19 सितंबर 2026
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स्पाइसजेट की दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानें बाधित, सैकड़ों यात्री परेशान; 15 सितंबर के बाद फिर व्यवधान

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स्पाइसजेट की दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानें बाधित, सैकड़ों यात्री परेशान; 15 सितंबर के बाद फिर व्यवधान

सारांश

स्पाइसजेट एक बार फिर विवादों में — 19 सितंबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर सैकड़ों यात्री उड़ानें रद्द या विलंबित होने से परेशान हुए। यह 15 सितंबर के विरोध प्रदर्शन के चार दिन बाद आया है। वित्तीय संकट, ग्राउंडेड बेड़ा और CCPA का जुर्माना — संकटों की यह श्रृंखला एयरलाइन की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

19 सितंबर 2026 को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्पाइसजेट की कई उड़ानें विलंबित या रद्द हुईं, जिससे सैकड़ों यात्री प्रभावित हुए।
दिल्ली एयरपोर्ट ने एक्स पर एडवाइजरी जारी कर खेद व्यक्त किया और यात्रियों को सहायता टीमों से संपर्क करने को कहा।
15 सितंबर को भी लगभग 200 यात्रियों ने दुबई उड़ानों में देरी के विरोध में प्रदर्शन किया था।
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने जुलाई में 'डार्क पैटर्न' प्रैक्टिस के लिए स्पाइसजेट पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया था।
स्पाइसजेट वित्तीय और परिचालन संकट से जूझ रही है; बेड़े का बड़ा हिस्सा ग्राउंडेड है।

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार, 19 सितंबर 2026 को परिचालन संबंधी बाधाओं के चलते स्पाइसजेट की कई उड़ानें विलंबित या रद्द कर दी गईं, जिससे सैकड़ों यात्री प्रभावित हुए। अधिकारियों ने यात्रियों को एयरलाइन या एयरपोर्ट पर तैनात टीमों से संपर्क करने की सलाह दी है।

एयरपोर्ट की एडवाइजरी

दिल्ली एयरपोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा, 'स्पाइसजेट की कुछ उड़ानों के संचालन में व्यवधान के कारण यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है। दिल्ली एयरपोर्ट की टीमें प्रभावित यात्रियों की सहायता करने और जरूरी सहयोग के लिए एयरलाइन और संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।' यह बयान स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करता है।

15 सितंबर की पुनरावृत्ति

यह ऐसे समय में आया है जब महज चार दिन पहले, 15 सितंबर को भी ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हुई थी। उस समय दुबई जाने वाले विमानों के बार-बार रीशेड्यूल और देरी से परेशान स्पाइसजेट के लगभग 200 यात्रियों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर विरोध प्रदर्शन किया था। एयरलाइन ने तब कहा था कि एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है।

वित्तीय और परिचालन संकट की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि स्पाइसजेट लंबे समय से वित्तीय और परिचालन संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रही है, जिसके कारण उसके बेड़े का एक बड़ा हिस्सा ग्राउंडेड हो चुका है। सीमित उड़ान-योग्य विमानों के साथ बढ़ती यात्री माँग को पूरा करना एयरलाइन के लिए लगातार चुनौती बनती जा रही है। यह बार-बार के व्यवधान उसी संरचनात्मक कमज़ोरी का परिणाम बताए जा रहे हैं।

सीसीपीए का जुर्माना और डार्क पैटर्न विवाद

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने जुलाई में स्पाइसजेट लिमिटेड पर अपने फ्लाइट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर भ्रामक 'डार्क पैटर्न' प्रैक्टिस अपनाने के लिए ₹1 लाख का जुर्माना लगाया था। इन प्रैक्टिस में उपभोक्ताओं को स्वचालित रूप से लॉयल्टी प्रोग्राम में शामिल करना और पूर्व-चयनित विकल्पों के ज़रिये प्रचार सामग्री के लिए सहमति लेना शामिल था।

CCPA ने पाया कि एयरलाइन का ऑनलाइन बुकिंग इंटरफ़ेस उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों का उल्लंघन करता था। उपयोगकर्ताओं को प्रचार संदेश पाने की सहमति दिए बिना डिफ़ॉल्ट रूप से 'सहमत' मान लिया जाता था, जो उपभोक्ता अधिकारों का स्पष्ट हनन है।

आगे क्या होगा

प्रभावित यात्रियों को फ़िलहाल एयरलाइन के ग्राहक सेवा केंद्रों या एयरपोर्ट पर तैनात सहायता दल से संपर्क करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक स्पाइसजेट अपनी परिचालन क्षमता और वित्तीय स्थिति को पटरी पर नहीं लाती, इस तरह के व्यवधान जारी रहने की आशंका बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

वित्तीय दबाव और नियामक दंड के बोझ तले दबी है। चिंताजनक पहलू यह है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नियामक एजेंसियाँ बार-बार के व्यवधानों के बावजूद केवल एडवाइजरी तक सीमित हैं — यात्री हितों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस प्रवर्तन तंत्र सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया। CCPA का ₹1 लाख का जुर्माना किसी एयरलाइन के लिए महज प्रतीकात्मक है; असली जवाबदेही तब तय होगी जब नियामक परिचालन प्रमाणपत्रों और मार्गाधिकारों को शर्तों से जोड़ेंगे।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

19 सितंबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट की उड़ानें क्यों प्रभावित हुईं?
परिचालन संबंधी बाधाओं के कारण शनिवार, 19 सितंबर 2026 को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्पाइसजेट की कई उड़ानें विलंबित या रद्द हो गईं। एयरलाइन वित्तीय और परिचालन संकट से जूझ रही है, जिसके कारण उसके बेड़े का बड़ा हिस्सा ग्राउंडेड है।
दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए क्या एडवाइजरी जारी की?
दिल्ली एयरपोर्ट ने एक्स पर एडवाइजरी जारी कर कहा कि उड़ान व्यवधान के लिए खेद है और उसकी टीमें प्रभावित यात्रियों की सहायता के लिए एयरलाइन के साथ मिलकर काम कर रही हैं। यात्रियों को एयरलाइन से या एयरपोर्ट पर मौजूद सहायता दल से संपर्क करने को कहा गया।
15 सितंबर को स्पाइसजेट के यात्रियों ने विरोध प्रदर्शन क्यों किया था?
15 सितंबर को दुबई जाने वाली उड़ानों के बार-बार रीशेड्यूल और देरी से परेशान स्पाइसजेट के लगभग 200 यात्रियों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर विरोध प्रदर्शन किया था। एयरलाइन ने तब बताया था कि एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है।
CCPA ने स्पाइसजेट पर जुर्माना क्यों लगाया था?
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने जुलाई में स्पाइसजेट पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया था, क्योंकि एयरलाइन के बुकिंग प्लेटफॉर्म पर 'डार्क पैटर्न' प्रैक्टिस अपनाई जा रही थीं। इनमें उपभोक्ताओं को बिना सहमति के लॉयल्टी प्रोग्राम में शामिल करना और प्रचार संदेशों के लिए डिफ़ॉल्ट सहमति लेना शामिल था, जो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 का उल्लंघन है।
स्पाइसजेट के प्रभावित यात्री अभी क्या करें?
प्रभावित यात्रियों को एयरपोर्ट पर तैनात दिल्ली एयरपोर्ट की सहायता टीम या स्पाइसजेट के ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है। एडवाइजरी के अनुसार, एयरपोर्ट की टीमें एयरलाइन के साथ मिलकर पुनर्व्यवस्था में सहायता कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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