20 अक्टूबर 2026
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राजौरी में सेना-पुलिस के संयुक्त अभियान में 9 यूबीजीएल ग्रेनेड और हथियार बरामद, गुफा में था आतंकी ठिकाना

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राजौरी में सेना-पुलिस के संयुक्त अभियान में 9 यूबीजीएल ग्रेनेड और हथियार बरामद, गुफा में था आतंकी ठिकाना

सारांश

राजौरी के चोर हिल की एक गुफा में सेना और पुलिस की संयुक्त टीम को 9 यूबीजीएल ग्रेनेड, एके-47 मैगजीन और 18 जिंदा कारतूस मिले। यह पुंछ में 13 अक्टूबर की बरामदगी के छह दिन बाद हुई है, जो दर्शाता है कि पीर पंजाल क्षेत्र में आतंकी नेटवर्क के आपूर्ति मार्ग अभी भी सक्रिय हैं।

मुख्य बातें

19 अक्टूबर 2026 को राजौरी के चोर हिल की गुफा से आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़।
बरामदगी में 9 यूबीजीएल ग्रेनेड , एक एके-47 मैगजीन और 18 राउंड जिंदा कारतूस शामिल।
सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने कोटरांका तहसील के पंच गब्बर क्षेत्र में अभियान चलाया।
13 अक्टूबर को पुंछ में भी एक बड़ा हथियार जखीरा बरामद हुआ था — एके-47 राइफल, 6 ग्रेनेड और 30 राउंड गोला-बारूद सहित।
ऑपरेशन शेरूवाली के तहत राजौरी-पुंछ के जंगलों में आतंकवाद विरोधी अभियान जारी; 8 जिलों में विशेष बल सक्रिय।

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) को एक गुप्त आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया। कोटरांका तहसील के पंच गब्बर क्षेत्र स्थित चोर हिल की एक गुफा में छिपाए गए इस जखीरे की बरामदगी को सुरक्षा एजेंसियाँ इस क्षेत्र में जारी आतंकवाद विरोधी अभियान की बड़ी सफलता मान रही हैं।

बरामद हथियारों का विवरण

अधिकारियों के अनुसार, कांडी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इस गुफा से सुरक्षाबलों ने 9 यूबीजीएल (अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) ग्रेनेड, एक एके-47 मैगजीन और 18 राउंड जिंदा कारतूस बरामद किए। यूबीजीएल ग्रेनेड अत्यंत घातक श्रेणी के हथियार माने जाते हैं, जिनका उपयोग प्रशिक्षित आतंकी दस्ते करते हैं।

बरामदगी के तुरंत बाद पूरे इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह हथियार और गोला-बारूद किस आतंकी संगठन से संबंधित हैं।

पुंछ में 13 अक्टूबर की बरामदगी से संबंध

गौरतलब है कि इससे महज छह दिन पहले, 13 अक्टूबर को पुंछ जिले में भी सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान के दौरान एक बड़ा हथियार जखीरा उजागर किया था। उस कार्रवाई में एक एके-47 राइफल, एक मैगजीन, छह ग्रेनेड, 30 राउंड 7.62 एमएम गोला-बारूद के साथ खाद्य सामग्री और दवाइयाँ भी मिली थीं।

यह दो अलग-अलग जिलों में लगातार हुई बरामदगियाँ संकेत देती हैं कि इस क्षेत्र में आतंकी नेटवर्क के आपूर्ति मार्ग अभी भी सक्रिय हो सकते हैं।

राजौरी-पुंछ में आतंकवाद विरोधी अभियान का विस्तार

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, हाल के महीनों में राजौरी और पुंछ जिलों में आतंकवाद विरोधी अभियान उल्लेखनीय रूप से तेज किए गए हैं। ऑपरेशन शेरूवाली के तहत इस वर्ष राजौरी और पुंछ के घने जंगलों में कई दिनों तक व्यापक घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया गया था।

सितंबर और अक्टूबर में भी कई स्थानों पर संयुक्त अभियान जारी रहे हैं। सुरक्षाबल लगातार आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने, घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करने और विदेशी आतंकवादी नेटवर्क की गतिविधियों पर निगरानी बनाए हुए हैं।

व्यापक क्षेत्र में अभियान जारी

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, राजौरी, पुंछ, डोडा, किश्तवाड़, रियासी, कठुआ, रामबन और उधमपुर के जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी की सूचनाओं के आधार पर विशेष बलों और पैरा कमांडो द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। यह कार्रवाई राजौरी जिले में छिपाए गए हथियार भंडारों का पता लगाने और क्षेत्र की समग्र सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए चलाए जा रहे लगातार प्रयासों का हिस्सा है।

सुरक्षाबलों का अभियान अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में और कार्रवाइयाँ संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और क्या सीमा पर घुसपैठ रोधी तंत्र में कोई अंतराल है। ऑपरेशन शेरूवाली जैसे अभियान सराहनीय हैं, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह सवाल छोड़ देती है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किस लक्ष्य के लिए होना था और आतंकी नेटवर्क की कमान-संरचना कहाँ तक टूटी है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजौरी के चोर हिल में क्या बरामद हुआ?
19 अक्टूबर 2026 को राजौरी के कोटरांका तहसील स्थित चोर हिल की एक गुफा से सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने 9 यूबीजीएल ग्रेनेड, एक एके-47 मैगजीन और 18 राउंड जिंदा कारतूस बरामद किए। यह सामग्री कांडी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली गुफा में छिपाई गई थी।
यूबीजीएल ग्रेनेड क्या होते हैं और ये क्यों खतरनाक हैं?
यूबीजीएल यानी अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर के लिए बनाए गए ग्रेनेड होते हैं, जो राइफल के नीचे लगे लॉन्चर से दागे जाते हैं। इनका उपयोग प्रशिक्षित और सुसज्जित आतंकी दस्ते करते हैं, और इनकी मौजूदगी किसी भी इलाके में गंभीर सुरक्षा खतरे का संकेत मानी जाती है।
पिछले कुछ दिनों में राजौरी-पुंछ क्षेत्र में और क्या बरामदगियाँ हुई हैं?
13 अक्टूबर 2026 को पुंछ जिले में एक बड़ा हथियार जखीरा बरामद हुआ था, जिसमें एक एके-47 राइफल, एक मैगजीन, छह ग्रेनेड, 30 राउंड 7.62 एमएम गोला-बारूद, खाद्य सामग्री और दवाइयाँ शामिल थीं। यह दोनों बरामदगियाँ छह दिनों के अंतराल पर हुई हैं।
राजौरी में आतंकवाद विरोधी अभियान कितने व्यापक हैं?
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार राजौरी, पुंछ, डोडा, किश्तवाड़, रियासी, कठुआ, रामबन और उधमपुर के जंगलों में विशेष बलों और पैरा कमांडो द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इस वर्ष ऑपरेशन शेरूवाली के तहत राजौरी-पुंछ के घने जंगलों में कई दिनों तक घेराबंदी और तलाशी चलाई गई थी।
बरामद हथियार किस आतंकी संगठन के हैं?
अधिकारियों के अनुसार, यह अभी जाँच का विषय है कि बरामद हथियार और गोला-बारूद किस आतंकी समूह से संबंधित हैं। बरामदगी के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान जारी है और सुरक्षा एजेंसियाँ इस सामग्री की उत्पत्ति का पता लगाने में जुटी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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