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परंदूर एयरपोर्ट विरोध पर DMK का पलटवार: 'विजय किसानों को धोखा दे रहे हैं'

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परंदूर एयरपोर्ट विरोध पर DMK का पलटवार: 'विजय किसानों को धोखा दे रहे हैं'

सारांश

परंदूर एयरपोर्ट को वापस लेने की CM विजय की घोषणा पर DMK ने सीधा हमला बोला — प्रवक्ता एलंगोवन ने इसे किसानों के साथ विश्वासघात करार दिया। साथ ही BJP पर संवैधानिक अधिकारों के हनन और कावेरी जल आदेशों की अवहेलना पर कर्नाटक को कड़ी चेतावनी दी।

मुख्य बातें

DMK प्रवक्ता टी.के.एस.
एलंगोवन ने 25 अगस्त को कहा कि CM सी.
जोसेफ विजय का परंदूर एयरपोर्ट विरोध किसानों को धोखा देने की कोशिश है।
परंदूर क्षेत्र तेज़ी से औद्योगिक केंद्र बन रहा है; DMK का तर्क है कि एयरपोर्ट से रोज़गार और आर्थिक विकास होगा।
एलंगोवन ने BJP पर 5 सितंबर के दिल्ली मार्च को रोकने की कोशिश में संवैधानिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया।
पूर्व राजनयिक नवदीप सूरी को SIR के दौरान कथित नोटिस पर DMK ने सवाल उठाए।
CWRC ने कर्नाटक को अगले 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया; DMK ने सर्वोच्च न्यायालय कार्रवाई की चेतावनी दी।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने 25 अगस्त को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की उस घोषणा पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने प्रस्तावित परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को वापस लेने और वैकल्पिक स्थान तलाशने की बात कही थी। DMK के वरिष्ठ प्रवक्ता टी.के.एस. एलंगोवन ने आरोप लगाया कि यह रुख किसानों के हितों के साथ खुला विश्वासघात है।

परंदूर परियोजना पर DMK का रुख

एलंगोवन ने कहा कि परंदूर क्षेत्र तेज़ी से एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है और वहाँ एयरपोर्ट का निर्माण राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाई देगा। उन्होंने कहा, 'जिस इलाके में परंदूर एयरपोर्ट प्रस्तावित है, वहाँ बड़ी संख्या में उद्योग आ रहे हैं। एयरपोर्ट राज्य की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभाएगा। अगर कोई इस परियोजना को रोकना चाहता है तो उसकी सिर्फ एक वजह है कि वह किसानों को धोखा देना चाहता है। किसानों के हित में किए गए कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं।'

DMK का तर्क है कि एयरपोर्ट से न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के नए द्वार भी खुलेंगे। गौरतलब है कि परंदूर परियोजना लंबे समय से भूमि अधिग्रहण और किसान विरोध के कारण विवादों में रही है।

भाजपा पर संवैधानिक अधिकारों के हनन का आरोप

नई दिल्ली में 5 सितंबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा प्रस्तावित शांतिपूर्ण मार्च — जो केंद्र सरकार के कथित अधूरे वादों के विरोध में आयोजित होना है — पर एलंगोवन ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना का सम्मान नहीं करती।

एलंगोवन ने कहा, 'संविधान नागरिकों को अपने वैध अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार देता है, लेकिन BJP ऐसा होने नहीं देना चाहती। उसे न कानून की परवाह है और न संविधान की।' उन्होंने यह भी कहा कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ नागरिकों का आवाज़ उठाना पूरी तरह संवैधानिक है।

पूर्व राजनयिक नवदीप सूरी को नोटिस पर सवाल

पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान पूर्व राजनयिक नवदीप सूरी को मतदाता विवरण के संबंध में कथित तौर पर नोटिस भेजे जाने पर एलंगोवन ने गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'जो व्यक्ति भारत सरकार के लिए काम कर चुका है और विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुका है, उसे अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए और क्या सबूत देना होगा?' यह मामला देशभर में चुनावी रोल पुनरीक्षण प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है।

कावेरी जल विवाद पर DMK का कर्नाटक को कड़ा संदेश

कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) द्वारा कर्नाटक को अगले 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ने के निर्देश पर एलंगोवन ने स्पष्ट कहा कि कर्नाटक कावेरी न्यायाधिकरण और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो सर्वोच्च न्यायालय इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेगा।

यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच कावेरी जल बँटवारे का विवाद हर साल मानसून के मौसम में तीव्र होता है और दोनों राज्यों के किसान इससे सीधे प्रभावित होते हैं।

आगे क्या होगा

परंदूर एयरपोर्ट परियोजना पर राजनीतिक टकराव अब और तेज़ होने के संकेत हैं। DMK ने स्पष्ट कर दिया है कि वह परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री विजय के रुख को चुनौती देती रहेगी। पंजाब विधानसभा चुनाव में BJP के अकेले उतरने की खबरों पर एलंगोवन ने कहा कि फिलहाल इंतज़ार करना उचित होगा और समय आने पर स्थिति स्वतः स्पष्ट हो जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं DMK इसे चुनावी अवसरवाद बता रही है। असली सवाल यह है कि क्या किसी भी पक्ष ने उन किसानों के साथ पारदर्शी संवाद किया है जिनकी ज़मीन दाँव पर है — अब तक का रिकॉर्ड निराशाजनक है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना क्या है और विवाद क्यों है?
परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट तमिलनाडु में चेन्नई के निकट प्रस्तावित एक नई हवाई अड्डा परियोजना है, जिसका उद्देश्य राज्य की बढ़ती हवाई यातायात ज़रूरतों को पूरा करना है। भूमि अधिग्रहण और किसानों के विस्थापन को लेकर यह परियोजना लंबे समय से विरोध का सामना कर रही है।
CM विजय ने परंदूर एयरपोर्ट पर क्या घोषणा की?
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को वापस लेने और उसके लिए वैकल्पिक स्थान तलाशने की घोषणा की। इस घोषणा को किसान-समर्थक कदम के रूप में देखा जा रहा है, हालाँकि DMK ने इसे किसानों के साथ धोखा करार दिया है।
DMK ने इस घोषणा का विरोध क्यों किया?
DMK का कहना है कि परंदूर क्षेत्र तेज़ी से औद्योगिक केंद्र बन रहा है और एयरपोर्ट से रोज़गार व आर्थिक विकास होगा। पार्टी के प्रवक्ता एलंगोवन के अनुसार, परियोजना रोकना किसानों से किए गए वादों को तोड़ना है।
कावेरी जल विवाद में CWRC का ताज़ा निर्देश क्या है?
कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) ने कर्नाटक को अगले 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया है। DMK ने स्पष्ट किया है कि यदि कर्नाटक इस आदेश का पालन नहीं करता तो सर्वोच्च न्यायालय इसे गंभीरता से लेगा।
पूर्व राजनयिक नवदीप सूरी को नोटिस का मामला क्या है?
पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान पूर्व राजनयिक नवदीप सूरी को कथित तौर पर मतदाता विवरण के संबंध में नोटिस भेजा गया। DMK ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो व्यक्ति विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुका है, उससे नागरिकता का प्रमाण माँगना उचित नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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