राजौरी में 'ऑपरेशन शेरवाली' आठवें दिन जारी, मंजाकोट के घने जंगलों में 2-3 आतंकियों की तलाश
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का संयुक्त सर्च ऑपरेशन — जिसे 'ऑपरेशन शेरवाली' नाम दिया गया है — 30 मई 2026 को लगातार आठवें दिन भी जारी रहा। खुफिया सूचनाओं के आधार पर शुरू किए गए इस अभियान में मंजाकोट सेक्टर के गंभीर मुगलान और डोरीमल के घने जंगलों में 2 से 3 संदिग्ध आतंकवादियों के छिपे होने की आशंका है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस और सुरक्षाबलों की संयुक्त टीमों ने पिछले हफ्ते संदिग्ध गतिविधियों की खुफिया जानकारी मिलने के बाद घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, इलाके में 2 से 3 व्यक्तियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर पूरे क्षेत्र की सघन तलाशी ली जा रही है। बीते दिनों इलाके में रुक-रुककर धमाके और गोलीबारी भी हुई, और सुरक्षाबलों ने संदिग्ध छिपने की जगहों पर गोलाबारी भी की।
भौगोलिक चुनौती
राजौरी जिले की पीर पंजाल रेंज में स्थित यह जंगली इलाका अपनी खड़ी पहाड़ियों, घने वनों और सीमित पहुँच के कारण आतंकवाद-विरोधी अभियानों के लिए सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में गिना जाता है। यह भूगोल ही ऑपरेशन के आठ दिनों तक खिंचने की प्रमुख वजह मानी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था
ऑपरेशन के दौरान आसपास के इलाकों में निगरानी कड़ी कर दी गई है। जगह-जगह चेकपॉइंट स्थापित किए गए हैं और वाहनों तथा पैदल यात्रियों की आवाजाही पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। पूरे दिन सुरक्षाबलों ने जंगल के विभिन्न हिस्सों में व्यवस्थित और सघन तलाशी अभियान चलाए।
अब तक कोई हताहत नहीं
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान में अब तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई हताहत नहीं हुआ है। यह जानकारी 30 मई 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि सुरक्षाबलों ने हाल के महीनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-विरोधी अभियानों को तेज किया है। लगभग दो हफ्ते पहले नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया था। इससे पहले भी जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के सहयोगियों और संदिग्धों के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। 'ऑपरेशन शेरवाली' इसी व्यापक अभियान की कड़ी है।