दक्षिण गुजरात में गैस आपूर्ति और श्रमिक सुविधाओं की समीक्षा: उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की बैठक
सारांश
Key Takeaways
- गैस आपूर्ति की स्थिति पर चर्चा की गई।
- इंडस्ट्रियल किचन की स्थापना की गई है।
- बैठक में उद्योगों के प्रतिनिधियों ने समस्याएं साझा कीं।
- सप्लाई चेन को स्थिर रखने पर जोर दिया गया।
- हर्ष संघवी ने सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने से सावधान रहने की अपील की।
सूरत, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वेस्ट एशिया में चल रहे संकट के बीच, दक्षिण गुजरात में गैस आपूर्ति, श्रमिक कल्याण और औद्योगिक गतिविधियों की स्थिति का विश्लेषण करने के लिए उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने रविवार को सूरत में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की।
यह बैठक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसी) में संपन्न हुई, जिसमें सूरत, अंकलेश्वर, वापी और भरूच के औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
बैठक में गैस की उपलब्धता, उत्पादन की निरंतरता, और प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए की गई व्यवस्थाओं पर गहन चर्चा हुई।
समीक्षा के बाद, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि राज्य में गैस, पेट्रोल और डीजल सहित आवश्यक वस्तुओं की भरपूर उपलब्धता है और इनका वितरण केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि गुजरात गैस कंपनी के अधिकारियों को पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन को तेजी से उपलब्ध कराने और मुख्य पाइपलाइन के निकटवर्ती क्षेत्रों में विस्तार के लिए निर्देश दिए गए हैं।
जिला आपूर्ति अधिकारी दर्शन शाह ने घरेलू उपभोक्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और उद्योगों के लिए एलपीजी आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी।
बैठक में विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं भी साझा कीं। इसके बाद संघवी ने बताया कि दक्षिण गुजरात के औद्योगिक संगठनों ने श्रमिकों के लिए इंडस्ट्रियल और कम्युनिटी किचन की शुरुआत की है, ताकि अफवाहों के कारण उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो।
उन्होंने कहा कि पांडेसरा, वापी, अंकलेश्वर और दहेज जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए भोजन और आवास की व्यवस्था की गई है, साथ ही 5 किलो के गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता की भी सुनिश्चित की गई है।
उपमुख्यमंत्री ने लोगों से सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी फैलाने से सावधान रहने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक जिले में अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो कालाबाजारी पर नजर रखेंगी। गैस सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल या अन्य आवश्यक वस्तुओं की अवैध बिक्री पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, सूरत और इसके आस-पास के क्षेत्रों में इस समय 118 कम्युनिटी किचन संचालित हो रहे हैं, जो श्रमिकों को सहायता प्रदान कर रहे हैं।
उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने बैठक को उपयोगी बताया। साउथ गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने कहा कि बैठक में स्थिति की पूरी समीक्षा की गई और जहां गैस सप्लाई में समस्याएं हैं, वहां वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार किया गया।
वहीं, ऑल गुजरात टेक्सटाइल फेडरेशन के अशोक जीरावाला ने बताया कि फार्मा, केमिकल और टेक्सटाइल जैसे सभी प्रभावित उद्योगों को बैठक में बुलाया गया, जहां सभी ने अपनी समस्याएं साझा कीं और समाधान पर चर्चा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार और उद्योग संगठनों के बीच समन्वय लगातार बना हुआ है, ताकि सप्लाई चेन स्थिर रहे और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित न हों।