क्या श्रवण कुमार ने कांग्रेस पर तंज कसा- राहुल गांधी के चुनावी कैंपेन से पार्टी को होगा नुकसान?
सारांश
Key Takeaways
- प्रियंका गांधी की नियुक्ति पर विवादित बयान
- राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल
- कांग्रेस का भरोसा जनता में कम हो रहा है
- राजनीतिक बयानों का महत्व
- बीएमसी चुनावों में मतदाताओं का निर्णय
पटना, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस पार्टी ने सांसद प्रियंका गांधी को असम की स्क्रीनिंग कमेटी का प्रमुख नियुक्त किया है, जिस पर बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने तंजजनता ने इन्हें नकार दिया है।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि प्रियंका गांधी, राहुल गांधी या कोई अन्य, इससे देश की जनता को कोई फर्क नहीं पड़ता। जनता समझ चुकी है कि इनकी नेतृत्व क्षमता पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राहुल गांधी में विश्वास हो सकता है, परंतु देश की जनता ने उन पर विश्वास खो दिया है। जहां भी वे चुनावी कैंपेन करेंगे, वहां उनकी पार्टी की हार सुनिश्चित है।
उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य के विवादित बयानों पर श्रवण कुमार ने कहा कि वहां की सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए। यदि राज्य सरकार कार्रवाई नहीं करती, तो केंद्र सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। यह बयान बिहार की महिलाओं की गरिमा का अपमान है।
राहुल गांधी द्वारा इंदौर में दूषित पानी के मुद्दे उठाने पर श्रवण कुमार ने कहा कि जब देश में गंभीर मुद्दे हैं, तब विदेश यात्रा प्राथमिकता नहीं होनी चाहिए। इंदौर की घटनाओं पर उन्होंने कहा कि सरकार को पीड़ितों की सहायता करनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कदम उठाने चाहिए।
बीएमसी चुनाव पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि अंतिम निर्णय मतदाताओं के हाथ में है। पार्टियां केवल उम्मीदवार को टिकट देती हैं।
बांग्लादेशी क्रिकेटर को केकेआर से रिलीज किए जाने पर श्रवण कुमार ने कहा कि पड़ोसी देशों से अच्छे संबंध होना जरूरी है।