तमिलनाडु चुनाव: डीएमके और एआईएडीएमके के कल्याणकारी वादे
सारांश
Key Takeaways
- डीएमके के 525 वादे
- एआईएडीएमके के 297 वादे
- महिलाओं के लिए बढ़ी हुई वित्तीय सहायता
- किसानों के लिए बेहतर समर्थन मूल्य
- स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए प्रस्तावित योजनाएं
चेन्नई, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के करीब आने पर, सत्ताधारी डीएमके और विपक्षी एआईएडीएमके ने अपने चुनावी घोषणा पत्र जारी किए हैं। इन घोषणा पत्रों में मुख्य मतदाता समूहों, विशेषकर महिलाओं, किसानों और विभिन्न परिवारों के लिए कल्याणकारी वादों की भरमार है।
डीएमके ने 2021 में 505 वादे किए थे, लेकिन इस बार उसने अपने वादों की संख्या बढ़ाकर 525 कर दी है। दूसरी ओर, एआईएडीएमके ने कल्याणकारी योजनाओं और लक्षित सब्सिडी पर आधारित 297 वादे प्रस्तुत किए हैं।
दोनों घोषणापत्रों में महिला केंद्रित योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने घोषणा की है कि आयकर न देने वाले परिवारों की गृहिणियों को आवश्यक घरेलू उपकरण खरीदने के लिए 8,000 रुपए के कूपन दिए जाएंगे। इसके साथ ही, डीएमके ने महिलाओं के लिए मासिक वित्तीय सहायता को 1,000 रुपए से बढ़ाकर 2,000 रुपए करने का भी वादा किया है।
वहीं, एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने वादा किया है कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो राशन कार्ड धारकों को मुफ्त में रेफ्रिजरेटर दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, 'कुला विलाक्कू' योजना के अंतर्गत, एआईएडीएमके ने सभी परिवार कार्ड धारकों के लिए 2,000 रुपए की सब्सिडी का प्रस्ताव रखा है।
दोनों पार्टियों ने सामाजिक कल्याण क्षेत्र में कई समान वादे किए हैं। वृद्धावस्था पेंशन को 1,200 रुपए से बढ़ाकर 2,000 रुपए करने और मछली पकड़ने पर प्रतिबंध से संबंधित राहत सहायता को 8,000 रुपए से बढ़ाकर 12,000 रुपए करने का आश्वासन दिया गया है।
दिव्यांगजनों के लिए स्टालिन ने भत्ते को बढ़ाकर 2,500 रुपए करने का प्रस्ताव रखा है, जबकि पलानीस्वामी ने इसे 2,000 रुपए करने की प्रतिबद्धता जताई है।
शिक्षा के क्षेत्र में, डीएमके ने अगले पांच वर्षों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे 35 लाख छात्रों को मुफ्त लैपटॉप उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। एआईएडीएमके ने भी इसी प्रकार का वादा किया है, जिसमें सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को लैपटॉप देने का आश्वासन दिया गया है।
दोनों पार्टियों ने आवास और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी है। डीएमके ने पांच साल के भीतर 10 लाख घर बनाने का संकल्प लिया है, वहीं एआईएडीएमके ने 'अम्मा इल्लम' योजना के तहत बेघर परिवारों को मुफ्त आवास देने का वादा किया है।
किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3,500 रुपए प्रति क्विंटल और गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4,500 रुपए प्रति टन करने जैसे प्रमुख वादे भी किए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में, स्टालिन ने बीमा पात्रता के लिए आय सीमा को 5 लाख रुपए और कवरेज को 10 लाख रुपए करने का प्रस्ताव रखा है, जबकि पलानीस्वामी ने हृदय शल्य चिकित्सा और कैंसर देखभाल जैसे प्रमुख उपचारों के लिए पूर्ण सरकारी वित्तपोषण का आश्वासन दिया है।
दोनों दलों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कुछ पहलुओं के प्रति अपने विरोध को दोहराया है और तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया है। उन्होंने शिक्षा को राज्य सूची में वापस लाने के लिए प्रयास करने का भी वादा किया है।