राजौरी के बंगाई जंगल में सेना-पुलिस ने आतंकी ठिकाना उजागर किया, राशन-बर्तन बरामद
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के थानामंडी इलाके में सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार शाम बंगाई जंगल में तलाशी अभियान के दौरान एक आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ किया। अधिकारियों के अनुसार, इस ठिकाने से राशन सामग्री, खाना पकाने के बर्तन और रोज़मर्रा के उपयोग की कई वस्तुएँ ज़ब्त की गई हैं। शुक्रवार, 31 जुलाई को जारी जानकारी में सुरक्षाबलों ने बताया कि ठिकाने का पता चलते ही पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है।
ठिकाने की पहचान कैसे हुई
अधिकारियों ने बताया कि बंगाई जंगल अत्यंत घना है — चारों ओर ऊँचे पेड़ और घनी झाड़ियाँ हैं, जिनकी आड़ में आतंकियों ने यह अस्थायी ठिकाना बनाया था। दूर से यह ठिकाना दिखाई नहीं देता था; नज़दीक से की गई सघन जाँच के बाद ही इसका खुलासा हो सका। सेना और पुलिस की संयुक्त टीम थानामंडी क्षेत्र में नियमित तलाशी अभियान चला रही थी, जब यह ठिकाना मिला।
बरामद सामग्री का ब्यौरा
अधिकारियों के मुताबिक, ज़ब्त की गई वस्तुओं में चावल के दो पैकेट, इंस्टेंट नूडल्स, एक चाकू, एक लाइटर, एक प्लास्टिक शीट, एक पुराना कंबल, गैस स्टोव का नोजल, दो मोमबत्तियाँ और एक प्लास्टिक की बोतल शामिल हैं। ये सामग्री इस बात का संकेत देती है कि आतंकी इस ठिकाने का उपयोग लंबे समय तक छिपकर रहने के लिए कर रहे थे।
सुरक्षाबलों की प्रतिक्रिया
ठिकाना उजागर होने के तुरंत बाद सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर आ गए। बंगाई जंगल के चप्पे-चप्पे को खंगाला जा रहा है और आतंकियों की तलाश में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी है। अधिकारियों ने बताया कि जंगल की पूरी घेराबंदी कर दी गई है ताकि कोई भी संदिग्ध बाहर न निकल सके।
राजौरी में पूर्व की बरामदगियाँ
गौरतलब है कि राजौरी जिला पिछले कुछ महीनों में सुरक्षाबलों की कार्रवाइयों का केंद्र रहा है। इससे पहले एक दूर-दराज इलाके में मिले ठिकाने से इस्तेमाल के लिए तैयार आईईडी, कपड़े और खाद्य सामग्री बरामद हुई थी। थानामंडी इलाके में ही एक अन्य संयुक्त अभियान के दौरान अंडरग्राउंड ठिकाने से 10 अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (UBGL), गोला-बारूद का एक क्षतिग्रस्त बक्सा और चिकित्सा सामग्री बरामद की गई थी। इसके अतिरिक्त, 23 मई को हुए तलाशी अभियान में गुफाओं और घनी झाड़ियों में छिपाई गई AK-47 राइफलें, पिस्तौल और कई किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी।
आगे की कार्रवाई
सुरक्षाबलों के अनुसार, तलाशी अभियान अभी जारी है और जंगल के हर कोने की जाँच की जा रही है। यह क्षेत्र संवेदनशील माना जाता है और सुरक्षाबल किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।