31 जुलाई 2026
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राजौरी के बंगाई जंगल में सेना-पुलिस ने आतंकी ठिकाना उजागर किया, राशन-बर्तन बरामद

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राजौरी के बंगाई जंगल में सेना-पुलिस ने आतंकी ठिकाना उजागर किया, राशन-बर्तन बरामद

सारांश

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के बंगाई जंगल में सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने आतंकियों का अस्थायी ठिकाना उजागर किया। घने जंगल में छिपे इस ठिकाने से राशन, बर्तन और रोज़मर्रा की वस्तुएँ बरामद हुईं। पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी जारी है।

मुख्य बातें

31 जुलाई को राजौरी जिले के थानामंडी इलाके के बंगाई जंगल में आतंकी ठिकाना उजागर हुआ।
ठिकाने से चावल के दो पैकेट , इंस्टेंट नूडल्स , चाकू , लाइटर , प्लास्टिक शीट , कंबल , गैस स्टोव नोजल , दो मोमबत्तियाँ और प्लास्टिक बोतल बरामद।
सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार शाम नियमित तलाशी अभियान के दौरान ठिकाने की पहचान की।
पूरे इलाके की घेराबंदी; आतंकियों की तलाश में बड़े पैमाने पर अभियान जारी।
इससे पहले थानामंडी में ही 10 UBGL , AK-47 राइफलें , IED और विस्फोटक सामग्री बरामद हो चुकी है।

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के थानामंडी इलाके में सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार शाम बंगाई जंगल में तलाशी अभियान के दौरान एक आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ किया। अधिकारियों के अनुसार, इस ठिकाने से राशन सामग्री, खाना पकाने के बर्तन और रोज़मर्रा के उपयोग की कई वस्तुएँ ज़ब्त की गई हैं। शुक्रवार, 31 जुलाई को जारी जानकारी में सुरक्षाबलों ने बताया कि ठिकाने का पता चलते ही पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है।

ठिकाने की पहचान कैसे हुई

अधिकारियों ने बताया कि बंगाई जंगल अत्यंत घना है — चारों ओर ऊँचे पेड़ और घनी झाड़ियाँ हैं, जिनकी आड़ में आतंकियों ने यह अस्थायी ठिकाना बनाया था। दूर से यह ठिकाना दिखाई नहीं देता था; नज़दीक से की गई सघन जाँच के बाद ही इसका खुलासा हो सका। सेना और पुलिस की संयुक्त टीम थानामंडी क्षेत्र में नियमित तलाशी अभियान चला रही थी, जब यह ठिकाना मिला।

बरामद सामग्री का ब्यौरा

अधिकारियों के मुताबिक, ज़ब्त की गई वस्तुओं में चावल के दो पैकेट, इंस्टेंट नूडल्स, एक चाकू, एक लाइटर, एक प्लास्टिक शीट, एक पुराना कंबल, गैस स्टोव का नोजल, दो मोमबत्तियाँ और एक प्लास्टिक की बोतल शामिल हैं। ये सामग्री इस बात का संकेत देती है कि आतंकी इस ठिकाने का उपयोग लंबे समय तक छिपकर रहने के लिए कर रहे थे।

सुरक्षाबलों की प्रतिक्रिया

ठिकाना उजागर होने के तुरंत बाद सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर आ गए। बंगाई जंगल के चप्पे-चप्पे को खंगाला जा रहा है और आतंकियों की तलाश में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी है। अधिकारियों ने बताया कि जंगल की पूरी घेराबंदी कर दी गई है ताकि कोई भी संदिग्ध बाहर न निकल सके।

राजौरी में पूर्व की बरामदगियाँ

गौरतलब है कि राजौरी जिला पिछले कुछ महीनों में सुरक्षाबलों की कार्रवाइयों का केंद्र रहा है। इससे पहले एक दूर-दराज इलाके में मिले ठिकाने से इस्तेमाल के लिए तैयार आईईडी, कपड़े और खाद्य सामग्री बरामद हुई थी। थानामंडी इलाके में ही एक अन्य संयुक्त अभियान के दौरान अंडरग्राउंड ठिकाने से 10 अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (UBGL), गोला-बारूद का एक क्षतिग्रस्त बक्सा और चिकित्सा सामग्री बरामद की गई थी। इसके अतिरिक्त, 23 मई को हुए तलाशी अभियान में गुफाओं और घनी झाड़ियों में छिपाई गई AK-47 राइफलें, पिस्तौल और कई किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी।

आगे की कार्रवाई

सुरक्षाबलों के अनुसार, तलाशी अभियान अभी जारी है और जंगल के हर कोने की जाँच की जा रही है। यह क्षेत्र संवेदनशील माना जाता है और सुरक्षाबल किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राशन और रहने की सामग्री यह बताती है कि आतंकी यहाँ लंबे समय तक टिके रहने की योजना बनाते हैं — जो जंगल में मानव खुफिया तंत्र की कमज़ोरी को उजागर करता है। पिछले कुछ महीनों में UBGL, AK-47 और IED की बरामदगियाँ बताती हैं कि यह महज़ छिटपुट घुसपैठ नहीं, बल्कि एक सुनियोजित नेटवर्क है। सवाल यह है कि इतनी सफल बरामदगियों के बावजूद आतंकी नए ठिकाने क्यों बना पा रहे हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजौरी के बंगाई जंगल में क्या मिला?
सेना और पुलिस की संयुक्त टीम को थानामंडी के बंगाई जंगल में एक आतंकी अस्थायी ठिकाना मिला, जहाँ से चावल के पैकेट, इंस्टेंट नूडल्स, चाकू, लाइटर, कंबल, गैस स्टोव नोजल, मोमबत्तियाँ और प्लास्टिक की बोतल बरामद की गई। यह ठिकाना घने जंगल और झाड़ियों में छिपा था, जिससे इसे पहचानना मुश्किल था।
यह तलाशी अभियान कब और कहाँ चलाया गया?
यह अभियान गुरुवार शाम जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के थानामंडी इलाके के बंगाई जंगल में चलाया गया। शुक्रवार 31 जुलाई को अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
राजौरी में इससे पहले क्या बरामद हुआ था?
थानामंडी इलाके में पहले के अभियानों में 10 अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (UBGL), गोला-बारूद और चिकित्सा सामग्री बरामद हुई थी। 23 मई के अभियान में गुफाओं में छिपाई गई AK-47 राइफलें, पिस्तौल, IED और कई किलोग्राम विस्फोटक सामग्री मिली थी।
ठिकाना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने क्या कदम उठाए?
ठिकाना उजागर होते ही सुरक्षाबलों ने पूरे बंगाई जंगल की घेराबंदी कर दी और बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार जंगल के हर कोने की जाँच की जा रही है और सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर हैं।
राजौरी जिला आतंकवाद के लिहाज़ से कितना संवेदनशील है?
राजौरी जिले में पिछले कुछ महीनों में एकाधिक आतंकी ठिकाने और हथियारों के जखीरे बरामद हुए हैं, जो इसे एक अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र बनाते हैं। थानामंडी का घना जंगल आतंकियों के लिए आश्रय और पारगमन मार्ग के रूप में उपयोग होता रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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