13 अक्टूबर 2026
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पुंछ के सथरबन में आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़, AK-47 और 6 ग्रेनेड सहित भारी हथियार बरामद

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पुंछ के सथरबन में आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़, AK-47 और 6 ग्रेनेड सहित भारी हथियार बरामद

सारांश

पुंछ के सथरबन में एक प्राकृतिक गुफा में छुपे आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ — AK-47, 6 ग्रेनेड और 30 कारतूस की बरामदगी बताती है कि यह ठिकाना सक्रिय इस्तेमाल में था। ऑपरेशन शेरूवाली के बाद भी राजौरी-पुंछ बेल्ट में आतंकी नेटवर्क की उपस्थिति बरकरार है।

मुख्य बातें

13 अक्टूबर 2026 को पुंछ के सथरबन में संयुक्त सुरक्षा बलों ने एक आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ किया।
बरामदगी में एक AK-47 राइफल , एक मैगजीन , फ्यूज सहित 6 ग्रेनेड और 7.62 मिमी के 30 कारतूस शामिल हैं।
अभियान में राष्ट्रीय राइफल्स की रोमियो फोर्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस शामिल रहीं।
इस वर्ष ऑपरेशन शेरूवाली (मई-जून 2026) सहित सितंबर-अक्टूबर में भी बड़े पैमाने पर अभियान चलाए गए।
इस वर्ष पहले लश्कर-ए-तैयबा के दो संदिग्ध फिदायीन को पुंछ के खारी कर्मारा सेक्टर में मार गिराया गया था।
बरामद हथियारों की उत्पत्ति की जाँच जारी है।

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में 13 अक्टूबर 2026 को संयुक्त सुरक्षा बलों ने सुरनकोट क्षेत्र के सथरबन इलाके में एक प्राकृतिक गुफा में बने आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ करते हुए हथियारों और गोला-बारूद का भारी जखीरा बरामद किया। तलाशी अभियान में राष्ट्रीय राइफल्स (RR) की रोमियो फोर्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम शामिल थी।

बरामदगी का विवरण

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस अभियान के दौरान एक AK-47 राइफल, एक मैगजीन, फ्यूज सहित छह ग्रेनेड, 7.62 मिमी के 30 कारतूस के साथ-साथ खाद्य सामग्री और दवाइयाँ भी बरामद की गईं। गुफा में मिले ये सामान स्पष्ट संकेत देते हैं कि आतंकवादी इस ठिकाने का लंबे समय तक उपयोग कर सकते थे। मामले की जाँच शुरू कर दी गई है और आगे के विवरण की प्रतीक्षा है।

मुख्य घटनाक्रम

राजौरी और पुंछ जिलों में सुरक्षा बलों ने हाल के महीनों में आतंकवाद विरोधी अभियान तेज कर दिए हैं। इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य स्थानीय ठिकानों को नष्ट करना, घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करना और विदेशी आतंकवादी समूहों की मौजूदगी को समाप्त करना है।

गौरतलब है कि इस वर्ष की शुरुआत में सेना ने पुंछ के खारी कर्मारा सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के दो संदिग्ध फिदायीन आतंकवादियों को मार गिराया था।

ऑपरेशन शेरूवाली और पिछले अभियान

मई-जून 2026 में चलाए गए ऑपरेशन शेरूवाली के तहत संयुक्त सुरक्षा बलों ने कई दिनों तक घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) चलाया था। यह अभियान राजौरी के मंजाकोट क्षेत्र के दोरीमल-गंभीर मोगला और पुंछ के सुरनकोट के घने जंगलों में सक्रिय विदेशी आतंकवादी समूहों को निशाना बनाकर चलाया गया था। सितंबर में भी कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई थी और अक्टूबर में यह सिलसिला जारी है।

आम जनता और क्षेत्र पर असर

सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, CRPF और BSF की संयुक्त टीमें राजौरी के पीर खाना, पोथा नरोटा और कालाकोट सहित संवेदनशील इलाकों में तथा पुंछ के मेंढर और सुरनकोट सेक्टरों में लगातार अभियान चला रही हैं। पुंछ, राजौरी, डोडा, किश्तवाड़, रियासी, कठुआ, रामबन और उधमपुर के घने जंगलों वाले इलाकों में पाकिस्तानी आतंकवादियों की मौजूदगी की रिपोर्टों के बाद यह अभियान और सघन हो गए हैं।

क्या होगा आगे

इन अभियानों में पैरा कमांडो और अन्य विशेष बलों को तैनात किया गया है, जिन्हें घने जंगलों और कठिन पहाड़ी क्षेत्रों में अभियान चलाने का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त है। बरामद हथियारों की उत्पत्ति और आतंकी नेटवर्क की जाँच जारी है, और आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में सुरक्षा अभियान और तीव्र होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दीर्घकालिक टिकान की रणनीति अपना रहा है — जो ऑपरेशन शेरूवाली जैसे बड़े अभियानों के बाद भी जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब राजौरी-पुंछ बेल्ट पिछले दो वर्षों से लगातार सक्रिय क्षेत्र बना हुआ है और यहाँ सेना को भी जनहानि उठानी पड़ी है। मुख्यधारा की कवरेज बरामदगी की सूची तक सिमट जाती है; असली सवाल यह है कि इतनी सघन तैनाती के बावजूद ये ठिकाने बनते क्यों रहते हैं। खुफिया तंत्र और स्थानीय नागरिक सहयोग की प्रभावशीलता पर गहन समीक्षा की ज़रूरत बनी हुई है।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुंछ के सथरबन में क्या बरामद किया गया?
संयुक्त सुरक्षा बलों ने सथरबन की एक प्राकृतिक गुफा में बने आतंकी ठिकाने से एक AK-47 राइफल, एक मैगजीन, फ्यूज सहित छह ग्रेनेड, 7.62 मिमी के 30 कारतूस, खाद्य सामग्री और दवाइयाँ बरामद कीं। यह अभियान 13 अक्टूबर 2026 को चलाया गया।
इस अभियान में कौन-सी सुरक्षा एजेंसियाँ शामिल थीं?
इस अभियान में राष्ट्रीय राइफल्स (RR) की रोमियो फोर्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम शामिल थी। व्यापक स्तर पर सेना, CRPF और BSF भी राजौरी-पुंछ बेल्ट में सक्रिय हैं।
ऑपरेशन शेरूवाली क्या था?
ऑपरेशन शेरूवाली मई-जून 2026 में राजौरी के मंजाकोट और पुंछ के सुरनकोट के घने जंगलों में चलाया गया बहु-दिवसीय घेराबंदी और तलाशी अभियान था। इसका लक्ष्य विदेशी आतंकवादी समूहों को निशाना बनाना था।
इस क्षेत्र में आतंकी गतिविधियाँ क्यों बढ़ रही हैं?
पुंछ, राजौरी, डोडा और अन्य जिलों के घने जंगलों में पाकिस्तानी आतंकवादियों की मौजूदगी की रिपोर्टों के बाद से अभियान सघन हो गए हैं। नियंत्रण रेखा की निकटता और कठिन भूगोल इन इलाकों को आतंकी ठिकानों के लिए अनुकूल बनाता है।
बरामदगी के बाद आगे क्या होगा?
अधिकारियों के अनुसार बरामद हथियारों की उत्पत्ति और आतंकी नेटवर्क की जाँच शुरू कर दी गई है। आने वाले दिनों में क्षेत्र में सुरक्षा अभियान और तीव्र होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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