क्या सुप्रीम कोर्ट के जज से ठगी की कोशिश हुई है, फर्जी ट्रैफिक चालान का सहारा?
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नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने शुक्रवार को एक सुनवाई के दौरान खुलासा किया कि हाल ही में साइबर ठगों ने उन्हें भी निशाना बनाने की कोशिश की थी।
उन्होंने बताया कि उन्हें एक फर्जी ट्रैफिक चालान का संदेश मिला था। संदेश में दिए गए लिंक पर क्लिक करने पर वे एक ऐसी वेबसाइट पर पहुंचे, जो बिल्कुल सरकारी साइट जैसी दिख रही थी।
जस्टिस शर्मा ने कहा कि वे समय रहते इस धोखाधड़ी को पहचानने में सफल रहे। लेकिन, अगर जजों को भी इस तरह के सुनियोजित फ्रॉड का शिकार बनाया जा रहा है, तो आम लोगों को और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने इस घटना का जिक्र साइबर फ्रॉड के बढ़ते खतरे को रेखांकित करने के लिए किया।
यह घटना जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ के सामने आई, जो एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोपी ने दो पुलिस अधिकारियों के बैंक खातों में कुछ पैसे जमा किए और फिर उनसे धोखाधड़ी करने की कोशिश की।
आरोपी ने पुलिसवालों को फंसाने के लिए फर्जी तरीके अपनाए थे। कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया और उसे जेल में रखने का आदेश दिया।
जस्टिस शर्मा ने अपने साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि साइबर अपराधी अब उच्च पदस्थ लोगों को भी टारगेट कर रहे हैं। फर्जी संदेश और लिंक के जरिए लोग आसानी से पैसे गंवा सकते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अनजान संदेश या लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें।
सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को जमानत नहीं दी और जांच को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।