30 सितंबर 2026
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तमिलनाडु: तंजावुर और थूथुकुडी में ₹220 करोड़ की PPP परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी

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तमिलनाडु: तंजावुर और थूथुकुडी में ₹220 करोड़ की PPP परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी

सारांश

तमिलनाडु सरकार ने तंजावुर में ₹130 करोड़ के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और थूथुकुडी में ₹90 करोड़ के बस स्टैंड पुनर्विकास — कुल ₹220 करोड़ की दो PPP परियोजनाओं के लिए व्यवहार्यता अध्ययन हेतु टेंडर जारी किए। बोलियाँ जमा करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु सरकार ने ₹220 करोड़ की दो शहरी PPP परियोजनाओं के लिए व्यवहार्यता अध्ययन हेतु टेंडर जारी किए।
तंजावुर नगर निगम में प्रस्तावित मल्टीपर्पज कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की अनुमानित लागत ₹130 करोड़ है।
थूथुकुडी के पोलपेट्टई में पुराने बस स्टैंड के पुनर्विकास पर ₹90 करोड़ खर्च का अनुमान।
कंसल्टेंसी अनुबंध की राशि ₹50 लाख ; बोलीदाताओं को ₹50,000 जमा राशि देनी होगी।
बोलियाँ जमा करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर , सुबह 11 बजे ; उसी दिन दोपहर 12:30 बजे टेंडर खुलेंगे।
दोनों परियोजनाएँ 'प्रोजेक्ट डेवलपमेंट ग्रांट फंड' के अंतर्गत आती हैं और अभी तैयारी के चरण में हैं।

तमिलनाडु सरकार ने ₹220 करोड़ की अनुमानित लागत वाली दो शहरी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए व्यवहार्यता अध्ययन हेतु सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया 30 सितंबर 2026 को शुरू कर दी है। इन परियोजनाओं में तंजावुर में एक मल्टीपर्पज कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और थूथुकुडी के पोलपेट्टई इलाके में एक पुराने बस स्टैंड का पुनर्विकास शामिल है — दोनों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के ज़रिए लागू किया जाना प्रस्तावित है।

परियोजनाओं का विवरण

तंजावुर नगर निगम में प्रस्तावित मल्टीपर्पज शॉपिंग और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की अनुमानित लागत ₹130 करोड़ है। वहीं थूथुकुडी नगर निगम के पोलपेट्टई क्षेत्र में स्थित पुराने बस स्टैंड के पुनर्विकास पर ₹90 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। दोनों परियोजनाएँ अभी तैयारी के चरण में हैं और प्राइवेट डेवलपर्स का चयन व्यवहार्यता रिपोर्ट आने के बाद ही किया जाएगा।

टेंडर और सलाहकार नियुक्ति की प्रक्रिया

तमिलनाडु सरकार के 'प्रोजेक्ट डेवलपमेंट ग्रांट फंड' के अंतर्गत दोनों परियोजनाओं के लिए डिटेल्ड फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने और ट्रांज़ेक्शन एडवाइजरी सेवाएँ प्रदान करने हेतु कंसल्टेंट नियुक्ति के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। इस कंसल्टेंसी कार्य की अनुबंध राशि ₹50 लाख निर्धारित की गई है और बोली लगाने वाली कंपनियों को ₹50,000 की जमा राशि (अर्नेस्ट मनी) जमा करनी होगी।

बोलियाँ जमा करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर को सुबह 11 बजे निर्धारित है और उसी दिन दोपहर 12:30 बजे टेंडर खोले जाएँगे।

सलाहकार की भूमिका और दायरा

नियुक्त सलाहकार यह जाँचेगा कि दोनों परियोजनाएँ PPP मॉडल के अंतर्गत व्यावहारिक रूप से लागू की जा सकती हैं या नहीं। इसके साथ ही वह परियोजनाओं की वित्तीय व्यवहार्यता का आकलन करेगा और संबंधित नगर निगमों को पार्टनरशिप के उपयुक्त ढाँचे के बारे में मार्गदर्शन देगा। गौरतलब है कि सलाहकार की ज़िम्मेदारियों में भविष्य में प्राइवेट डेवलपर्स के चयन की प्रक्रिया में सहायता करना भी शामिल होगा।

व्यापक संदर्भ और महत्त्व

यह कदम ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु सरकार शहरी बुनियादी ढाँचे के विस्तार के लिए निजी पूँजी को आकर्षित करने पर जोर दे रही है। PPP मॉडल के ज़रिए नगर निगम परियोजनाओं को लागू करना तमिलनाडु के लिए कोई नई बात नहीं है, लेकिन ₹220 करोड़ की एक साथ दो परियोजनाओं का आकलन राज्य की बढ़ती महत्त्वाकांक्षा को दर्शाता है। तंजावुर और थूथुकुडी — दोनों ही राज्य के मध्यम आकार के शहरी केंद्र हैं जहाँ वाणिज्यिक और यातायात अवसंरचना की माँग लगातार बढ़ रही है।

आगे की प्रक्रिया

व्यवहार्यता रिपोर्ट और ट्रांज़ेक्शन एडवाइजरी का कार्य पूरा होने के बाद ही दोनों परियोजनाओं के लिए प्राइवेट डेवलपर्स का चयन किया जाएगा। यह दो-चरणीय प्रक्रिया — पहले व्यवहार्यता जाँच, फिर डेवलपर चयन — परियोजनाओं में पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा व्यवहार्यता अध्ययन के बाद शुरू होगी — यानी क्या कोई प्राइवेट डेवलपर इन मध्यम आकार के शहरों में वाणिज्यिक रिटर्न देख पाता है। भारत में कई PPP शहरी परियोजनाएँ व्यवहार्यता रिपोर्ट बनने के बाद भी डेवलपर की अनुपस्थिति में अटकी रही हैं। तंजावुर और थूथुकुडी बड़े महानगरों की तुलना में कम आकर्षक बाज़ार हो सकते हैं, इसलिए PPP ढाँचे की शर्तें और सरकारी सहायता का स्तर तय करेगा कि ये परियोजनाएँ केवल कागज़ पर रहती हैं या ज़मीन पर उतरती हैं।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु की ₹220 करोड़ की PPP परियोजनाएँ क्या हैं?
तमिलनाडु सरकार ने दो शहरी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं का प्रस्ताव किया है — तंजावुर नगर निगम में ₹130 करोड़ का मल्टीपर्पज कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और थूथुकुडी के पोलपेट्टई में ₹90 करोड़ के पुराने बस स्टैंड का पुनर्विकास। दोनों परियोजनाएँ पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत लागू की जाएँगी।
इन परियोजनाओं के लिए टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि क्या है?
कंसल्टेंसी कार्य के लिए बोलियाँ जमा करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर को सुबह 11 बजे है। उसी दिन दोपहर 12:30 बजे टेंडर खोले जाएँगे।
नियुक्त सलाहकार का क्या काम होगा?
सलाहकार दोनों परियोजनाओं की व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) की जाँच करेगा, वित्तीय ढाँचे का आकलन करेगा और नगर निगमों को PPP मॉडल के तहत कार्यान्वयन प्रक्रिया में मार्गदर्शन देगा। इसमें भविष्य में प्राइवेट डेवलपर्स के चयन में सहायता करना भी शामिल है।
प्रोजेक्ट डेवलपमेंट ग्रांट फंड क्या है?
यह तमिलनाडु सरकार का एक निधि तंत्र है जिसके अंतर्गत PPP आधारित परियोजनाओं की प्रारंभिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट और ट्रांज़ेक्शन एडवाइजरी के खर्च वहन किए जाते हैं। इससे नगर निगमों को प्राइवेट निवेश आकर्षित करने से पहले परियोजना की तैयारी का वित्तपोषण मिलता है।
इन परियोजनाओं के लिए प्राइवेट डेवलपर का चयन कब होगा?
प्राइवेट डेवलपर का चयन व्यवहार्यता रिपोर्ट और ट्रांज़ेक्शन एडवाइजरी का कार्य पूरा होने के बाद ही किया जाएगा। दोनों परियोजनाएँ अभी तैयारी के चरण में हैं और डेवलपर चयन की समय-सीमा रिपोर्ट के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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