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सूरत SBI लूट: वराछा में दिनदहाड़े ₹50 लाख की डकैती, हथियारबंद बदमाशों ने अलार्म भी किया बंद

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सूरत SBI लूट: वराछा में दिनदहाड़े ₹50 लाख की डकैती, हथियारबंद बदमाशों ने अलार्म भी किया बंद

सारांश

सूरत के वराछा में SBI शाखा से 27 अप्रैल को दिनदहाड़े ₹50 लाख की सशस्त्र लूट हुई। पाँच-छह बदमाश मोटरसाइकिल पर आए, अलार्म बंद किया, अधिकारी का फोन छीना और कैश लेकर फरार हो गए। पुलिस और क्राइम ब्रांच जाँच में जुटी है।

मुख्य बातें

27 अप्रैल 2026 को सूरत के वराछा स्थित SBI शाखा में दिनदहाड़े लूट हुई।
लूट में ₹50 लाख रुपए की नकदी ले जाई गई, जो सीएमएस वैन से डिलीवर हो रही थी।
पाँच से छह हथियारबंद बदमाश मोटरसाइकिलों पर आए और बैंक स्टाफ को धमकाया।
आरोपियों ने बैंक का अलार्म सिस्टम बंद किया और अधिकारी का मोबाइल फोन छीन लिया।
डीसीपी आलोक कुमार की निगरानी में जोन-1 पुलिस व क्राइम ब्रांच जाँच कर रही है; आसपास के जिले हाई अलर्ट पर हैं।
पुलिस जाँच कर रही है कि क्या कैश मूवमेंट की पूर्व सूचना बदमाशों को थी — अंदरूनी साजिश की आशंका।

सूरत के वराछा इलाके में स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक शाखा में 27 अप्रैल 2026 को दिनदहाड़े करीब ₹50 लाख रुपए की सशस्त्र लूट की घटना सामने आई है। पुलिस उपायुक्त (जोन-1) आलोक कुमार ने पुष्टि की है कि पाँच से छह हथियारबंद बदमाश मोटरसाइकिलों पर आए और सीएमएस वैन के जरिए नकदी डिलीवरी के दौरान बैंक को निशाना बनाया।

मुख्य घटनाक्रम: कैसे हुई लूट?

पुलिस के अनुसार, सीएमएस (कैश मैनेजमेंट सर्विस) वैन जब बैंक शाखा में नकदी पहुँचा रही थी, ठीक उसी समय बदमाशों ने हमला बोला। सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर आरोपी एक-एक करके बैंक परिसर में दाखिल होते, स्टाफ को धमकाते और बैग में नकदी भरकर फरार होते दिखाई दे रहे हैं।

आरोपियों ने न केवल हथियारों का इस्तेमाल किया, बल्कि बैंक का अलार्म सिस्टम भी बंद कर दिया और एक अधिकारी का मोबाइल फोन भी छीन लिया, ताकि तुरंत पुलिस को सूचना न दी जा सके। यह सुनियोजित रणनीति इस लूट को महज आवेगी अपराध नहीं, बल्कि पूर्व-नियोजित वारदात का संकेत देती है।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच की स्थिति

डीसीपी आलोक कुमार ने राष्ट्र प्रेस को बताया, "इस शाखा में लगभग ₹50 लाख रुपए की लूट हुई है। पाँच से छह आरोपी मोटरसाइकिलों पर आए थे। उन्होंने हथियार दिखाकर अधिकारी का फोन छीन लिया, जिससे तुरंत पुलिस से संपर्क नहीं हो सका। अलार्म सिस्टम भी बंद कर दिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची।"

जोन-1 पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमें जाँच में जुटी हैं। आसपास के जिलों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जाँच की जा रही है ताकि यह पुष्टि हो सके कि बदमाशों ने पिस्तौल का इस्तेमाल किया था या कोई अन्य हथियार।

गनमैन की गवाही: अंदर की घटना का खुलासा

सीएमएस वैन के गनमैन शिवपूजन सिंह ने बताया कि वे नकदी लेकर जमा कराने बैंक पहुँचे थे। उन्होंने कहा, "एक गनमैन अंदर गया था। घटना बैंक के अंदर ही हुई। मैं उस समय बाहर था।" पुलिस अब यह जाँच कर रही है कि क्या बदमाशों को कैश मूवमेंट की पूर्व जानकारी थी और क्या इसमें किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका है।

आम जनता और बैंकिंग सुरक्षा पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में बैंकिंग सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवाल उठाए जाते रहे हैं। गौरतलब है कि सीएमएस कैश ट्रांसफर के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बैंकों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच प्रोटोकॉल की खामियाँ अक्सर उजागर होती हैं। इस घटना ने एक बार फिर बैंक शाखाओं में कैश हैंडलिंग सुरक्षा की समीक्षा की माँग को तेज कर दिया है।

पुलिस आरोपियों के भागने के रास्ते का पता लगाने में जुटी है और जल्द ही गिरफ्तारी का दावा किया गया है। आने वाले घंटों में जाँच के नए सुराग सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत में कैश-इन-ट्रांजिट सुरक्षा की व्यापक विफलता का प्रतीक है। बदमाशों का अलार्म बंद करना और अधिकारी का फोन छीनना यह साफ दर्शाता है कि यह पूर्व-नियोजित ऑपरेशन था — जिसमें बैंक की आंतरिक प्रक्रियाओं की जानकारी हो सकती है। मुख्यधारा की मीडिया जहाँ सिर्फ लूट की रकम पर केंद्रित है, वहीं असली सवाल यह है कि सीएमएस एजेंसियों की सुरक्षा प्रोटोकॉल में इतनी बड़ी खामी कैसे रह गई। यह घटना RBI और बैंकिंग नियामकों को कैश हैंडलिंग मानकों की तत्काल समीक्षा के लिए बाध्य करनी चाहिए।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरत SBI शाखा में कितने रुपए की लूट हुई?
सूरत के वराछा स्थित SBI शाखा में ₹50 लाख रुपए की लूट हुई। यह नकदी सीएमएस वैन के जरिए बैंक में डिलीवर हो रही थी, तभी बदमाशों ने हमला किया।
सूरत बैंक लूट में कितने आरोपी शामिल थे?
पुलिस के अनुसार पाँच से छह हथियारबंद बदमाश मोटरसाइकिलों पर आए थे। वे सभी वारदात के बाद फरार हो गए और अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सूरत SBI लूट की जाँच कौन कर रहा है?
डीसीपी आलोक कुमार की निगरानी में जोन-1 पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमें जाँच कर रही हैं। आसपास के जिलों को भी अलर्ट किया गया है।
क्या सूरत बैंक लूट पहले से योजनाबद्ध थी?
पुलिस इसी एंगल से जाँच कर रही है। बदमाशों का अलार्म बंद करना और कैश डिलीवरी के सटीक समय पर हमला करना यह संकेत देता है कि लूट पूर्व-नियोजित हो सकती है। अंदरूनी सूत्र की भूमिका की भी जाँच हो रही है।
सूरत बैंक लूट में बदमाशों ने क्या-क्या किया?
बदमाशों ने हथियारों से स्टाफ को धमकाया , बैंक का अलार्म सिस्टम बंद किया, एक अधिकारी का मोबाइल फोन छीना और नकदी बैग में भरकर मोटरसाइकिलों पर फरार हो गए।
राष्ट्र प्रेस
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