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आनंद विहार नमो भारत स्टेशन पर 'स्टोरीबॉक्स' बुक फेयर, 20,000 किताबें और बॉक्स-मॉडल खरीदारी का अनोखा अनुभव

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आनंद विहार नमो भारत स्टेशन पर 'स्टोरीबॉक्स' बुक फेयर, 20,000 किताबें और बॉक्स-मॉडल खरीदारी का अनोखा अनुभव

सारांश

आनंद विहार नमो भारत स्टेशन अब सिर्फ यात्रियों का पड़ाव नहीं — यह किताब प्रेमियों का नया अड्डा बन गया है। 'स्टोरीबॉक्स' बुक फेयर में 20,000 से अधिक किताबें, अनोखा बॉक्स-खरीदारी मॉडल और लेखकों से मुलाकात का मौका — एनसीआरटीसी की वह पहल जो ट्रांज़िट हब को सांस्कृतिक केंद्र में बदल रही है।

मुख्य बातें

आनंद विहार नमो भारत स्टेशन पर 'स्टोरीबॉक्स' बुक फेयर 14 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक चल रहा है।
मेले में 20,000 से अधिक ओरिजिनल किताबें — हिंदी और अंग्रेज़ी में, फिक्शन से बच्चों की किताबों तक।
अनोखा बॉक्स-आधारित खरीदारी मॉडल : 'स्टोरीबॉक्स मिनी' और 'स्टोरीबॉक्स बिगी' — तय कीमत में मनपसंद किताबें।
लेखकों से मीट-एंड-ग्रीट सेशन , ऑटोग्राफ, प्री-ऑर्डर और मर्चेंडाइज की सुविधा।
मेला प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक खुला; एनसीआरटीसी की स्टेशनों को सांस्कृतिक हब बनाने की व्यापक पहल का हिस्सा।

आनंद विहार नमो भारत स्टेशन, नई दिल्ली में इन दिनों एक अनूठा नज़ारा देखने को मिल रहा है — यह ट्रांसपोर्ट हब अब किताब प्रेमियों का पसंदीदा ठिकाना बन चुका है। 14 अगस्त 2026 से शुरू हुआ 10 दिवसीय 'स्टोरीबॉक्स' बुक फेयर यहाँ 23 अगस्त 2026 तक चलेगा और प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक आगंतुकों के लिए खुला रहता है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) की इस पहल ने स्टेशन को महज़ एक यातायात केंद्र से आगे, एक जीवंत सांस्कृतिक स्थल के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

बुक फेयर की मुख्य विशेषताएँ

इस पुस्तक मेले में 20,000 से अधिक ओरिजिनल किताबें उपलब्ध हैं, जिनमें हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं की पुस्तकें शामिल हैं। फिक्शन, नॉन-फिक्शन और बच्चों की किताबों सहित विविध विधाओं और विषयों का व्यापक संग्रह यहाँ मौजूद है। छात्रों से लेकर परिवारों और नियमित यात्रियों तक, हर वर्ग के पाठक यहाँ खिंचे चले आ रहे हैं।

अनोखा बॉक्स-आधारित खरीदारी मॉडल

'स्टोरीबॉक्स' की सबसे उल्लेखनीय बात इसका बॉक्स-आधारित खरीदारी मॉडल है। पाठकों को व्यक्तिगत किताबों की अलग-अलग कीमत चुकाने के बजाय एक तय कीमत वाले बॉक्स में अपनी मनपसंद किताबें भरकर ले जाने का विकल्प दिया जाता है। इसके लिए दो विकल्प उपलब्ध हैं — 'स्टोरीबॉक्स मिनी' और 'स्टोरीबॉक्स बिगी'। पाठक अपने बजट और ज़रूरत के अनुसार बॉक्स चुन सकते हैं और उसमें जितनी किताबें समा सकें, उन्हें एक साथ घर ले जा सकते हैं। यह व्यवस्था सीमित बजट में भी अधिक किताबें खरीदने का अवसर देती है।

लेखकों से मुलाकात और अन्य गतिविधियाँ

पुस्तक मेला केवल खरीदारी तक सीमित नहीं है। यहाँ मीट-एंड-ग्रीट सेशन के ज़रिए आगंतुकों को लेखकों से सीधे मिलने और पुस्तकों पर ऑटोग्राफ लेने का अवसर भी मिल रहा है। इसके साथ ही एक्सक्लूसिव प्री-ऑर्डर, मर्चेंडाइज और किताबों से जुड़े अन्य अनुभव भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। यह आयोजन पढ़ने की संस्कृति को प्रोत्साहन देने का एक व्यापक प्रयास है।

आनंद विहार की कनेक्टिविटी का फायदा

आनंद विहार दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब में से एक है, जहाँ सार्वजनिक परिवहन के अनेक साधनों से पहुँचना सहज है। यही कारण है कि नमो भारत से यात्रा करने वाले यात्रियों के अलावा आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग इस बुक फेयर में पहुँच रहे हैं। गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब एनसीआरटीसी अपने स्टेशनों को परिवहन से आगे बढ़कर कला, संस्कृति और शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यापक रणनीति पर काम कर रही है।

एनसीआरटीसी की व्यापक दृष्टि

एनसीआरटीसी की यह पहल नमो भारत स्टेशनों को केवल ट्रांज़िट पॉइंट के बजाय जीवंत सामाजिक और सांस्कृतिक केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में एक सुनियोजित प्रयास है। यात्रियों को कला, इतिहास, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़े नए अनुभव देने की इस सोच के तहत 'स्टोरीबॉक्स' जैसे आयोजन आगे भी अपेक्षित हैं। तेज़ रफ्तार शहरी जीवन में यह बुक फेयर लोगों को कुछ पल रुककर किताबों की दुनिया से जुड़ने का अवसर दे रहा है — और आने वाले दिनों में इस तरह की और पहलों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन भारत में यह अभी भी नई ज़मीन है। बॉक्स-मॉडल खरीदारी किताबों को सुलभ बनाने का एक व्यावहारिक तरीका है, जो मूल्य-संवेदनशील पाठकों को आकर्षित कर सकता है। असली सवाल यह है कि क्या यह एकबारगी आयोजन है या एनसीआरटीसी इसे नमो भारत के हर प्रमुख स्टेशन पर नियमित रूप से दोहराने की योजना रखती है — तभी यह पहल पढ़ने की संस्कृति पर दीर्घकालिक असर डाल सकती है।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'स्टोरीबॉक्स' बुक फेयर कहाँ और कब तक चलेगा?
'स्टोरीबॉक्स' बुक फेयर आनंद विहार नमो भारत स्टेशन परिसर में 14 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक आयोजित है। यह प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक आगंतुकों के लिए खुला रहता है।
स्टोरीबॉक्स मिनी और स्टोरीबॉक्स बिगी में क्या अंतर है?
ये दो अलग-अलग आकार के बॉक्स हैं जिनमें पाठक तय कीमत चुकाकर अपनी मनपसंद किताबें भरकर ले जा सकते हैं। 'मिनी' छोटे बजट के लिए है जबकि 'बिगी' अधिक किताबें खरीदने का विकल्प देता है — दोनों में किताबें अलग-अलग कीमत पर नहीं, बल्कि बॉक्स की एकमुश्त कीमत पर मिलती हैं।
बुक फेयर में किस तरह की किताबें उपलब्ध हैं?
मेले में 20,000 से अधिक ओरिजिनल किताबें हैं जिनमें हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में फिक्शन, नॉन-फिक्शन और बच्चों की किताबें शामिल हैं। विविध विधाओं और विषयों का यह संग्रह छात्रों, परिवारों और नियमित यात्रियों सभी के लिए उपयुक्त है।
क्या बुक फेयर में किताब खरीदने के अलावा और भी गतिविधियाँ हैं?
हाँ, मेले में लेखकों से मीट-एंड-ग्रीट सेशन, पुस्तकों पर ऑटोग्राफ लेने का मौका, एक्सक्लूसिव प्री-ऑर्डर और मर्चेंडाइज की सुविधा भी उपलब्ध है। यह आयोजन केवल खरीदारी नहीं, बल्कि साहित्यिक अनुभव का एक संपूर्ण मंच है।
एनसीआरटीसी ने नमो भारत स्टेशन पर यह बुक फेयर क्यों आयोजित किया?
एनसीआरटीसी अपने नमो भारत स्टेशनों को केवल परिवहन केंद्र के बजाय कला, संस्कृति, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़े जीवंत सामाजिक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। 'स्टोरीबॉक्स' बुक फेयर इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जो पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्टेशन को समुदाय से जोड़ने का प्रयास करता है।
राष्ट्र प्रेस
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