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सिम्बेक्स-2026: बंगाल की खाड़ी में भारत-सिंगापुर नौसेना का पनडुब्बी व हवाई खतरा-रोधी युद्धाभ्यास

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सिम्बेक्स-2026: बंगाल की खाड़ी में भारत-सिंगापुर नौसेना का पनडुब्बी व हवाई खतरा-रोधी युद्धाभ्यास

सारांश

बंगाल की खाड़ी में भारत और सिंगापुर की नौसेनाएँ 'सिम्बेक्स-2026' के समुद्री चरण में पनडुब्बी-रोधी, सतह-युद्ध और वायु-रक्षा परिदृश्यों में संयुक्त अभियान चला रही हैं। 1994 से चला आ रहा यह वार्षिक अभ्यास हिंद-प्रशांत में दोनों देशों की समुद्री साझेदारी की पक्की नींव है।

मुख्य बातें

सिम्बेक्स-2026 का समुद्री चरण 24 से 26 अक्टूबर 2026 तक बंगाल की खाड़ी में चल रहा है।
अभ्यास में पनडुब्बी-रोधी युद्ध, सतह-युद्ध और हवाई खतरा-रोधी परिदृश्यों का अभ्यास शामिल है।
सिंगापुर का युद्धपोत आरएसएस सुप्रीम तथा भारतीय युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि और आईएनएस कमोर्टा इसमें भाग ले रहे हैं।
पहला बंदरगाह चरण 21 से 23 अक्टूबर को विशाखापत्तनम में आयोजित हुआ।
यह अभ्यास 1994 में 'एक्सरसाइज लायन किंग' के नाम से शुरू हुआ था और तब से द्विपक्षीय समुद्री सहयोग का प्रमुख माध्यम है।

भारतीय नौसेना और सिंगापुर गणराज्य नौसेना (Republic of Singapore Navy) के युद्धपोत बंगाल की खाड़ी में द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास 'सिम्बेक्स-2026' के समुद्री चरण के अंतर्गत संयुक्त अभियान चला रहे हैं। इस अभ्यास में पनडुब्बियों का पता लगाने, दुश्मन के सतही युद्धपोतों से मुकाबला करने और हवाई हमलों के विरुद्ध प्रतिक्रिया देने की क्षमताओं का परीक्षण हो रहा है। 24 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ हुआ यह समुद्री चरण 26 अक्टूबर 2026 को समाप्त होगा।

समुद्री चरण में क्या हो रहा है

अभ्यास के दूसरे और अंतिम चरण में दोनों नौसेनाएं वास्तविक ऑपरेशनल परिस्थितियों के अनुरूप सामरिक गतिविधियाँ अंजाम दे रही हैं। इसमें पनडुब्बी-रोधी युद्ध (Anti-Submarine Warfare), सतह-युद्ध (Surface Warfare) और वायु-रक्षा (Air Defence) के परिदृश्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जहाजों के सामरिक युद्धाभ्यास के जरिए दोनों नौसेनाएं समुद्र में आपसी तालमेल और संचालन-संगतता (operational interoperability) को भी मजबूत कर रही हैं।

मुख्य घटनाक्रम और पहला चरण

यह अभ्यास 21 अक्टूबर 2026 को विशाखापत्तनम में आरंभ हुआ था। इसमें भाग लेने के लिए सिंगापुर नौसेना का युद्धपोत आरएसएस सुप्रीम (RSS Supreme) विशाखापत्तनम पहुँचा था। उद्घाटन समारोह भारतीय नौसेना के युद्धपोतों आईएनएस नीलगिरि (INS Nilgiri) और आईएनएस कमोर्टा (INS Kamorta) पर आयोजित हुआ, जिसमें पूर्वी नौसेना कमान के मुख्य स्टाफ अधिकारी (संचालन), सिंगापुर नौसेना के बेड़ा कमांडर और दोनों देशों के वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

पहले चरण (21 से 23 अक्टूबर) में विशाखापत्तनम बंदरगाह पर पेशेवर चर्चाओं, विशेषज्ञ विचार-विमर्श, युद्धपोतों के पारस्परिक दौरे और संयुक्त अभियान-योजना बैठकों का आयोजन किया गया।

तीन दशक पुराना नौसैनिक सहयोग

भारत और सिंगापुर के बीच इस नौसैनिक अभ्यास की नींव 1994 में 'एक्सरसाइज लायन किंग' के रूप में पड़ी थी। यह ऐसे समय में आया है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर बहुपक्षीय सहयोग की माँग लगातार बढ़ रही है। तीन दशकों में यह अभ्यास दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग का सबसे महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।

रणनीतिक महत्व

'सिम्बेक्स-2026' का उद्देश्य केवल युद्ध-कौशल का प्रदर्शन नहीं है — यह हिंद-प्रशांत में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था के प्रति भारत और सिंगापुर की साझा प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। गौरतलब है कि बंगाल की खाड़ी हिंद महासागर के प्रमुख व्यापारिक मार्गों में से एक है, और इस क्षेत्र में किसी भी संभावित खतरे से निपटने की तैयारी का सीधा असर क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ता है।

अभ्यास का अंतिम दिन 26 अक्टूबर 2026 को है, जिसके बाद दोनों नौसेनाएं अपने-अपने संचालन मूल्यांकन और समीक्षा प्रक्रिया में जुटेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सिंगापुर जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण साझेदार के साथ भारत की संचालन-संगतता की परीक्षा है। सवाल यह है कि इस अभ्यास से मिले सबक क्या वास्तव में संयुक्त संचालन प्रोटोकॉल में परिलक्षित होते हैं — या यह वार्षिक कैलेंडर की एक रस्म बनकर रह जाता है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिम्बेक्स-2026 क्या है?
सिम्बेक्स-2026 भारतीय नौसेना और सिंगापुर गणराज्य नौसेना के बीच वार्षिक द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है, जिसका समुद्री चरण 24 से 26 अक्टूबर 2026 तक बंगाल की खाड़ी में चल रहा है। इसमें पनडुब्बी-रोधी युद्ध, सतह-युद्ध और हवाई खतरा-रोधी अभ्यास शामिल हैं।
सिम्बेक्स अभ्यास कब से चला आ रहा है?
यह अभ्यास 1994 में 'एक्सरसाइज लायन किंग' के नाम से शुरू हुआ था। तीन दशकों में यह भारत और सिंगापुर के बीच समुद्री सहयोग का सबसे महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।
सिम्बेक्स-2026 में कौन से युद्धपोत भाग ले रहे हैं?
इस अभ्यास में भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि और आईएनएस कमोर्टा तथा सिंगापुर नौसेना का युद्धपोत आरएसएस सुप्रीम भाग ले रहे हैं। उद्घाटन समारोह विशाखापत्तनम में आयोजित हुआ था।
सिम्बेक्स-2026 का पहला चरण कैसा था?
पहला चरण 21 से 23 अक्टूबर 2026 को विशाखापत्तनम बंदरगाह पर आयोजित हुआ, जिसमें पेशेवर चर्चाएँ, विशेषज्ञ विचार-विमर्श, युद्धपोतों के दौरे और संयुक्त अभियान-योजना बैठकें शामिल थीं।
यह अभ्यास हिंद-प्रशांत सुरक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
सिम्बेक्स-2026 हिंद-प्रशांत में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था के प्रति भारत और सिंगापुर की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। बंगाल की खाड़ी प्रमुख व्यापारिक मार्गों से जुड़ी है, जिससे इस क्षेत्र में संयुक्त युद्ध-तैयारी का रणनीतिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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