3 अगस्त 2026
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नारायणपुर के मसपुर-गुद्रपाल जंगल से BSF ने बरामद किया हथियारों का बड़ा जखीरा

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नारायणपुर के मसपुर-गुद्रपाल जंगल से BSF ने बरामद किया हथियारों का बड़ा जखीरा

सारांश

LWE-मुक्त घोषित हो चुके नारायणपुर के जंगल में BSF को मिला हथियारों का बड़ा जखीरा — BGL लॉन्चर, सात बंदूकें और 37 राउंड गोला-बारूद। 31 मार्च 2026 की घोषणा के बाद भी सुरक्षा बल सतर्क हैं, क्योंकि पुरानी उग्रवादी गतिविधियों की छाया अभी पूरी तरह मिटी नहीं है।

मुख्य बातें

BSF की 'ई' कंपनी ने 16 जून 2026 को नारायणपुर के मसपुर-गुद्रपाल वन क्षेत्र में हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया।
जब्त सामग्री में एक देसी BGL लॉन्चर , 7 BGL बंदूकें , 1 12-बोर राइफल , 37 राउंड गोला-बारूद , 15 मीटर तार और 5 थैलियाँ शामिल हैं।
नारायणपुर को 31 मार्च 2026 को आधिकारिक रूप से LWE-मुक्त घोषित किया जा चुका है, फिर भी तलाशी अभियान जारी हैं।
प्रारंभिक जाँच के अनुसार हथियार काफी समय पहले जंगल में छिपाए गए थे ।
अधिकारियों ने आगे भी संयुक्त तलाशी अभियान जारी रखने का आश्वासन दिया है।

सीमा सुरक्षा बल (BSF) की एक बटालियन की 'ई' कंपनी ने 16 जून 2026 को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के मसपुर-गुद्रपाल वन क्षेत्र में विशेष तलाशी अभियान के दौरान हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा छिपा हुआ जखीरा बरामद किया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब नारायणपुर को 31 मार्च 2026 को आधिकारिक रूप से वामपंथी उग्रवाद (LWE) मुक्त जिला घोषित किया जा चुका है।

अभियान का विवरण

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मसपुर शिविर के आसपास के घने जंगल में गश्त के दौरान सुरक्षाकर्मियों को एक संदिग्ध स्थान दिखा। तुरंत उस क्षेत्र को घेरकर गहन तलाशी शुरू की गई, जिसके परिणामस्वरूप पहले से छिपाया गया यह जखीरा सामने आया। सभी बरामद सामग्री को मौके पर ही जब्त कर लिया गया।

बरामद हथियार और सामग्री

जब्त की गई सामग्री में शामिल हैं — एक देसी BGL लॉन्चर, सात BGL बंदूकें, एक 12 बोर राइफल, 12 बोर गोला-बारूद के 37 राउंड, 15 मीटर तार और पाँच थैलियाँ। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जाँच से संकेत मिलता है कि ये हथियार काफी समय पहले जंगल में छिपाए गए थे।

LWE-मुक्त घोषणा के बाद भी सतर्कता जारी

गौरतलब है कि नारायणपुर को LWE-मुक्त घोषित किए जाने के बावजूद, नारायणपुर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने दूरस्थ एवं वन क्षेत्रों में नियमित संयुक्त तलाशी अभियान जारी रखे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पुरानी उग्रवादी गतिविधियों के दौरान छिपाए गए हथियार, विस्फोटक और अन्य सामग्री अभी भी जंगलों में मौजूद हो सकती है, जो दीर्घकालिक शांति के लिए खतरा बन सकती है।

सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया

वरिष्ठ अधिकारियों ने इस अभियान को एक बड़ी सफलता बताया है। उनके अनुसार, यह बरामदगी जिले में सुरक्षा माहौल को और मजबूत करेगी। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस कार्रवाई से शेष उपद्रवी तत्वों को कड़ा संदेश मिलेगा और प्रशासन की स्थायी शांति बनाए रखने की प्रतिबद्धता पर जनता का विश्वास भी मजबूत होगा।

आगे क्या होगा

नारायणपुर पुलिस और BSF ने आश्वासन दिया है कि आने वाले दिनों में भी इस तरह के गहन संयुक्त तलाशी अभियान जारी रहेंगे, ताकि किसी भी असामाजिक तत्व या छिपी हुई सामग्री को नज़रअंदाज़ न किया जा सके। यह अभियान क्षेत्र में टिकाऊ शांति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बारूदी सुरंगें, गोला-बारूद — प्रशासनिक घोषणाओं से बहुत आगे तक फैली होती है। दीर्घकालिक शांति के लिए ज़रूरी है कि 'LWE-मुक्त' का दर्जा केवल राजनीतिक उपलब्धि न बने, बल्कि उसके साथ व्यवस्थित हथियार-निष्क्रियीकरण और स्वतंत्र सत्यापन का ढाँचा भी खड़ा हो।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नारायणपुर के जंगल से क्या-क्या बरामद किया गया?
BSF ने मसपुर-गुद्रपाल वन क्षेत्र से एक देसी BGL लॉन्चर, सात BGL बंदूकें, एक 12-बोर राइफल, 37 राउंड 12-बोर गोला-बारूद, 15 मीटर तार और पाँच थैलियाँ बरामद कीं। यह सभी सामग्री जंगल में पहले से छिपाई गई थी।
यह तलाशी अभियान किसने और कब चलाया?
यह अभियान 16 जून 2026 को BSF की एक बटालियन की 'ई' कंपनी द्वारा नारायणपुर जिले के मसपुर शिविर के आसपास के वन क्षेत्र में चलाया गया। क्षेत्र में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था मजबूत करने के निरंतर प्रयासों के तहत यह कार्रवाई की गई।
नारायणपुर LWE-मुक्त घोषित होने के बाद भी तलाशी अभियान क्यों जारी हैं?
नारायणपुर को 31 मार्च 2026 को LWE-मुक्त घोषित किया गया था, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि पुरानी उग्रवादी गतिविधियों के दौरान छिपाए गए हथियार और विस्फोटक अभी भी दूरस्थ वन क्षेत्रों में मौजूद हो सकते हैं। इन्हें खोजकर नष्ट करना दीर्घकालिक शांति के लिए ज़रूरी है।
इस बरामदगी का क्या महत्व है?
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह बरामदगी जिले में सुरक्षा माहौल को और मजबूत करेगी और शेष उपद्रवी तत्वों को कड़ा संदेश देगी। इससे प्रशासन की स्थायी शांति बनाए रखने की प्रतिबद्धता पर जनता का विश्वास भी मजबूत होगा।
आगे और अभियान चलाए जाएँगे?
नारायणपुर पुलिस और BSF ने पुष्टि की है कि आने वाले दिनों में भी इस तरह के संयुक्त तलाशी अभियान जारी रहेंगे। उनका लक्ष्य है कि कोई भी असामाजिक तत्व या छिपी हुई सामग्री बिना जाँच के न रहे।
राष्ट्र प्रेस
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