भारतीय शेयर बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच लाल निशान में खुला, सेंसेक्स में 300 अंकों की गिरावट

Click to start listening
भारतीय शेयर बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच लाल निशान में खुला, सेंसेक्स में 300 अंकों की गिरावट

सारांश

भारतीय शेयर बाजार ने आज गिरावट के साथ शुरुआत की है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ी है। जानें किन सेक्टरों में बढ़त और गिरावट आई है। क्या यह गिरावट स्थायी है?

Key Takeaways

  • सेंसेक्स में 300 अंकों की गिरावट हुई है।
  • निफ्टी में महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर 24,500 है।
  • आईटी सेक्टर में 1.23 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।
  • विदेशी निवेशकों ने पिछले सत्र में 3,752 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।
  • निवेशकों को संयम बरतने की सलाह दी जा रही है।

मुंबई, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने गिरावट के साथ लाल निशान में प्रवेश किया।

इस दौरान, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले समापन (80,015.90) से 356.91 अंकों या 0.45 प्रतिशत की कमी के साथ 79,658.99 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी भी अपने पिछले समापन (24,765.90) से 109.50 अंक या 0.44 प्रतिशत गिरकर 24,656.40 पर खुला।

खबर लिखे जाने के समय (सुबह 9.30 बजे के लगभग), सेंसेक्स 316.09 अंकों यानी 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79,699.81 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि निफ्टी 86.60 (0.35 प्रतिशत) अंक गिरकर 24,679.30 पर कारोबार कर रहा था।

शुरुआती कारोबार में व्यापक बाजार सूचकांकों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.48 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.64 प्रतिशत की बढ़त देखी गई।

सेक्टर के अनुसार, निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.23 प्रतिशत की सबसे अधिक तेजी देखी गई, जबकि निफ्टी ऑटो (0.60 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (0.02 प्रतिशत) और निफ्टी बैंक (0.85 प्रतिशत) में गिरावट आई।

यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले कारोबारी दिन गुरुवार को घरेलू बाजार ने लगातार चार दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए तेजी के साथ हरे निशान में शुरुआत की और अच्छी बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में, सेंसेक्स 899.71 अंक या 1.14 प्रतिशत बढ़कर 80,015.90 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 285.40 अंक या 1.17 प्रतिशत बढ़कर 24,765.90 पर बंद हुआ।

चॉइस ब्रोकिंग के तकनीकी अनुसंधान विश्लेषक आकाश शाह ने बताया कि निफ्टी में 24,550 से 24,500 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24,850 का स्तर निकटतम रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 37.55 पर है, जो ओवरसोल्ड स्तर से ऊपर उठने के बाद बाजार में धीरे-धीरे सुधार के संकेत दे रहा है।

मार्केट विशेषज्ञ शाह ने बताया कि पिछले सत्र में विदेशी निवेशकों (एफआईआई) ने लगातार पांचवें सत्र में बिकवाली जारी रखते हुए लगभग 3,752 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। दूसरी ओर, घरेलू निवेशकों (डीआईआई) ने सातवें दिन भी खरीदारी जारी रखी और 5,000 करोड़ रुपए से अधिक के शेयर खरीदे। इससे विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद बाजार को कुछ सहारा मिला।

विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ती बाजार अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों को संयम और सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गिरावट के दौरान मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देना बेहतर रहेगा।

नई खरीदारी की रणनीति तब ही बनानी चाहिए जब निफ्टी 25,000 के स्तर के ऊपर स्पष्ट और मजबूत ब्रेकआउट दे। ऐसा होने पर बाजार में तेजी की भावना मजबूत होगी और एक स्थायी बुलिश ट्रेंड की पुष्टि हो सकती है।

Point of View

जो वैश्विक आर्थिक संकेतों की कमजोरी का संकेत है। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

भारतीय शेयर बाजार में क्यों गिरावट आई है?
वैश्विक संकेतों में कमजोरी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण बाजार में गिरावट आई है।
निफ्टी का महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर क्या है?
निफ्टी में 24,550 से 24,500 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है।
क्या निवेशकों को अभी खरीदारी करनी चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि नई खरीदारी तब करनी चाहिए जब निफ्टी 25,000 के स्तर के ऊपर स्पष्ट ब्रेकआउट दे।
Nation Press