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क्या तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री ने अड्यार नदी के मुहाने का निरीक्षण किया?

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क्या तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री ने अड्यार नदी के मुहाने का निरीक्षण किया?

सारांश

तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री मा. सुब्रमण्यन ने अड्यार नदी के मुहाने का निरीक्षण किया और पूर्वोत्तर मानसून के लिए की जा रही ड्रेजिंग कार्य की समीक्षा की। इससे जलभराव की समस्या को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्य बातें

अड्यार नदी का मुहाना चौड़ा किया जा रहा है।
सेम्बरमबक्कम झील से पानी धीरे-धीरे छोड़ा जा रहा है।
जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए ड्रेजिंग कार्य किया जा रहा है।
स्टालिन ने जीर्णोद्धार कार्य का आदेश दिया है।
पिछले पांच दिनों में कोई जलभराव नहीं हुआ है।

चेन्नई, 23 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री मा. सुब्रमण्यन ने चेन्नई के बेसेंट नगर में अड्यार नदी के मुहाने का निरीक्षण किया। यहां से सेम्बरमबक्कम झील से अड्यार नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने पूर्वोत्तर मानसून के संदर्भ में एहतियाती रूप से किए जा रहे ड्रेजिंग कार्य की समीक्षा की।

स्वास्थ्य मंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि सेम्बरमबक्कम झील का जलस्तर 21.27 मीटर तक बढ़ गया है, जिसकी कुल क्षमता 24 फीट है। झील को धीरे-धीरे खोला जा रहा है और वर्तमान में 750 घन फीट पानी छोड़ा जा रहा है। अड्यार नदी के मुहाने पर 5,300 घन फीट पानी जमा है।

पहले 25,000 घन फीट पानी छोड़ने से बाढ़ आ जाती थी, लेकिन एहतियाती उपायों के कारण अब 40,000 घन फीट तक पानी सुरक्षित रूप से समुद्र में छोड़ा जा सकता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा होगी।

उन्होंने कहा कि नदी के मुहाने की चौड़ाई 150 मीटर से बढ़ाकर 250 मीटर की जा रही है और यह कार्य पूर्वोत्तर मानसून समाप्त होने तक जारी रहेगा। मैंने वेल्लाचेरी विधायक, दक्षिण चेन्नई के सांसद और अधिकारियों के साथ काम का निरीक्षण किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पहले चेन्नई में बारिश का पानी कई दिनों और हफ्तों तक जमा रहता था, हालांकि पिछले पांच दिनों में 16.9 सेमी बारिश के बावजूद कोई जलभराव या यातायात में बाधा नहीं है, जिसमें मेट्रो सुरंगें भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने अड्यार नदी के मुहाने के जीर्णोद्धार का आदेश दिया है। यह वार्षिक कार्य साढ़े चार वर्षों से चल रहा है, जिससे श्रीनिवासपुरम को 4 लाख घन फीट रेत से बाढ़ से बचाया जा रहा है। चक्रवातों के दौरान नदी का मुहाना समुद्री जल को प्रवेश करने से रोकता है, जिससे न्यूनतम क्षति होती है। वर्तमान में, अड्यार नदी के मुहाने से 5,300 घन फीट पानी छोड़ा जा रहा है। अगर सेम्बरमबक्कम झील से 15,000 घन फीट पानी भी छोड़ा जाए तो यह आसानी से समुद्र में बह जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि तमिलनाडु सरकार पूर्वोत्तर मानसून से पहले उचित कदम उठा रही है। अड्यार नदी के मुहाने का निरीक्षण और ड्रेजिंग कार्य जलभराव की समस्या को कम करने में सहायक होगा। यह नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक सकारात्मक कदम है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अड्यार नदी के मुहाने का निरीक्षण क्यों किया गया?
स्वास्थ्य मंत्री ने पूर्वोत्तर मानसून के मद्देनजर एहतियाती उपायों के तहत अड्यार नदी के मुहाने का निरीक्षण किया।
क्या ड्रेजिंग कार्य से बाढ़ की समस्या कम होगी?
हाँ, ड्रेजिंग कार्य से नदी का जल स्तर नियंत्रित किया जा सकेगा, जिससे बाढ़ की समस्या कम होगी।
राष्ट्र प्रेस
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