क्या शुभांशु शुक्ला के नाम पर स्कॉलरशिप का ऐलान, सीएम योगी ने कहा- भारत की विकास यात्रा में प्रदेश सहभागी?

सारांश
Key Takeaways
- शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा ने उन्हें एक नई पहचान दी।
- सीएम योगी ने छात्रों के लिए स्कॉलरशिप की घोषणा की।
- प्रदेश में स्पेस टेक्नोलॉजी के कोर्सेज का विस्तार हो रहा है।
- प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत का सपना छात्रों को प्रेरित करता है।
- युवाओं के लिए अंतरिक्ष यात्रा एक नई दिशा है।
लखनऊ, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा के बाद पहली बार लखनऊ का दौरा किया। उनके स्वागत के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने नागरिक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पेस टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए शुभांशु शुक्ला के नाम पर स्कॉलरशिप की घोषणा की।
सीएम योगी ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग से शुभांशु शुक्ला के अनुभव का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि 3 से 4 वर्ष पहले प्रदेश में स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े किसी भी विश्वविद्यालय या संस्थान में न तो पाठ्यक्रम था, न सिलेबस, न डिग्री, न डिप्लोमा और न ही कोई सर्टिफिकेट कोर्स। वर्तमान में, प्रदेश के दर्जन भर से अधिक तकनीकी संस्थानों में स्पेस टेक्नोलॉजी पर कोर्सेज चलाए जा रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि भारत की विकास यात्रा में प्रदेश के संस्थान सक्रिय रूप से शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक देश को विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। इसे साकार करने के लिए सभी विकास क्षेत्रों को खोला जाना चाहिए, जहां आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं। शुभांशु शुक्ला के पिता प्रदेश सरकार के सचिवालय प्रशासन में अधिकारी थे। उनके इस गौरवपूर्ण मार्ग पर चलते हुए, उनके पुत्र ने न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
उन्होंने 18 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा में पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की। उनकी यात्रा की महत्वपूर्णता और उद्देश्य स्पष्ट होता है। इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन से बातचीत में शुभांशु शुक्ला की यात्रा और भविष्य के प्रयोगों पर चर्चा की गई। ग्रुप कैप्टन ने 18 दिनों में पूरी पृथ्वी का दौरा किया, जो किसी आम नागरिक के लिए अविश्वसनीय अनुभव है। उनका यह अनुभव भविष्य में उत्तर प्रदेश और देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। स्पेस टेक्नोलॉजी के उपयोग से प्राकृतिक आपदाओं का प्रबंधन और किसानों की आय में वृद्धि संभव है।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष में बिताए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि जब आप पहली बार स्पेस स्टेशन पर पहुंचते हैं, तो आपका शरीर माइक्रोग्रेविटी का अनुभव करता है। आपके शरीर में कई बदलाव आते हैं, जैसे रक्त का सिर में आ जाना, जिससे सिर बड़ा हो जाता है। आपका हृदय धीमा हो जाता है और पेट में जो भी होता है, वह भी फ्लोट करने लगता है।
उन्होंने कहा कि लखनऊ में उनका स्वागत दिल्ली से दोगुना था। यहां के स्नेह और प्यार को देखकर उन्होंने समझा कि 'मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं' का असली अर्थ क्या है। यहां पर केवल आज ही 2,000 से ज्यादा सेल्फी ली गई। उनके मिशन के बाद देश में जो उत्साह बना, उसकी शुरुआत यहीं उत्तर प्रदेश से की जाए। उन्होंने बच्चों के लिए संदेश दिया कि 2040 तक उनमें से कोई न कोई चाँद पर जरूर जाएगा।