नारायणपुर में BSF का बड़ा ऑपरेशन: नक्सली हथियारों का भारी जखीरा बरामद, 44 BGL गोले मौके पर नष्ट
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सीमा सुरक्षा बल (BSF) की सोनपुर बटालियन ने शुक्रवार, 18 जुलाई 2025 को कादर गांव के समीप वन क्षेत्र में एक विशेष तलाशी अभियान चलाया और नक्सलियों द्वारा जमीन में दबाकर छिपाए गए हथियारों, गोला-बारूद, संचार उपकरणों एवं चिकित्सा सामग्री का भारी जखीरा बरामद किया। बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मौके पर ही 44 बीजीएल (BGL) गोले को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया।
अभियान की पृष्ठभूमि
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एक विश्वसनीय मुखबिर से मिली विशिष्ट सूचना के आधार पर BSF सोनपुर बटालियन की टीम ने कादर गांव के निकट जंगली इलाके में तलाशी शुरू की। बम निरोधक दस्ते ने संदिग्ध स्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया और खुदाई करने पर नक्सलियों का एक सुनियोजित भूमिगत हथियार भंडार उजागर हुआ। गौरतलब है कि नारायणपुर को आधिकारिक रूप से नक्सल-मुक्त जिला घोषित किए जाने के बावजूद सुरक्षा बल इस क्षेत्र में नियमित तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं।
बरामद हथियार और सामग्री
खुदाई में मिले जखीरे में एक .303 राइफल, छह .315 राइफलें, एक 12-बोर बंदूक और दो बीजीएल लॉन्चर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 33 12-बोर कारतूस, 91 एचडी कारतूस, 46 रिम्ड 7.62 मिमी (.303) कारतूस और नौ 7.62 मिमी कारतूस भी बरामद हुए।
संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में एक आरएफ डिटेक्टर, एक एंटीना, दो हेलिकल एंटीना और एक आईईडी ऑपरेटिंग मैकेनिज्म मिला। अन्य सामग्री में एक नक्सली वर्दी, 17 राइफल स्लिंग, चार मैगजीन पाउच, दो होंडा जनरेटर मैनुअल और बड़ी मात्रा में नक्सली साहित्य व पत्र शामिल हैं।
चिकित्सा सामग्री में इन्फ्यूजन सेट सहित एक डीएनएस बोतल, 26 सिंगल-यूज डिस्पो-वैन सिरिंज, एक सर्जिकल ड्रेसिंग पैड और दो दर्द निवारक मलहम पाए गए। इसके अलावा छह 100 ग्राम फेविकोल ट्यूब, 14 बॉलपॉइंट पेन, सात पेपर कटर, दो ड्रिल बिट, एक क्रेप बैंडेज और एक ज्योमेट्री भी बरामद हुई।
44 BGL गोले मौके पर निष्क्रिय
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद 44 बीजीएल गोलों — जिनमें 24 बड़े और 20 छोटे गोले शामिल थे — को सुरक्षा कारणों से मौके पर ही नियंत्रित विस्फोट के ज़रिए नष्ट कर दिया गया। इन्हें जब्त सामग्री की आधिकारिक सूची में इसीलिए शामिल नहीं किया गया है। शेष बरामद सामग्री के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नक्सल-मुक्त क्षेत्र में सुरक्षा की चुनौती
यह बरामदगी ऐसे समय में हुई है जब नारायणपुर को नक्सल-मुक्त घोषित किए जाने के बाद भी सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्कता बरकरार रखे हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन अभियानों का उद्देश्य नक्सलियों द्वारा पहले से छिपाए गए हथियारों और विस्फोटकों को ढूंढकर नष्ट करना और क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति सुनिश्चित करना है। यह बरामदगी दर्शाती है कि भले ही सक्रिय नक्सली उपस्थिति कम हुई हो, उनके पुराने हथियार भंडार अभी भी खतरा बने हुए हैं। आगामी हफ्तों में इस क्षेत्र में और तलाशी अभियान जारी रहने की संभावना है।