सिम्बेक्स-2026: भारत-सिंगापुर नौसेनाओं का 33वां संयुक्त युद्धाभ्यास विशाखापत्तनम में शुरू
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय नौसेना और सिंगापुर गणराज्य नौसेना (RSN) के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास 'सिम्बेक्स-2026' का 33वाँ संस्करण 21 अक्टूबर 2026 को विशाखापत्तनम में आधिकारिक रूप से शुरू हो गया। 26 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस अभ्यास में पनडुब्बी-रोधी युद्ध, वायु खतरा प्रबंधन और संयुक्त समुद्री अभियानों में परिचालन तालमेल को मज़बूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह अभ्यास हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत और सिंगापुर की साझा सामरिक प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
उद्घाटन समारोह और प्रमुख उपस्थिति
अभ्यास में भाग लेने के लिए सिंगापुर नौसेना का युद्धपोत आरएसएस सुप्रीम (RSS Supreme) 21 अक्टूबर को विशाखापत्तनम बंदरगाह पहुँचा। उद्घाटन समारोह भारतीय नौसेना के युद्धपोतों आईएनएस नीलगिरि (INS Nilgiri) और आईएनएस कमोर्टा (INS Kamorta) पर आयोजित किया गया।
समारोह में पूर्वी नौसेना कमान के मुख्य स्टाफ अधिकारी (संचालन), सिंगापुर नौसेना के बेड़ा कमांडर तथा दोनों देशों के वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
अभ्यास की संरचना: दो चरण, छह दिन
सिम्बेक्स-2026 को दो स्पष्ट चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण में 21 से 23 अक्टूबर तक विशाखापत्तनम बंदरगाह पर गतिविधियाँ होंगी, जिनमें नौसैनिक अधिकारियों के बीच पेशेवर चर्चा, विशेषज्ञ विचार-विमर्श, दोनों देशों के युद्धपोतों का पारस्परिक भ्रमण, खेलकूद और संयुक्त अभियान योजना-बैठकें शामिल हैं।
दूसरे चरण में 24 से 26 अक्टूबर तक बंगाल की खाड़ी में समुद्री अभ्यास होंगे, जहाँ वास्तविक परिचालन परिस्थितियों के अनुरूप सामरिक युद्धाभ्यास किए जाएंगे। इसमें पनडुब्बियों का पता लगाना व उनसे निपटना, सतही जहाज़-विरोधी कार्रवाई, वायु खतरा प्रतिरोध और युद्धपोत संचालन शामिल होंगे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 1994 से लगातार जारी सहयोग
यह अभ्यास 1994 में 'एक्सरसाइज लायन किंग' के नाम से प्रारंभ हुआ था। तीन दशकों में यह एक संस्थागत समुद्री सहयोग ढाँचे में विकसित हो चुका है। गौरतलब है कि यह सिम्बेक्स का 33वाँ संस्करण है — जो इसकी निरंतरता और दोनों नौसेनाओं के मध्य परस्पर विश्वास की गहराई को रेखांकित करता है।
यह ऐसे समय में आया है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा चुनौतियाँ और क्षेत्रीय तनाव बढ़ रहे हैं। भारत और सिंगापुर, दोनों ही इस क्षेत्र में स्वतंत्र और खुले समुद्री मार्गों के समर्थक रहे हैं।
हिंद-प्रशांत में भारत की समुद्री रणनीति
सिम्बेक्स श्रृंखला भारत की व्यापक 'एक्ट ईस्ट' नीति का एक सक्रिय घटक है, जिसके तहत भारतीय नौसेना दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ सामरिक सहयोग को नियमित रूप से आगे बढ़ाती है। इस अभ्यास के ज़रिए दोनों नौसेनाएं एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को गहराई से समझ सकती हैं और संयुक्त अभियानों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित कर सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के नियमित अभ्यास न केवल द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना में भारत की भूमिका को भी मज़बूत करते हैं। अभ्यास के समापन के बाद दोनों देश हिंद-प्रशांत में स्थिरता बनाए रखने की अपनी साझा प्रतिबद्धता की औपचारिक पुष्टि करेंगे।