18 अक्टूबर 2026
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जोधपुर में शेखावत की जनसुनवाई, दुर्गा अष्टमी पर देशवासियों को दी शुभकामनाएं

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जोधपुर में शेखावत की जनसुनवाई, दुर्गा अष्टमी पर देशवासियों को दी शुभकामनाएं

सारांश

दुर्गा अष्टमी पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर में जनसुनवाई कर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। वहीं कोलकाता में गृह मंत्री अमित शाह ने चोरबगान पंडाल की भगदड़ के बाद चार पंडाल यात्राएं रद्द कर कालिघाट मंदिर में पूजा की।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 18 अक्टूबर 2026 को जोधपुर में आवास पर जनसुनवाई आयोजित की।
शेखावत ने दुर्गा अष्टमी पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और राष्ट्र विकास संकल्पों की शक्ति की प्रार्थना की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता के चोरबगान पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति के बाद चार पंडाल यात्राएं रद्द कीं।
शाह ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और BJP अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य के साथ कालिघाट मंदिर में पूजा-अर्चना की।
दुर्गा पूजा महिषासुर पर देवी दुर्गा की विजय का उत्सव है — बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक।

केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 18 अक्टूबर 2026 को जोधपुर स्थित अपने आवास पर जनसुनवाई आयोजित की और दुर्गा अष्टमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रार्थना की कि देवी दुर्गा सभी को राष्ट्र के विकास संकल्पों को पूरा करने की शक्ति दें और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण हों।

मंत्री का संबोधन

पत्रकारों से बातचीत में शेखावत ने कहा, 'दिव्य शक्ति की आराधना का यह त्योहार, देवी दुर्गा की पूजा और उनके सभी नौ रूपों की उपासना का यह पर्व पूरे देश में और दुनिया के उन तमाम देशों में जहाँ भारतीय संस्कृति का प्रभाव है, बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।' उन्होंने आगे कहा, 'देश में करोड़ों लोगों ने नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की पूजा की है और संकल्प के साथ व्रत रखे हैं। सभी का संकल्प पूरा हो, यही मेरी कामना है।'

कोलकाता में अमित शाह की पूजा

इसी बीच, कोलकाता में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चोरबगान पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने के बाद चार दुर्गा पूजा पंडालों की अपनी निर्धारित यात्राएं रद्द कर दीं। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और राज्य भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य की मौजूदगी में कालिघाट मंदिर में पूजा-अर्चना की।

दुर्गा पूजा का महत्व

दुर्गा पूजा हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है जो भैंस राक्षस महिषासुर पर देवी दुर्गा की विजय का उत्सव है — बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक। इस पर्व में देवी को दस भुजाओं वाली योद्धा के रूप में दर्शाया जाता है, जिन्हें संयुक्त दिव्य शक्तियों ने सृजित किया। यह त्योहार शक्ति अर्थात सर्वोच्च दिव्य स्त्री ऊर्जा का सम्मान करता है और ब्रह्मांडीय व्यवस्था तथा धर्म की पुनर्स्थापना का संदेश देता है।

कृषि और प्रकृति से जुड़ाव

दुर्गा पूजा आंशिक रूप से एक फसल उत्सव के रूप में भी मनाई जाती है। सप्तमी पर 'नबपत्रिका' जैसे अनुष्ठान प्रजनन क्षमता, प्रकृति और कृषि के उत्सव का प्रतीक हैं। यह पर्व भारत समेत विश्व के उन देशों में जहाँ भारतीय प्रवासी बड़ी संख्या में हैं, धूमधाम से मनाया जाता है।

आगे क्या

नवरात्रि के समापन के साथ नवमी और दशमी (विजयादशमी) के आयोजन बड़े पैमाने पर होने की उम्मीद है। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था के निर्देश जारी किए हैं, विशेषकर कोलकाता में चोरबगान की घटना के मद्देनज़र।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सांस्कृतिक जुड़ाव और प्रशासनिक पहुँच का मिश्रण है। कोलकाता में चोरबगान की भगदड़ जैसी घटना यह याद दिलाती है कि बड़े पंडाल आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की चूक गंभीर परिणाम दे सकती है। राष्ट्रीय नेताओं की दुर्गा पूजा यात्राएं — विशेषकर बंगाल में — राजनीतिक संदेश और सांस्कृतिक कूटनीति दोनों का काम करती हैं, जिसे मीडिया कवरेज में अक्सर महज उत्सव समाचार की तरह पेश किया जाता है।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर में क्या किया?
शेखावत ने 18 अक्टूबर 2026 को जोधपुर स्थित अपने आवास पर जनसुनवाई आयोजित की और दुर्गा अष्टमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रार्थना की कि देवी दुर्गा राष्ट्र विकास के संकल्पों को पूरा करने की शक्ति प्रदान करें।
अमित शाह ने कोलकाता में पंडाल यात्राएं क्यों रद्द कीं?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चोरबगान पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने के बाद चार दुर्गा पूजा पंडालों की निर्धारित यात्राएं रद्द कर दीं। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और BJP अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य के साथ कालिघाट मंदिर में पूजा-अर्चना की।
दुर्गा अष्टमी का क्या महत्व है?
दुर्गा अष्टमी नवरात्रि का आठवाँ दिन है, जब देवी दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना होती है। यह पर्व महिषासुर पर देवी की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव है।
दुर्गा पूजा किस बात का प्रतीक है?
दुर्गा पूजा भैंस राक्षस महिषासुर पर देवी दुर्गा की विजय का उत्सव है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत और ब्रह्मांडीय व्यवस्था की पुनर्स्थापना का प्रतीक है। यह शक्ति — सर्वोच्च दिव्य स्त्री ऊर्जा — के सम्मान का पर्व भी है और आंशिक रूप से एक फसल उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है।
नबपत्रिका अनुष्ठान क्या है और यह कब होता है?
नबपत्रिका सप्तमी के दिन किया जाने वाला एक विशेष अनुष्ठान है जो नौ पौधों के प्रतीक के माध्यम से प्रजनन क्षमता, प्रकृति और कृषि का उत्सव मनाता है। यह दुर्गा पूजा की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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