स्पाइसजेट ने 20 नए विमानों के लिए लीज एग्रीमेंट किया फाइनल, विंटर शेड्यूल में 200 दैनिक उड़ानों का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
स्पाइसजेट ने विंटर ट्रैवल सीजन से पहले अपने बेड़े के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए तीन एयरक्राफ्ट ऑपरेटर्स के साथ 20 विमानों के लिए लीज एग्रीमेंट फाइनल कर लिया है। इनमें 15 बोइंग और 5 एयरबस विमान शामिल हैं, जिन्हें डैम्प और वेट लीज एग्रीमेंट के तहत बेड़े में जोड़ा जाएगा। एयरलाइन का लक्ष्य इस सर्दी में लगभग 200 दैनिक उड़ानों तक पहुँचना है।
चरणबद्ध तरीके से होगा बेड़े में शामिल
कंपनी के अनुसार, ये 20 विमान अक्टूबर के मध्य से नवंबर के मध्य के बीच चरणबद्ध ढंग से स्पाइसजेट के बेड़े में शामिल होंगे। यह समय दुर्गा पूजा के बाद शुरू होने वाले विंटर ट्रैवल पीक से ठीक पहले का है, जिससे एयरलाइन यात्रियों की बढ़ती माँग को समय रहते पूरा कर सके।
एयरबस ए321 से मिलेगी अधिक सीट क्षमता
5 एयरबस विमानों में ए321 वेरिएंट भी शामिल होगा, जिसमें बैठने की क्षमता अधिक है। इससे स्पाइसजेट उन रूटों पर अधिक सीटें उपलब्ध करा सकेगी जहाँ यात्री माँग मजबूत बनी हुई है। यह कदम एयरलाइन की प्रति उड़ान राजस्व क्षमता बढ़ाने की रणनीति के अनुरूप है।
नेटवर्क विस्तार और किराए पर असर
इन विमानों के बेड़े में आने से स्पाइसजेट के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क दोनों में क्षमता बढ़ेगी। एयरलाइन प्रमुख रूटों पर उड़ानों की आवृत्ति बढ़ाएगी और उन बाज़ारों में कनेक्टिविटी मजबूत करेगी जहाँ माँग अधिक रहने की उम्मीद है। कंपनी का कहना है कि अतिरिक्त क्षमता से पीक डिमांड के दौरान हवाई किराए पर दबाव कम करने में भी सहायता मिलेगी।
CBO का बयान
स्पाइसजेट के चीफ बिजनेस ऑफिसर देबोजो महर्षि ने कहा, "हम सर्दियों के मौसम की तैयारी इस स्पष्ट फोकस के साथ कर रहे हैं कि जहाँ हमारे यात्रियों को सबसे ज़्यादा ज़रूरत है, वहाँ क्षमता जोड़ी जाए। ये 20 विमान हमें अपने नेटवर्क को मजबूत करने, फ्रीक्वेंसी बढ़ाने और पीक सीजन के दौरान अधिक यात्रा विकल्प प्रदान करने में सक्षम बनाएंगे।" उन्होंने जोड़ा कि यह विस्तार सर्दियों और अगले साल के समर पीक दोनों को ध्यान में रखकर किया गया है।
व्यापक पुनरुद्धार योजना का हिस्सा
यह बेड़ा विस्तार स्पाइसजेट की क्षमता बहाल करने और एक बड़े परिचालन बेड़े के निर्माण की व्यापक योजना का अंग है। गौरतलब है कि एयरलाइन पिछले कुछ वर्षों में वित्तीय दबाव और विमानों की कमी से जूझती रही है। इस लीज एग्रीमेंट को उसी दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। आने वाले महीनों में क्रियान्वयन की गति यह तय करेगी कि यह विस्तार एयरलाइन की दीर्घकालिक स्थिरता में कितना योगदान देता है।