नारायणपुर के मसपुर-गुद्रपाल जंगल से BSF ने बरामद किया हथियारों का बड़ा जखीरा
सारांश
मुख्य बातें
सीमा सुरक्षा बल (BSF) की एक बटालियन की 'ई' कंपनी ने 16 जून 2026 को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के मसपुर-गुद्रपाल वन क्षेत्र में विशेष तलाशी अभियान के दौरान हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा छिपा हुआ जखीरा बरामद किया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब नारायणपुर को 31 मार्च 2026 को आधिकारिक रूप से वामपंथी उग्रवाद (LWE) मुक्त जिला घोषित किया जा चुका है।
अभियान का विवरण
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मसपुर शिविर के आसपास के घने जंगल में गश्त के दौरान सुरक्षाकर्मियों को एक संदिग्ध स्थान दिखा। तुरंत उस क्षेत्र को घेरकर गहन तलाशी शुरू की गई, जिसके परिणामस्वरूप पहले से छिपाया गया यह जखीरा सामने आया। सभी बरामद सामग्री को मौके पर ही जब्त कर लिया गया।
बरामद हथियार और सामग्री
जब्त की गई सामग्री में शामिल हैं — एक देसी BGL लॉन्चर, सात BGL बंदूकें, एक 12 बोर राइफल, 12 बोर गोला-बारूद के 37 राउंड, 15 मीटर तार और पाँच थैलियाँ। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जाँच से संकेत मिलता है कि ये हथियार काफी समय पहले जंगल में छिपाए गए थे।
LWE-मुक्त घोषणा के बाद भी सतर्कता जारी
गौरतलब है कि नारायणपुर को LWE-मुक्त घोषित किए जाने के बावजूद, नारायणपुर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने दूरस्थ एवं वन क्षेत्रों में नियमित संयुक्त तलाशी अभियान जारी रखे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पुरानी उग्रवादी गतिविधियों के दौरान छिपाए गए हथियार, विस्फोटक और अन्य सामग्री अभी भी जंगलों में मौजूद हो सकती है, जो दीर्घकालिक शांति के लिए खतरा बन सकती है।
सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया
वरिष्ठ अधिकारियों ने इस अभियान को एक बड़ी सफलता बताया है। उनके अनुसार, यह बरामदगी जिले में सुरक्षा माहौल को और मजबूत करेगी। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस कार्रवाई से शेष उपद्रवी तत्वों को कड़ा संदेश मिलेगा और प्रशासन की स्थायी शांति बनाए रखने की प्रतिबद्धता पर जनता का विश्वास भी मजबूत होगा।
आगे क्या होगा
नारायणपुर पुलिस और BSF ने आश्वासन दिया है कि आने वाले दिनों में भी इस तरह के गहन संयुक्त तलाशी अभियान जारी रहेंगे, ताकि किसी भी असामाजिक तत्व या छिपी हुई सामग्री को नज़रअंदाज़ न किया जा सके। यह अभियान क्षेत्र में टिकाऊ शांति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।