क्या सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में पीएम मोदी का खास वीडियो है? यह हमारी आध्यात्मिक परंपरा का सशक्त प्रतीक
सारांश
Key Takeaways
- सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन 8 से 11 जनवरी 2026 तक होगा।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओंकार मंत्र का जाप करेंगे।
- यह पर्व सोमनाथ मंदिर की ऐतिहासिकता और बलिदान को दर्शाता है।
- शौर्य यात्रा में 108 घोड़ों का जुलूस निकलेगा।
- सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार सरदार पटेल द्वारा किया गया था।
नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10-11 जनवरी को गुजरात के सोमनाथ दौरे पर रहेंगे और 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का हिस्सा बनेंगे। 10 जनवरी को शाम लगभग 8 बजे प्रधानमंत्री ओंकार मंत्र का जाप करेंगे और उसके बाद सोमनाथ मंदिर में ड्रोन शो का आनंद लेंगे。
इस यात्रा से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें मंदिर के भव्य और ऐतिहासिक रूप को दर्शाया गया है। इस वीडियो में प्रसिद्ध गायक हंसराज रघुवंशी की आवाज में एक भावुक गीत भी शामिल है।
वीडियो साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “भगवान श्री सोमनाथ सृष्टि के कण-कण में विराजते हैं। उनकी अखंड आस्था अनंत काल से निरंतर प्रवाहित हो रही है। वे सदैव भारत की आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रतीक रहेंगे।”
सोमनाथ की यात्रा को लेकर पीएम मोदी ने लिखा, “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व हमारी आध्यात्मिक परंपरा का एक सशक्त प्रतीक है, जिसे देशभर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कल रात करीब 8 बजे सोमनाथ मंदिर में ओंकार मंत्र के दिव्य जाप का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिलेगा। इसके अगले दिन सुबह लगभग 9:45 बजे मां भारती के अनगिनत वीर संतानों को समर्पित शौर्य यात्रा में शामिल होकर मंदिर में दर्शन एवं पूजन करूंगा। इसके बाद एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने का अवसर भी मिलेगा।”
प्रधानमंत्री 11 जनवरी को सुबह लगभग 9:45 बजे शौर्य यात्रा में भाग लेंगे। यह औपचारिक जुलूस उन अनगिनत योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए है, जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। इस यात्रा में 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकलेगा, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक बनेगा।
इसके बाद लगभग 10:15 बजे प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। लगभग 11 बजे वे सोमनाथ में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेंगे और उसे संबोधित करेंगे।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 8 से 11 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। यह पर्व उन असंख्य नागरिकों की याद में मनाया जा रहा है, जिन्होंने मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान दिया और जो आने वाली पीढ़ियों की सांस्कृतिक चेतना को प्रेरित करते रहेंगे।
यह कार्यक्रम 1026 ईस्वी में महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए आक्रमण की 1,000वीं वर्षगांठ पर आयोजित किया जा रहा है। सदियों से इसे नष्ट करने के कई प्रयास किए जाने के बावजूद, सोमनाथ मंदिर आज भी आस्था और राष्ट्रीय गौरव का एक शक्तिशाली प्रतीक बना हुआ है, जिसका श्रेय इसके प्राचीन वैभव में पुनर्स्थापना के सामूहिक संकल्प और प्रयासों को जाता है।
स्वतंत्रता के बाद मंदिर के जीर्णोद्धार का प्रयास सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा किया गया। इस पुनरुद्धार यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव 1951 में आया, जब जीर्णोद्धार किए गए सोमनाथ मंदिर को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में भक्तों के लिए औपचारिक रूप से खोला गया।
2026 में इस ऐतिहासिक जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूरे होने से 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का विशेष महत्व और बढ़ गया है। इस समारोह में देशभर से सैकड़ों संत भाग लेंगे।