छत्तीसगढ़: नारायणपुर में सुरक्षा बलों ने ₹1.10 करोड़ नकद और 3 AK-47 समेत भारी हथियार बरामद किए

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छत्तीसगढ़: नारायणपुर में सुरक्षा बलों ने ₹1.10 करोड़ नकद और 3 AK-47 समेत भारी हथियार बरामद किए

सारांश

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में 'माड़ बचाओ अभियान' के तहत सुरक्षा बलों ने ₹1.10 करोड़ नकद, तीन AK-47 राइफल, IED सामग्री और संचार उपकरण बरामद किए। 2025-26 में अब तक 270 हथियारों की जब्ती नक्सल विरोधी रणनीति की बढ़ती धार को दर्शाती है।

मुख्य बातें

नारायणपुर में 'माड़ बचाओ अभियान' के तहत ₹1,10,64,000 नकद बरामद, जो नक्सलियों के वित्तीय नेटवर्क का हिस्सा माना जा रहा है।
बरामदगी में तीन AK-47 , तीन SLR राइफल , INSAS, .303 हथियार, दो BGL लॉन्चर और 100 से अधिक गोले शामिल।
5 किलो सॉल्टपीटर , इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर और कॉर्डेक्स वायर जब्त; नक्सलियों की IED निर्माण क्षमता को बड़ा झटका।
मोटोरोला सेट और वॉकी-टॉकी बरामद होने से नक्सलियों का संचार नेटवर्क बाधित।
2025-26 में अब तक 270 हथियार बरामद; DRG, STF, ITBP और BSF की संयुक्त टीमों ने अभियान चलाया।

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले नारायणपुर में सुरक्षा बलों ने 12 मई 2026 को एक संयुक्त अभियान के दौरान ₹1,10,64,000 नकद और 28 प्रकार की नक्सल सामग्री बरामद की, जिसमें तीन AK-47 राइफल, तीन SLR राइफल और सैकड़ों जिंदा कारतूस शामिल हैं। यह कार्रवाई 'माड़ बचाओ अभियान' के तहत की गई, जो क्षेत्र से नक्सलवाद को समाप्त करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

अभियान का विवरण और बरामदगी

नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया ने पुष्टि की कि जिला रिजर्व गार्ड (DRG), स्पेशल टास्क फोर्स (STF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की संयुक्त टीमों ने यह अभियान दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों में चलाया। अभियान का मुख्य उद्देश्य नक्सलियों द्वारा हथियार और धन छिपाने के लिए बनाए गए गुप्त ठिकानों का पता लगाना और उन्हें नष्ट करना था।

सबसे बड़ी बरामदगी ₹1,10,64,000 नकद की रही, जिसे अधिकारियों के अनुसार नक्सलियों के वित्तीय नेटवर्क का अहम हिस्सा माना जा रहा है। यह राशि नक्सल संगठनों की 'लेवी' और आपूर्ति श्रृंखला को वित्त पोषित करने में उपयोग होती है।

हथियार और विस्फोटक सामग्री

बरामद हथियारों में तीन AK-47 राइफल, तीन SLR राइफल, INSAS और .303 हथियार शामिल हैं। इसके अलावा सैकड़ों जिंदा कारतूस, कई मैगजीन और दो इम्प्रोवाइज्ड BGL लॉन्चर तथा 100 से अधिक गोले भी जब्त किए गए।

सुरक्षा बलों ने इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, कई बंडल कॉर्डेक्स वायर और लगभग 5 किलो सॉल्टपीटर (पोटैशियम नाइट्रेट) भी जब्त किया। अधिकारियों का कहना है कि इससे नक्सलियों की IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने की क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है।

संचार नेटवर्क पर चोट

'मोटोरोला सेट' और 'वॉकी-टॉकी' जैसे उच्च गुणवत्ता वाले संचार उपकरणों की बरामदगी से नक्सलियों की आपसी संपर्क व्यवस्था भी बाधित हुई है। गौरतलब है कि यह अभियान मजबूत खुफिया नेटवर्क और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से संभव हुआ, जो कभी नक्सलियों के मजबूत गढ़ माने जाते थे।

व्यापक संदर्भ और आगे की राह

अधिकारियों ने बताया कि 2025-26 के दौरान अब तक 270 हथियारों की बरामदगी इस क्षेत्र में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा रणनीति की प्रभावशीलता को दर्शाती है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर बस्तर संभाग में नक्सल उन्मूलन अभियान को निर्णायक मोड़ देने की कोशिश में हैं।

सर्च अभियान अभी जारी है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे जंगलों में छिपी किसी भी संदिग्ध वस्तु की जानकारी तुरंत स्थानीय अधिकारियों को दें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या ये अभियान नक्सल भर्ती और विचारधारा की जड़ों पर भी वैसी ही चोट कर पा रहे हैं — क्योंकि बिना सामाजिक-आर्थिक पुनर्वास के, हथियार जब्ती एक अंतहीन चक्र बन सकती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नारायणपुर में नक्सल बरामदगी में क्या-क्या मिला?
सुरक्षा बलों ने ₹1,10,64,000 नकद, तीन AK-47 राइफल, तीन SLR राइफल, INSAS और .303 हथियार, दो BGL लॉन्चर, 100 से अधिक गोले, इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, 5 किलो सॉल्टपीटर और संचार उपकरण बरामद किए। यह कार्रवाई 'माड़ बचाओ अभियान' के तहत की गई।
माड़ बचाओ अभियान क्या है?
'माड़ बचाओ अभियान' छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए चलाया जा रहा संयुक्त सुरक्षा अभियान है। इसमें DRG, STF, ITBP और BSF की टीमें मिलकर दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में गुप्त ठिकानों को नष्ट करती हैं।
इस अभियान में कौन-कौन से सुरक्षा बल शामिल थे?
जिला रिजर्व गार्ड (DRG), स्पेशल टास्क फोर्स (STF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की संयुक्त टीमों ने यह अभियान चलाया। नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया ने इसकी पुष्टि की।
2025-26 में नारायणपुर में कुल कितने हथियार बरामद हुए हैं?
अधिकारियों के अनुसार 2025-26 के दौरान अब तक इस क्षेत्र में कुल 270 हथियार बरामद किए जा चुके हैं, जो नक्सल विरोधी सुरक्षा रणनीति की बढ़ती प्रभावशीलता को दर्शाता है।
नक्सलियों की IED बनाने की क्षमता पर इस बरामदगी का क्या असर पड़ा?
5 किलो सॉल्टपीटर (पोटैशियम नाइट्रेट), इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर और कॉर्डेक्स वायर की जब्ती से नक्सलियों की IED निर्माण क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे उनकी विस्फोटक आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है।
राष्ट्र प्रेस