इंदौर अतिक्रमण-विरोधी अभियान में पथराव, दो हिरासत में; RE-2 सड़क तीन साल से अधूरी
सारांश
मुख्य बातें
इंदौर में मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को RE-2 सड़क के अधूरे हिस्से का रास्ता साफ करने के लिए चलाए गए अतिक्रमण-विरोधी अभियान के दौरान नगर निगम और पुलिस टीम पर कथित तौर पर पथराव किया गया, जिसके बाद दो लोगों को हिरासत में लिया गया। दो अन्य लोगों को मामूली चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में उपचार दिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
यह घटना सुबह 11 बजे उस समय हुई जब इंदौर नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम, पुलिसकर्मियों और अर्थ-मूविंग मशीनों के साथ बिचोली काकड़, शिव नगर और शिव दर्शन नगर पहुँची। टीम का उद्देश्य सड़क निर्माण मार्ग में बाधक अवैध ढाँचों को हटाना था।
अधिकारियों के अनुसार, कुछ स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध किया और स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब हटाने वाली टीम और पुलिस पर कथित तौर पर पत्थर फेंके गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्के बल प्रयोग का सहारा लिया।
पुलिस की प्रतिक्रिया
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में लेने के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी आगामी गड़बड़ी को रोका जा सके। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि समूची कार्रवाई सड़क मार्ग के सीमांकन और प्रशासनिक आदेशों के अनुरूप है।
हिरासत में लिए गए दोनों व्यक्तियों के संबंध में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। घटना के बाद क्षेत्र में शांति बनी हुई है, लेकिन तनाव की आशंका को देखते हुए सतर्कता जारी है।
RE-2 सड़क परियोजना: पृष्ठभूमि
RE-2 सड़क कुल 4.25 किलोमीटर लंबी और 45 मीटर चौड़ी है। इसका लगभग 3.20 किलोमीटर का हिस्सा पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि बंगाली स्क्वायर और पिपलियाहाना के बीच का करीब एक किलोमीटर का हिस्सा अतिक्रमण और अन्य बाधाओं के कारण तीन वर्षों से अधूरा पड़ा है।
आँकड़ों के अनुसार, इस सड़क और उससे जुड़े कनेक्टिविटी कार्यों पर अब तक लगभग ₹55 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। शेष अनिर्मित मार्ग में सात बस्तियाँ आती हैं।
पुनर्वास की स्थिति
पिपलियाहाना-बिचोली काकड़ क्षेत्र में पहले ही 325 परिवारों को स्थानांतरित किया जा चुका है, जिनमें से 303 परिवार आवंटित आवास इकाइयों में रह रहे हैं। कोर्ट के स्थगन आदेश के कारण पहले 22 घरों को नहीं हटाया जा सका था, लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आवास आवंटित कर 15 दिन का नोटिस दिया गया है।
इसके अतिरिक्त 58 अवैध अस्थायी ढाँचे भी हटाए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शांति नगर, पंचमुखी हनुमान मंदिर इलाका, स्कंद धाम कॉलोनी और आरटीओ के पास की बस्ती के परिवारों को नीलगिरी कॉम्प्लेक्स में बसाया जा चुका है। प्रशासन की योजना है कि शिव नगर के 80 घरों में रहने वाले 117 परिवारों और शिव दर्शन नगर के 55 घरों में रहने वाले 72 परिवारों को भी इसी कॉम्प्लेक्स में स्थानांतरित किया जाएगा।
आगे क्या होगा
प्रशासन का अभियान जारी रहने की संभावना है क्योंकि शेष अवरुद्ध हिस्से में अभी भी कई ढाँचे बाधा बने हुए हैं। गौरतलब है कि यह सड़क इंदौर की प्रमुख कनेक्टिविटी परियोजनाओं में से एक है और इसकी देरी शहर के यातायात पर असर डाल रही है। आगामी दिनों में कानून-व्यवस्था की स्थिति और पुनर्वास प्रक्रिया की प्रगति महत्त्वपूर्ण होगी।