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सीतापुर में अतिवृष्टि से बाढ़ जैसे हालात, डीएम डॉ. राजागणपति और एसपी अंकुर अग्रवाल ने किया निरीक्षण

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सीतापुर में अतिवृष्टि से बाढ़ जैसे हालात, डीएम डॉ. राजागणपति और एसपी अंकुर अग्रवाल ने किया निरीक्षण

सारांश

सीतापुर में लगातार भारी बारिश ने पूर्णागिरी मोहल्ले सहित कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। डीएम डॉ. राजागणपति और एसपी अंकुर अग्रवाल ने रात में उतरकर खुद मोर्चा संभाला — प्रभावित लोग अब रैन बसेरों और स्कूलों में हैं, और 3 इंजन पानी निकालने में लगे हैं।

मुख्य बातें

सीतापुर जिले में लगातार अतिवृष्टि से 26 सितंबर 2026 को कई क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने।
और एसपी अंकुर अग्रवाल ने पूर्णागिरी मोहल्ले व बिसवां चौराहे का संयुक्त निरीक्षण किया।
प्रभावित नागरिकों को रैन बसेरों, धर्मशालाओं और स्कूलों में स्थानांतरित किया जा रहा है; खाने-पीने की व्यवस्था प्रशासन कर रहा है।
जल निकासी के लिए 3 इंजन लगाए गए हैं; नगर पालिका और एसडीएम को विशेष निर्देश दिए गए।
नागरिकों को यूपी डायल-112 पर संपर्क करने और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह।

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण 26 सितंबर 2026 को कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। जिलाधिकारी (डीएम) डॉ. राजागणपति आर. और पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंकुर अग्रवाल ने शुक्रवार देर रात व शनिवार को संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय दौरा किया और राहत व बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए।

निरीक्षण के दौरान क्या मिला

दोनों वरिष्ठ अधिकारी सबसे पहले शहर के पूर्णागिरी मोहल्ले पहुँचे, जहाँ जलभराव की गंभीर स्थिति देखने को मिली। उन्होंने स्थानीय निवासियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएँ सुनीं। इसके बाद सिधौली तहसील क्षेत्र के बिसवां चौराहे का निरीक्षण किया गया, जहाँ भी जलभराव की स्थिति बनी हुई थी।

डीएम डॉ. राजागणपति ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है और पूर्णागिरी मोहल्ले में पानी भरा है। उन्होंने कहा कि पहले से पंप लगाकर जल निकासी की व्यवस्था की गई थी, लेकिन लगातार बारिश के चलते फिर जलभराव हो गया। इसके निदान के लिए अब 3 इंजन लगाकर पानी निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रभावित लोगों के लिए राहत प्रबंध

जिला प्रशासन ने प्रभावित नागरिकों को रैन बसेरों, धर्मशालाओं और स्कूलों में स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। खाने-पीने की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की जा रही है। नगर पालिका और एसडीएम को जल निकासी और राहत कार्यों में तेज़ी लाने के निर्देश दिए गए हैं। राहत शिविरों में राशन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने पर विशेष ज़ोर दिया गया है।

गौरतलब है कि बाढ़ प्रभावित गाज़र इलाकों पर भी प्रशासन की पैनी नज़र बनी हुई है, जहाँ संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

पुलिस अलर्ट मोड पर

एसपी अंकुर अग्रवाल ने कहा कि पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

आम जनता से अपील

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अफ़वाहों पर ध्यान न दें और नदी-नालों, जर्जर भवनों तथा जलभराव वाले इलाकों के पास जाने से बचें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता के लिए यूपी डायल-112 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मानसून की अंतिम बेला में भी भारी बारिश जारी है। सीतापुर प्रशासन ने संकेत दिया है कि जब तक बारिश रुकती नहीं, राहत व बचाव कार्य प्राथमिकता पर जारी रहेंगे और स्थिति की निरंतर समीक्षा होती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि पहले से लगाए गए पंप लगातार बारिश में नाकाफ़ी क्यों पड़े। उत्तर प्रदेश में हर मानसून यही चक्र दोहराया जाता है — जलभराव, निरीक्षण, राहत शिविर — और स्थायी जल निकासी ढाँचा वर्षों से उपेक्षित रहता है। तीन इंजन और अस्थायी राहत तात्कालिक ज़रूरत पूरी कर सकते हैं, लेकिन दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन बिना टिकाऊ नालों और नदी-तटबंधों के संभव नहीं। जब तक बुनियादी ढाँचे में निवेश नहीं होगा, सीतापुर जैसे जिले हर सितंबर में इसी स्थिति में होंगे।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीतापुर में अतिवृष्टि से कौन-से इलाके प्रभावित हैं?
सीतापुर जिले के पूर्णागिरी मोहल्ले और सिधौली तहसील के बिसवां चौराहे समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति है। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित गाज़र इलाके भी प्रशासन की निगरानी में हैं।
प्रभावित लोगों के लिए क्या राहत व्यवस्था की गई है?
प्रभावित नागरिकों को रैन बसेरों, धर्मशालाओं और स्कूलों में भेजा जा रहा है। खाने-पीने, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएँ जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जलभराव दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
जल निकासी के लिए 3 इंजन लगाए गए हैं। नगर पालिका और एसडीएम को प्रभावी ढंग से जल निकासी संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आपात स्थिति में सीतापुर के नागरिक कहाँ संपर्क करें?
किसी भी आपात स्थिति में नागरिक यूपी डायल-112 पर तत्काल सहायता के लिए संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने अफ़वाहों से बचने और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की भी सलाह दी है।
सीतापुर में बाढ़ की निगरानी कौन कर रहा है?
जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. और पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें अलर्ट मोड पर हैं और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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