सिक्किम अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का सफल समापन, 29 से अधिक फिल्मों का हुआ प्रदर्शन
सारांश
Key Takeaways
- सिक्किम अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का सफल समापन।
- 29 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन।
- सिक्किम की संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास।
- स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन।
- नई तकनीकों को सीखने का अवसर।
गंगटोक, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सिक्किम अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का सफल समापन हो चुका है। यह महोत्सव 19 मार्च से लेकर 22 मार्च तक आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य सिक्किम की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय सिनेमा को भी प्रोत्साहित करना था।
इस फिल्म फेस्टिवल में 29 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और दर्शकों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई।
सिक्किम अंतरराष्ट्रीय महोत्सव के बारे में बात करते हुए, सूचना एवं जनसंपर्क सचिव अन्नपूर्णा एले ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "जैसा कि मैंने पहले दिन कहा, महोत्सव की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सिक्किम की एक या दो फिल्में वैश्विक या राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना पाएं। अगर किसी फिल्म को कोई निर्माता या वितरक खरीद लेता है, तो यह हमारी सबसे बड़ी सफलता होगी। मैं इससे ज्यादा की उम्मीद नहीं कर रही हूं। शायद एक फिल्म भी हमारे लिए एक बड़ी शुरुआत होगी।"
सिक्किम सिनेमा पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, "यहां छोटे स्तर पर फिल्में बनती हैं, और अधिकांश निर्माता अपनी फिल्मों को सिक्किम तक ही सीमित रखते हैं। फिल्मों को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर लाना अत्यंत आवश्यक है। कुछ निर्माता और निर्देशक ही ऐसे हैं जो सिक्किम से बाहर निकलकर काम कर पाते हैं, लेकिन कुछ ही फिल्मों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल पाती है। हमारी कोशिश है कि धीरे-धीरे, लेकिन लगातार, सिक्किम की फिल्मों को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर लाया जाए।"
उन्होंने आगे कहा, "सिक्किम अंतरराष्ट्रीय महोत्सव के माध्यम से, यहां के लोगों को बाहर के सिनेमा निर्माताओं से मिलने का अवसर मिलेगा और नई तकनीकों को सीखने का मौका भी मिलेगा।"
वहीं, अभिनेत्री श्यामा श्री शेरपा ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "मैं अपने अनुभव के आधार पर कह सकती हूं कि सरकार और विभाग की ओर से यह एक सराहनीय पहल है। मैं विभाग को धन्यवाद देना चाहूंगी कि उन्होंने सिक्किम अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव जैसे मंच को हमें उपलब्ध कराया।"
अभिनेत्री श्यामा श्री शेरपा ने यह भी कहा कि महोत्सव में कई निर्देशकों और वितरकों ने भाग लिया, लेकिन अगली बार कास्टिंग डायरेक्टर को भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि हमें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।