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क्या तमिलनाडु वैश्विक व्यापार का केंद्र बनेगा? ईएसीसी ने 2000 करोड़ के निवेश की योजना बनाई है

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क्या तमिलनाडु वैश्विक व्यापार का केंद्र बनेगा? ईएसीसी ने 2000 करोड़ के निवेश की योजना बनाई है

सारांश

यूरेशिया एफ्रो चैंबर ऑफ कॉमर्स ने तमिलनाडु को वैश्विक व्यापार का केंद्र बनाने की महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। 2000 करोड़ के निवेश के साथ, यह पहल एशिया, अफ्रीका और यूरोप के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूती प्रदान करेगी। जानें इस योजना के बारे में विस्तार से।

मुख्य बातें

ईएसीसी ने 2000 करोड़ के निवेश की योजना बनाई है।
तमिलनाडु को वैश्विक व्यापार का केंद्र बनाने की दिशा में कदम।
अफ्रीकी देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों और चिकित्सा उपकरणों की मांग में वृद्धि।
सभी संबंधित दूतावासों के साथ चर्चा पूर्ण।
वैश्विक निवेश बाजार की शुरुआत नवंबर 2025 में।

चेन्नई, 10 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। यूरेशिया एफ्रो चैंबर ऑफ कॉमर्स (ईएसीसी) ने बुधवार को चेन्नई के एग्मोर में एक निजी होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया, जिसमें एशिया, अफ्रीका और यूरोप के बीच वैश्विक निवेश और व्यापार मार्ग को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।

इस अवसर पर ईएसीसी के अध्यक्ष डॉ. रोहित गुप्ता ने पत्रकारों को संगठन के उद्देश्यों और योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

डॉ. गुप्ता ने कहा कि ईएसीसी का मुख्य उद्देश्य अफ्रीका और दक्षिण भारत के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देना है।

उन्होंने बताया कि संगठन तमिलनाडु को अपना मुख्यालय बनाकर दक्षिण भारत को एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्यरत है। इसके लिए तमिलनाडु सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। हम तमिलनाडु को वैश्विक व्यापार का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

डॉ. रोहित गुप्ता ने बताया कि अफ्रीकी देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) और चिकित्सा उपकरणों की मांग तेजी से बढ़ रही है। घाना, लाइबेरिया और मोरक्को जैसे देशों ने इस क्षेत्र में गहरी रुचि दिखाई है। तमिलनाडु में मजबूत बुनियादी ढांचे की उपलब्धता के चलते, ईएसीसी इस क्षेत्र से निर्यात को बढ़ावा देने की योजना बना रहा है।

उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य 2000 करोड़ रुपए के निवेश के साथ निर्यात व्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है, जो गारंटी के आधार पर होगी।"

ईएसीसी का दृष्टिकोण एशिया, अफ्रीका और यूरोप के बीच आर्थिक कूटनीति को बढ़ावा देना, समान निवेश के अवसर उत्पन्न करना और सतत वैश्विक प्रगति को गति देना है।

डॉ. गुप्ता ने बताया कि तमिलनाडु सरकार और केंद्र सरकार को संगठन के उद्देश्यों के बारे में अवगत करा दिया गया है, और सभी संबंधित दूतावासों के साथ भी चर्चा पूरी हो चुकी है।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि तमिलनाडु सरकार की मंजूरी के साथ नवंबर और दिसंबर 2025 में वैश्विक निवेश बाजार की शुरुआत की जा रही है। इस पहल के तहत अफ्रीकी देशों की मांग को पूरा करने के लिए तमिलनाडु से इलेक्ट्रिक वाहनों और चिकित्सा उपकरणों का निर्यात किया जाएगा।

ईएसीसी की यह पहल न केवल भारत और अफ्रीका के बीच व्यापारिक संबंधों को सशक्त बनाएगी, बल्कि वैश्विक आर्थिक सहयोग को भी नई दिशा प्रदान करेगी। यह प्रयास क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को सशक्त बनाने और सतत विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारत की आर्थिक नीति के लिए भी एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। तमिलनाडु का विकास और वैश्विक स्तर पर उसकी पहचान बढ़ाने के लिए यह प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु को वैश्विक व्यापार केंद्र बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
तमिलनाडु को अपना मुख्यालय बनाकर ईएसीसी ने 2000 करोड़ के निवेश के साथ निर्यात व्यवस्था को सुदृढ़ करने की योजना बनाई है।
अफ्रीकी देशों में किस प्रकार की वस्तुओं की मांग बढ़ रही है?
अफ्रीकी देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों और चिकित्सा उपकरणों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
इस पहल से भारत को क्या लाभ होगा?
यह पहल भारत और अफ्रीका के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगी और वैश्विक आर्थिक सहयोग को नई दिशा प्रदान करेगी।
इस योजना का कार्यान्वयन कब शुरू होगा?
इस योजना का कार्यान्वयन नवंबर और दिसंबर 2025 में शुरू होगा।
राष्ट्र प्रेस
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