9 अक्टूबर 2026
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स्वदेशी गश्ती पोत 'अजीत' भारतीय तटरक्षक बल में शामिल, गुजरात के ओखा में होगी तैनाती

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स्वदेशी गश्ती पोत 'अजीत' भारतीय तटरक्षक बल में शामिल, गुजरात के ओखा में होगी तैनाती

सारांश

स्वदेश में निर्मित तेज गश्ती पोत 'अजीत' भारतीय तटरक्षक बल में शामिल हो गया है। गोवा शिपयार्ड में बना यह पोत गुजरात के ओखा में तैनात होगा और तस्करी रोधी, बचाव व समुद्री निगरानी अभियानों में अहम भूमिका निभाएगा — आत्मनिर्भर भारत के रक्षा लक्ष्य की दिशा में एक और ठोस कदम।

मुख्य बातें

स्वदेशी तेज गश्ती पोत 'अजीत' को 9 अक्टूबर 2026 को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में भारतीय तटरक्षक बल में शामिल किया गया।
पोत को गुजरात के ओखा बंदरगाह पर तैनात किया जाएगा, जहाँ से यह अरब सागर में निगरानी करेगा।
कमीशनिंग समारोह की अध्यक्षता डॉ.
सिरीश चौधरी , प्रधान एकीकृत वित्तीय सलाहकार, ने की।
पोत समुद्री निगरानी, तस्करी रोधी अभियान , खोज एवं बचाव और समुद्री प्रदूषण नियंत्रण में सक्षम है।
कुछ दिन पहले ही तटरक्षक बल में स्वदेश निर्मित एयर कुशन व्हीकल ACV एच-562 भी शामिल हुआ था — यह भारत का दूसरा ऐसा वाहन है।

भारतीय तटरक्षक बल ने 9 अक्टूबर 2026 को स्वदेश निर्मित तेज गश्ती पोत 'अजीत' को अपने बेड़े में शामिल किया। गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) में निर्मित यह पोत आधुनिक हथियारों और उन्नत नियंत्रण प्रणालियों से सुसज्जित है। शामिल किए जाने के बाद इसे गुजरात के ओखा बंदरगाह पर तैनात किया जाएगा, जहाँ से यह समुद्री निगरानी और तटीय सुरक्षा अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाएगा।

कमीशनिंग समारोह और नेतृत्व

पोत को तटरक्षक बल में शामिल करने के समारोह की अध्यक्षता डॉ. सिरीश चौधरी ने की, जो तटरक्षक बल के प्रधान एकीकृत वित्तीय सलाहकार हैं। यह समारोह गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के परिसर में आयोजित हुआ। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 'अजीत' का कमीशन भारत की समुद्री सुरक्षा ढाँचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पोत की क्षमताएँ और भूमिका

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 'अजीत' को समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव, तस्करी रोधी अभियान और समुद्री प्रदूषण नियंत्रण जैसे बहुउद्देशीय कार्यों के लिए तैयार किया गया है। इसकी तीव्र गति और उन्नत सेंसर प्रणाली तटरक्षक बल को संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाएगी। आपात स्थितियों में यह पोत समुद्र में फँसे नागरिकों के बचाव अभियानों में भी उपयोगी सिद्ध होगा।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम

गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में निर्मित 'अजीत' भारत की स्वदेशी रक्षा जहाज निर्माण क्षमता का जीवंत प्रमाण है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही तटरक्षक बल में एक अन्य स्वदेश निर्मित पोत — एयर कुशन व्हीकल (ACV) एच-562 — को भी शामिल किया गया था। तटरक्षक बल के अनुसार, यह भारत में निर्मित दूसरा एयर कुशन व्हीकल है, जो ऐसे दुर्गम तटीय क्षेत्रों में पहुँच सकता है जहाँ सामान्य पोतों का जाना चुनौतीपूर्ण होता है।

ओखा तैनाती का रणनीतिक महत्व

गुजरात के ओखा में तैनाती रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र अरब सागर के व्यस्त समुद्री मार्गों के निकट स्थित है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी पश्चिमी समुद्री सीमाओं पर निगरानी क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रहा है। 'अजीत' की तैनाती से तटरक्षक बल की परिचालन क्षमता को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र में अवैध तस्करी एवं घुसपैठ पर अंकुश लगाने में सहायता मिलेगी।

आगे की राह

'अजीत' के बेड़े में शामिल होने के साथ, तटरक्षक बल लगातार अपनी स्वदेशी समुद्री क्षमता को विस्तार दे रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के पोतों की श्रृंखला भारत को आयात पर निर्भरता कम करने और समुद्री सुरक्षा को आत्मनिर्भर आधार पर संचालित करने में मदद करेगी। आने वाले समय में इस श्रेणी के और पोतों के शामिल होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मुख्यधारा की कवरेज यह सवाल नहीं उठाती कि इन पोतों के लिए दीर्घकालिक रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स और तकनीकी उन्नयन की व्यवस्था कितनी मज़बूत है — क्योंकि वहीं अक्सर स्वदेशीकरण की असली परीक्षा होती है।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गश्ती पोत 'अजीत' क्या है और इसे कहाँ बनाया गया?
'अजीत' एक स्वदेश निर्मित तेज गश्ती पोत है जिसे गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) ने तैयार किया है। इसे 9 अक्टूबर 2026 को भारतीय तटरक्षक बल में शामिल किया गया और यह आधुनिक हथियारों व उन्नत नियंत्रण प्रणालियों से लैस है।
'अजीत' को कहाँ तैनात किया जाएगा और क्यों?
पोत को गुजरात के ओखा बंदरगाह पर तैनात किया जाएगा, जो अरब सागर के व्यस्त समुद्री मार्गों के निकट है। यहाँ से यह समुद्री निगरानी, तस्करी रोधी कार्रवाई और बचाव अभियानों में योगदान देगा।
'अजीत' किन कार्यों के लिए सक्षम है?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 'अजीत' समुद्री निगरानी , खोज एवं बचाव , तस्करी रोकने और समुद्री प्रदूषण नियंत्रण जैसे कार्यों के लिए तैयार किया गया है। आपात स्थिति में यह समुद्र में फँसे नागरिकों को बचाने के अभियान भी चला सकता है।
एयर कुशन व्हीकल ACV एच-562 क्या है जिसे हाल ही में तटरक्षक बल में शामिल किया गया?
ACV एच-562 भारत में स्वदेशी रूप से निर्मित दूसरा एयर कुशन व्हीकल है, जिसे 'अजीत' से कुछ दिन पहले तटरक्षक बल में शामिल किया गया था। यह वाहन उन दुर्गम तटीय क्षेत्रों में पहुँचने में सक्षम है जहाँ सामान्य पोतों के लिए जाना चुनौतीपूर्ण होता है।
इन स्वदेशी पोतों का आत्मनिर्भर भारत से क्या संबंध है?
'अजीत' और ACV एच-562 जैसे स्वदेश निर्मित पोत भारत की रक्षा जहाज निर्माण क्षमता को मज़बूत करते हैं और आयात पर निर्भरता कम करने के लक्ष्य के अनुरूप हैं। यह आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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