श्रीगंगानगर बाल सुधार गृह में गार्ड साहबराम की लोहे की रॉड से हत्या, तीन नाबालिग हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के श्रीगंगानगर स्थित राजकीय पर्यवेक्षण एवं किशोर गृह में तैनात सुरक्षा गार्ड साहबराम की 6 अगस्त को लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने तीन नाबालिग संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और जांच तेज कर दी गई है।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
पुलिस के अनुसार घटना के समय अवलोकन गृह में 15 अगस्त के कार्यक्रम की तैयारियाँ चल रही थीं। इसी दौरान एक कूलर खराब हो गया, जिसके चलते साहबराम औज़ार लेने के लिए बाहर खड़े दूसरे गार्ड के पास गए। आरोप है कि तभी पीछे से तीन नाबालिगों ने बेंच से निकाली गई लोहे की रॉड से उनके सिर पर कई बार वार किया। सिर में गंभीर चोट लगने से साहबराम की मौके पर ही मौत हो गई। अभी तक हमले की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
प्रशासन और पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव, एसपी हरीशंकर यादव, एडीएम सुभाष कुमार, एएसपी दीपक शर्मा, सिटी सीओ विष्णु खत्री और ओल्ड आबादी थाना प्रभारी सुमन परिहार अवलोकन गृह पहुँचे। बाल अधिकार विभाग के अधिकारी राजीव जाखड़ ने उन्हें पूरी जानकारी दी।
पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल और मोबाइल टीम को बुलाया। सीसीटीवी फुटेज खंगालकर घटनाक्रम को समझने की कोशिश की जा रही है।
बाल गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस वारदात के बाद किशोर गृह की निगरानी, स्टाफिंग और सुरक्षा इंतज़ामों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष जोगेंद्र कौशिक ने बताया कि नशे के मामलों में पकड़े जाकर बाल गृह में आने वाले बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। फिलहाल यहाँ 27 नाबालिग हैं, जिनमें कुछ हनुमानगढ़ से भी लाए गए हैं। यह मुद्दा हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में भी उठाया गया था।
कौन थे साहबराम
श्रीगंगानगर की अंबे विहार कॉलोनी निवासी साहबराम एसएसबी से सेवानिवृत्त होने के बाद पिछले कुछ महीनों से इस बाल गृह में गार्ड की नौकरी कर रहे थे। परिवार में पत्नी, बेटा और बेटी हैं — दोनों बच्चे विवाहित हैं। परिजनों के अनुसार उनकी पत्नी लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रही हैं और साहबराम उनका इलाज बाहर कराने की तैयारी में थे। इस अचानक हुई मौत से परिवार में गहरा मातम पसरा हुआ है।
आगे क्या होगा
घटना की खबर फैलते ही अस्पताल और बाल गृह के बाहर रिश्तेदार, मित्र और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई — माहौल शोक और आक्रोश से भरा था। जिला प्रशासन ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट माँगी है। पुलिस का कहना है कि हिरासत में लिए गए तीनों नाबालिगों से पूछताछ जारी है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।