25 अगस्त 2026
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पुलवामा में दो आतंकी सहयोगी गिरफ्तार, पिस्तौल-हैंड ग्रेनेड समेत हथियार बरामद

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पुलवामा में दो आतंकी सहयोगी गिरफ्तार, पिस्तौल-हैंड ग्रेनेड समेत हथियार बरामद

सारांश

पुलवामा के यारवान जंगल में 44 राष्ट्रीय राइफल्स और CRPF की 183 बटालियन के संयुक्त CASO अभियान में दो कथित आतंकी सहयोगी पकड़े गए। पिस्तौल, 12 राउंड गोला-बारूद और हैंड ग्रेनेड बरामद; UAPA समेत कई गंभीर धाराओं में FIR दर्ज।

मुख्य बातें

25 अगस्त 2026 को पुलवामा के सीबी नाथ यारवान जंगल में संयुक्त CASO अभियान में दो कथित आतंकी सहयोगी गिरफ्तार।
बरामद सामग्री: एक पिस्तौल , 12 राउंड गोला-बारूद और एक हैंड ग्रेनेड ।
गिरफ्तार व्यक्ति: लतीफ अहमद दीदाद (लस्सी डबन) और एजाज अहमद बाजाद (बुन खा बमणू)।
अभियान में 44 राष्ट्रीय राइफल्स (सेना) और CRPF की 183 बटालियन शामिल।
आर्म्स एक्ट धारा 7/25 और UAPA धारा 13, 18, 23, 39 के तहत राजपोरा पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज।
हथियारों के स्रोत और आतंकी नेटवर्क के अन्य संबंधों का पता लगाने के लिए जाँच जारी।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षा बलों ने 25 अगस्त 2026 को एक संयुक्त अभियान के दौरान दो कथित आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से एक पिस्तौल, 12 राउंड गोला-बारूद तथा एक हैंड ग्रेनेड बरामद किया। राजपोरा के सीबी नाथ यारवान जंगल में चलाए गए इस अभियान को 44 राष्ट्रीय राइफल्स (सेना) और सीआरपीएफ की 183 बटालियन ने मिलकर अंजाम दिया।

ऑपरेशन का घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा से जुड़ी मिली-जुली जानकारी के आधार पर यारवान जंगल में घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) शुरू किया गया। अभियान के दौरान संयुक्त टीमों ने देखा कि दो व्यक्ति जंगल से निकलकर सीबी नाथ गाँव की ओर संदिग्ध हालत में आ रहे थे। अलर्ट पर तैनात दलों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को दबोच लिया।

अधिकारियों ने बताया, 'तलाशी के दौरान उनके पास से एक पिस्तौल, पिस्तौल के 12 राउंड और एक हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया। बरामद हथियारों और गोला-बारूद के साथ दोनों लोगों को हिरासत में ले लिया गया है।'

गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान

पकड़े गए लोगों की पहचान लस्सी डबन निवासी गुलाम मोहम्मद दीदाद के पुत्र लतीफ अहमद दीदाद और बुन खा बमणू निवासी नजीर अहमद बाजाद के पुत्र एजाज अहमद बाजाद के रूप में हुई है। दोनों पर आतंकवादियों को सहायता प्रदान करने का आरोप है।

कानूनी कार्रवाई

इस मामले में राजपोरा पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट की धारा 7/25 और गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 13, 18, 23 और 39 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह एफआईआर दोनों आरोपियों के विरुद्ध आतंकी नेटवर्क से संबंध रखने के गंभीर आरोपों को रेखांकित करती है।

आगे की जाँच

अधिकारियों ने बताया कि दोनों की गतिविधियों का पूरा ब्यौरा निकालने, बरामद हथियारों और गोला-बारूद के स्रोत का पता लगाने तथा आगे के संबंधों की पहचान करने के लिए विस्तृत जाँच शुरू कर दी गई है। पुलवामा पुलिस ने इस बरामदगी को जिले में आतंकी नेटवर्क को कमज़ोर करने की दिशा में एक बड़ी ऑपरेशनल सफलता बताया है।

गौरतलब है कि पुलवामा जिला पहले भी आतंकी गतिविधियों का केंद्र रहा है और सुरक्षा बल यहाँ लगातार सक्रिय अभियान चला रहे हैं। यह कार्रवाई उन निरंतर प्रयासों की कड़ी है जिनका उद्देश्य पूरे केंद्र शासित प्रदेश में आतंकी ढाँचे को ध्वस्त करना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सक्रिय नेटवर्क का हिस्सा मान रही हैं। असली परीक्षा यह होगी कि क्या इस बरामदगी की कड़ी किसी बड़े सप्लाई चेन तक पहुँचती है — अन्यथा ऐसे अभियान प्रतीकात्मक जीत बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुलवामा में गिरफ्तार दोनों व्यक्ति कौन हैं?
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान लस्सी डबन निवासी लतीफ अहमद दीदाद और बुन खा बमणू निवासी एजाज अहमद बाजाद के रूप में हुई है। दोनों पर आतंकवादियों को सहायता देने का आरोप है।
यारवान जंगल ऑपरेशन में क्या बरामद हुआ?
संयुक्त अभियान के दौरान एक पिस्तौल, 12 राउंड गोला-बारूद और एक हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया। दोनों संदिग्धों को इन हथियारों सहित हिरासत में लिया गया।
इस ऑपरेशन में कौन-से सुरक्षा बल शामिल थे?
यह 44 राष्ट्रीय राइफल्स (सेना) और CRPF की 183 बटालियन का संयुक्त CASO (घेराबंदी और तलाशी) अभियान था, जो सुरक्षा जानकारी के आधार पर शुरू किया गया।
गिरफ्तार लोगों पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
राजपोरा पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट की धारा 7/25 और UAPA की धारा 13, 18, 23 तथा 39 के तहत FIR दर्ज की गई है। UAPA की धाराएँ आतंकी गतिविधियों में सहयोग और साजिश से संबंधित हैं।
क्या इस मामले में आगे जाँच होगी?
हाँ, अधिकारियों ने बताया कि बरामद हथियारों के स्रोत का पता लगाने, दोनों की गतिविधियों की पूरी जानकारी निकालने और आतंकी नेटवर्क के अन्य संबंधों की पहचान के लिए विस्तृत जाँच शुरू कर दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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