशंकर अय्यर और राहुल गांधी को घेरा

सारांश

शिवसेना की शायना एनसी ने मणिशंकर अय्यर के 'भारत अलग-थलग' वाले बयान को उलट दिया — जी20, क्वाड और ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देते हुए कहा कि असल में पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कटा हुआ है। साथ ही दिग्विजय सिंह और राहुल गांधी पर भी तीखा पलटवार किया।

मुख्य बातें

शायना एनसी ने 5 अक्टूबर 2026 को मुंबई में मणिशंकर अय्यर के 'भारत अलग-थलग' बयान को सिरे से खारिज किया।
उन्होंने जी20 अध्यक्षता , क्वाड समिट , ग्लोबल साउथ समिट और इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर को भारत की कूटनीतिक मज़बूती का प्रमाण बताया।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के आतंकवाद-विरोधी रुख को अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला — शशि थरूर के नेतृत्व वाले संसदीय प्रतिनिधिमंडल का भी उल्लेख किया।
दिग्विजय सिंह पर आरोप — 1989 में स्वयं रामशिला पूजा में शामिल हुए, बाद में उसी धन पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी पर एमपीएससी परीक्षा विवाद में नकारात्मक रुख अपनाने का आरोप।
पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करने की माँग पर सुवेंदु अधिकारी के बयान का समर्थन; उत्तराखंड-गुजरात मॉडल का हवाला।

शिवसेना नेता शायना एनसी ने 5 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कांग्रेस नेताओं मणिशंकर अय्यर, दिग्विजय सिंह और राहुल गांधी के हालिया बयानों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने भारत की विदेश नीति, राम मंदिर से जुड़े चंदे और एमपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर कांग्रेस नेताओं की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि वास्तव में पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ा है, भारत नहीं।

भारत की विदेश नीति पर अय्यर के बयान का खंडन

मणिशंकर अय्यर के उस दावे पर कि भारत पहले कभी इतना अलग-थलग नहीं पड़ा, शायना एनसी ने कहा कि कांग्रेस नेता को पिछले कुछ वर्षों की कूटनीतिक उपलब्धियों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि भारत ने पिछले दो वर्षों में जी20 अध्यक्षता, क्वाड समिट, ग्लोबल साउथ समिट और इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर जैसे अहम मंचों पर अपनी स्थिति सुदृढ़ की है।

शायना ने सवाल उठाया कि यदि भारत इतना अलग-थलग है, तो जी20 में करीब 100 देशों की भागीदारी को किस दृष्टि से देखा जाए। उनके अनुसार, मध्य पूर्व और यूरोप के साथ भारत के संबंध लगातार प्रगाढ़ हुए हैं।

ऑपरेशन सिंदूर और अंतरराष्ट्रीय समर्थन

शायना एनसी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी वैश्विक समुदाय ने आतंकवाद के विरुद्ध भारत के रुख को समझा और उसे मान्यता दी। उन्होंने कांग्रेस नेता शशि थरूर के नेतृत्व में विदेशों में गए संसदीय प्रतिनिधिमंडलों का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान के आतंकवाद-समर्थन के खिलाफ भारत की स्थिति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिला।

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष भारत की वैश्विक साख पर लगातार सवाल उठा रहा है। शायना के अनुसार, वास्तविकता यह है कि पाकिस्तान आज अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में कहीं अधिक अलग-थलग है।

दिग्विजय सिंह पर राम मंदिर चंदे को लेकर निशाना

दिग्विजय सिंह द्वारा रामशिला और राम मंदिर से जुड़े चंदे पर सवाल उठाने को लेकर शायना ने कहा कि उन्हें अपनी पुरानी टिप्पणियाँ याद करनी चाहिए। शायना के अनुसार, 1989 में दिग्विजय सिंह स्वयं रामशिला पूजा में शामिल हुए थे, जबकि बाद में उन्होंने रामशिला यात्रा और राम यात्रा के लिए जुटाए गए धन पर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2021 में दिग्विजय सिंह ने विश्व हिंदू परिषद के वित्तीय लेखे-जोखे पर भी प्रश्नचिह्न लगाया था।

राहुल गांधी और एमपीएससी विवाद

एमपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों पर राहुल गांधी की टिप्पणी के संदर्भ में शायना ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सरकार, प्रशासन, चुनाव आयोग, ईवीएम और अन्य संस्थाओं पर लगातार नकारात्मक टिप्पणियाँ करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता देश के सकारात्मक पहलुओं को रेखांकित करने के बजाय हर मुद्दे पर नकारात्मक रुख अपनाते हैं।

पश्चिम बंगाल में यूसीसी और सुवेंदु अधिकारी को समर्थन

पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की माँग पर सुवेंदु अधिकारी के बयान का शायना एनसी ने समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में 'लव जिहाद', 'लैंड जिहाद' और धर्म परिवर्तन जैसे मुद्दे सामने आते रहे हैं। शायना के अनुसार, उत्तराखंड और गुजरात की तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी यूसीसी लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए, जिससे राज्य की सांस्कृतिक धरोहर, मंदिरों और मठों की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था और सुदृढ़ होगी।

गौरतलब है कि यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब भारत-पाकिस्तान संबंधों और घरेलू राजनीतिक विमर्श को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच तनाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक बहस और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु यह उस बौद्धिक बहस को टाल देती है जो भारत की विदेश नीति के लिए ज़रूरी है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शायना एनसी ने मणिशंकर अय्यर के किस बयान पर आपत्ति जताई?
मणिशंकर अय्यर ने कहा था कि भारत पहले कभी इतना अलग-थलग नहीं पड़ा। शायना एनसी ने इसे खारिज करते हुए जी20 अध्यक्षता, क्वाड समिट और इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर जैसी उपलब्धियों का हवाला दिया और कहा कि वास्तव में पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग है।
ऑपरेशन सिंदूर से शायना एनसी का क्या तात्पर्य था?
शायना एनसी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वैश्विक समुदाय ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को समझा और उसे व्यापक समर्थन मिला। उन्होंने शशि थरूर के नेतृत्व में विदेशों में गए संसदीय प्रतिनिधिमंडलों को इसका प्रमाण बताया।
दिग्विजय सिंह और रामशिला चंदे के विवाद में शायना का क्या कहना है?
शायना एनसी ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह 1989 में स्वयं रामशिला पूजा में शामिल हुए थे, लेकिन बाद में उन्होंने रामशिला यात्रा और राम यात्रा के लिए जुटाए गए धन पर सवाल उठाए। 2021 में भी उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के हिसाब-किताब पर आपत्ति जताई थी।
पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करने पर शायना एनसी का क्या रुख है?
शायना एनसी ने सुवेंदु अधिकारी के यूसीसी समर्थक बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और गुजरात की तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी यूसीसी लागू होनी चाहिए, जिससे राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और कानून-व्यवस्था मजबूत होगी।
राहुल गांधी और एमपीएससी विवाद पर शायना ने क्या कहा?
शायना एनसी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी एमपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों समेत हर मुद्दे पर सरकार, चुनाव आयोग और संस्थाओं की नकारात्मक आलोचना करते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश की सकारात्मकताओं को रेखांकित करने की बजाय नकारात्मक रुख अपनाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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