10 अक्टूबर 2026
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सोपोर के जंगल में बड़ा हथियार जखीरा बरामद: 2 असॉल्ट राइफलें, 3 IED और ग्रेनेड लॉन्चर मिला

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सोपोर के जंगल में बड़ा हथियार जखीरा बरामद: 2 असॉल्ट राइफलें, 3 IED और ग्रेनेड लॉन्चर मिला

सारांश

सोपोर के घने जंगल में छिपाया गया यह हथियार जखीरा महज एक बरामदगी नहीं — यह एक बड़े आतंकी षड्यंत्र की संभावित कड़ी है। असॉल्ट राइफलों से लेकर रिमोट-कंट्रोल IED और ग्रेनेड लॉन्चर तक की इस खेप ने सुरक्षा बलों की सतर्कता को एक बार फिर साबित किया है।

मुख्य बातें

10 अक्टूबर 2026 को सोपोर के मुकाम चेरहार जंगल में सुरक्षा बलों ने बड़ा हथियार जखीरा बरामद किया।
दो असॉल्ट राइफलें , चार पिस्तौलें , एक मल्टी ग्रेनेड लॉन्चर (5 राउंड), 11 हैंड ग्रेनेड और तीन रिमोट-कंट्रोल IED जब्त किए गए।
बरामदगी में आठ डेटोनेटर , दो टाइमर , प्राइमा कॉर्ड और IED से जुड़े अन्य पुर्जे भी शामिल।
बोमाई पुलिस स्टेशन में UAPA की धाराओं 13, 18, 20, 23 , आर्म्स एक्ट 7/25 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 5 के तहत FIR दर्ज।
बरामद सामग्री के स्रोत और संभावित आतंकी नेटवर्क का पता लगाने के लिए जाँच जारी।

जम्मू-कश्मीर के सोपोर इलाके में सुरक्षा बलों को 10 अक्टूबर 2026 को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी, जब खुफिया सूचना पर चलाए गए तलाशी अभियान में बोमाई पुलिस स्टेशन क्षेत्र के मुकाम चेरहार के जंगल से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, ग्रेनेड और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। अधिकारियों के अनुसार यह बरामदगी सोपोर पुलिस के आतंकवाद-विरोधी अभियानों की अब तक की बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

अभियान कैसे चला

सोपोर पुलिस को मिली विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर बोमाई पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले मुकाम चेरहार के घने जंगल में घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान एक बड़े पत्थर के नीचे छिपाकर रखा गया नीला बैरल और एक बैग मिला, जिनमें हथियार और विस्फोटक सामग्री भरी हुई थी।

संदिग्ध विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित तरीके से संभालने के लिए तत्काल बम निरोधक दस्ते (BDS) को मौके पर बुलाया गया। दस्ते ने सामग्री की जाँच कर उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त किया।

बरामद हथियारों का ब्योरा

अधिकारियों ने बताया कि बरामद शस्त्र-भंडार में निम्नलिखित सामग्री शामिल है:

दो असॉल्ट राइफलें — सात मैगजीन और गोला-बारूद के साथ; चार पिस्तौलें — चार मैगजीन और गोला-बारूद के साथ; एक मल्टी ग्रेनेड लॉन्चर — पाँच राउंड के साथ; 11 हैंड ग्रेनेड; रिमोट कंट्रोल वाले तीन इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED); आठ डेटोनेटर; और दो टाइमर।

इसके अलावा प्राइमा कॉर्ड, तार, बैटरी सेल तथा IED से जुड़े अन्य पुर्जे भी बरामद किए गए, जो कथित तौर पर किसी बड़ी कार्रवाई की तैयारी का संकेत देते हैं।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में बोमाई पुलिस स्टेशन में यूएपीए (UAPA) की धाराओं 13, 18, 20 और 23, आर्म्स एक्ट की धारा 7/25 तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 5 के अंतर्गत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। यह कानूनी धाराएँ आतंकी षड्यंत्र, हथियार रखने और विस्फोटक सामग्री के अवैध भंडारण से संबंधित गंभीर अपराधों को आच्छादित करती हैं।

जाँच की दिशा

अधिकारियों के अनुसार बरामद सामग्री के स्रोत और स्वामित्व का पता लगाने के लिए जाँच जारी है। पुलिस टीमें हथियारों को छिपाने में शामिल संभावित व्यक्तियों की पहचान करने और किसी बड़े आतंकी नेटवर्क तक पहुँचने की कोशिश में लगी हैं। संभावित आतंकवादी संबंधों की भी पड़ताल की जाएगी।

गौरतलब है कि सोपोर उत्तरी कश्मीर का एक संवेदनशील क्षेत्र रहा है, और यहाँ इस तरह के हथियार भंडार की बरामदगी बड़े पैमाने पर आतंकी गतिविधियों को रोकने की दिशा में एक अहम कड़ी मानी जा रही है। यह बरामदगी ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बल आतंक-विरोधी अभियानों को और सघन कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें हमले से पहले दूरदराज के जंगलों में हथियार छिपाए जाते हैं। रिमोट-कंट्रोल IED और टाइमर की मौजूदगी बताती है कि यह खेप केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि किसी नियोजित कार्रवाई के लिए जमा की गई थी। सवाल यह है कि खुफिया तंत्र ने इसे कब और कैसे भाँपा — और क्या ऐसे और भंडार अभी भी इलाके में मौजूद हैं। जम्मू-कश्मीर में बढ़ते आतंक-विरोधी अभियानों के बावजूद हथियारों की तस्करी और उनके भंडारण के नए नेटवर्क सुरक्षा प्रतिष्ठान के लिए एक गहरी चुनौती बने हुए हैं।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोपोर के जंगल में क्या बरामद किया गया?
10 अक्टूबर 2026 को सोपोर के मुकाम चेरहार जंगल से दो असॉल्ट राइफलें, चार पिस्तौलें, एक मल्टी ग्रेनेड लॉन्चर, 11 हैंड ग्रेनेड, तीन रिमोट-कंट्रोल IED, आठ डेटोनेटर और दो टाइमर सहित भारी हथियार और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। एक बड़े पत्थर के नीचे छिपाए गए नीले बैरल और एक बैग में यह सामग्री रखी थी।
यह अभियान कैसे शुरू हुआ?
सोपोर पुलिस को मिली विशेष खुफिया सूचना के आधार पर बोमाई पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत मुकाम चेरहार के जंगल में घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया गया। संदिग्ध विस्फोटक की पहचान के बाद बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया।
इस मामले में कौन-सी धाराओं के तहत FIR दर्ज हुई है?
बोमाई पुलिस स्टेशन में UAPA की धाराओं 13, 18, 20 और 23, आर्म्स एक्ट की धारा 7/25 तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 5 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। ये धाराएँ आतंकी षड्यंत्र, हथियार रखने और विस्फोटक के अवैध भंडारण से संबंधित हैं।
आगे की जाँच किस दिशा में होगी?
पुलिस बरामद हथियारों के स्रोत, उनके स्वामित्व और इन्हें छिपाने में शामिल व्यक्तियों की पहचान पर ध्यान केंद्रित कर रही है। संभावित आतंकी नेटवर्क से जुड़ाव की भी पड़ताल की जाएगी।
सोपोर में इस तरह की बरामदगी का क्या महत्व है?
सोपोर उत्तरी कश्मीर का एक संवेदनशील क्षेत्र रहा है जहाँ आतंकी गतिविधियों का इतिहास है। रिमोट-कंट्रोल IED, टाइमर और ग्रेनेड लॉन्चर जैसी सामग्री की बरामदगी बड़े पैमाने पर नियोजित हमले की आशंका को इंगित करती है, जिसे सुरक्षा बलों ने समय रहते नाकाम किया।
राष्ट्र प्रेस
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