16 देशों के 32 प्रतिनिधि हुए हैरान: तमिलनाडु-बंगाल की चुनाव व्यवस्था बनी विश्व के लिए मिसाल

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16 देशों के 32 प्रतिनिधि हुए हैरान: तमिलनाडु-बंगाल की चुनाव व्यवस्था बनी विश्व के लिए मिसाल

सारांश

तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में IEVP 2026 के तहत 16 देशों के 32 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भारत की चुनाव प्रक्रिया को 'लोकतंत्र का सच्चा उत्सव' बताया। ईवीएम वितरण, वेबकास्टिंग, दिव्यांग सुविधाओं और मोबाइल जमा व्यवस्था ने विदेशी मेहमानों को किया हैरान।

Key Takeaways

  • 16 देशों के 32 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने 22-23 अप्रैल 2026 को तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रत्यक्ष देखे।
  • मॉरीशस, फिलीपींस, केन्या, भूटान और नेपाल सहित कई देशों के प्रतिनिधियों ने भारत की चुनाव व्यवस्था को 'लोकतंत्र का सच्चा उत्सव' बताया।
  • ईवीएम वितरण, 100%25 वेबकास्टिंग, दिव्यांग सुविधाएं और मोबाइल जमा पॉकेट ने विदेशी मेहमानों को सबसे अधिक प्रभावित किया।
  • IEVP 2026 के तहत अब तक 38 देशों के 70 प्रतिनिधि भारत के पाँच राज्यों में चुनाव प्रक्रिया के साक्षी बन चुके हैं।
  • बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर से मतदान की सुविधा को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से सराहा।
  • भारत की चुनाव प्रणाली अब वैश्विक लोकतंत्रों के लिए अध्ययन का मॉडल बन रही है।

नई दिल्ली, 26 अप्रैल 2026भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के अंतरराष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) 2026 के तहत तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के पहले चरण ने दुनिया का ध्यान खींचा है। 16 देशों के 32 प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय संस्था इंटरनेशनल आईडीईए के सदस्यों ने 22-23 अप्रैल 2026 को इन दोनों राज्यों का दौरा कर भारत की चुनावी प्रक्रिया की विशालता, पारदर्शिता और जीवंतता को प्रत्यक्ष देखा और इसे 'लोकतंत्र का एक सच्चा उत्सव' करार दिया।

मतदान केंद्रों पर व्यवस्था देख दंग रह गए विदेशी मेहमान

प्रतिनिधियों ने अपनी दो दिवसीय यात्रा की शुरुआत प्रेषण और वितरण केंद्रों के दौरे से की, जहाँ उन्होंने ईवीएम की तीन इकाइयों — कंट्रोल यूनिट (CU), बैलेट यूनिट (BU) और वीवीपैट — के वितरण की व्यवस्था देखी। फिलीपींस की प्रतिनिधि मेनिसा ऐनी एम. टेलन ने सिलीगुड़ी के डिस्पैच सेंटर का जिक्र करते हुए कहा कि यह अनुभव अत्यंत पारदर्शी और सुव्यवस्थित था।

मॉरीशस की उच्चायुक्त शीलाबाई बाप्पू ने चेन्नई के एक मतदान केंद्र पर मतदान प्रक्रिया देखने के बाद कहा कि भारत पूरी दुनिया को यह अनुभव, प्रक्रियाएं और ज्ञान दे रहा है कि लोकतंत्र कैसे चलाया जाता है। नेपाल के प्रतिनिधि यज्ञ प्रसाद भट्टराई ने सिलीगुड़ी के मतदान केंद्रों के प्रबंधन को 'बहुत अच्छा और बेहतरीन' बताया।

समावेशी सुविधाएं और तकनीकी पारदर्शिता ने जीता दिल

प्रतिनिधियों ने मतदान केंद्रों पर उपलब्ध रैंप, व्हीलचेयर, शिशु-देखभाल सुविधाएं और स्वयंसेवकों की उपस्थिति की सराहना की। बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर से मतदान की सुविधा को उन्होंने एक उल्लेखनीय पहल बताया।

केन्या की प्रतिनिधि रुथ खातिएवी कुलुंडु ने मोबाइल होल्डर पॉकेट की व्यवस्था की प्रशंसा की, जो मतदाताओं की वोट की गोपनीयता सुनिश्चित करती है। भूटान के प्रतिनिधि शेरिंग समद्रुप ने हेल्प डेस्क और कलर कोडिंग को भारत की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

प्रतिनिधियों ने मतदान केंद्रों की 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग निगरानी के लिए स्थापित मीडिया/वेबकास्टिंग नियंत्रण कक्षों को पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। पश्चिम बंगाल में मतदान केंद्रों पर स्वास्थ्य-जांच सेवाओं की उपलब्धता ने भी उन्हें प्रभावित किया।

आईईवीपी 2026: 38 देशों के 70 प्रतिनिधियों ने किया भारत का दौरा

गौरतलब है कि इससे पहले 8-9 अप्रैल 2026 को 22 देशों के 38 प्रतिनिधियों ने असम, केरल और पुडुचेरी का दौरा किया था। इस प्रकार आईईवीपी 2026 के तहत अब तक 38 देशों और इंटरनेशनल आईडीईए के कुल 70 प्रतिनिधि पाँच राज्यों/संघ राज्य-क्षेत्रों में भारत की चुनाव प्रक्रिया के साक्षी बन चुके हैं।

यह कार्यक्रम भारत निर्वाचन आयोग की एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य वैश्विक चुनाव प्रबंधन निकायों के साथ सहयोग बढ़ाना और भारत के चुनावी ढाँचे, संस्थागत तंत्रों तथा परिचालन संरचना की जानकारी साझा करना है।

वैश्विक संदर्भ में भारत की चुनाव प्रणाली का महत्व

यह उल्लेखनीय है कि जब दुनिया के कई लोकतंत्र — अमेरिका से लेकर यूरोप तक — मतदाता अविश्वास, चुनावी हेरफेर के आरोपों और मतदान प्रतिशत में गिरावट जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं, भारत अपनी 97 करोड़ से अधिक मतदाताओं वाली विशाल लोकतांत्रिक प्रणाली को न केवल सुचारू रूप से संचालित कर रहा है, बल्कि उसे वैश्विक मानदंड के रूप में प्रस्तुत भी कर रहा है। ईवीएम प्रणाली, वीवीपैट और 100%25 वेबकास्टिंग जैसी तकनीकी पहलें भारत को चुनाव प्रबंधन में अग्रणी बनाती हैं।

आने वाले चरणों में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की भागीदारी जारी रहने की संभावना है, जो भारत की चुनावी साख को वैश्विक मंच पर और मजबूत करेगी।

Point of View

बल्कि भारत की 'सॉफ्ट पावर' की सबसे प्रभावशाली अभिव्यक्ति है। जब पश्चिमी लोकतंत्र मतदाता अविश्वास और संस्थागत कमजोरी से जूझ रहे हैं, भारत 97 करोड़ मतदाताओं वाली प्रणाली को न सिर्फ सफलतापूर्वक चला रहा है बल्कि उसे वैश्विक मानदंड बना रहा है। हालाँकि यह भी ध्यान देने योग्य है कि अंतरराष्ट्रीय प्रशंसा और घरेलू विपक्ष की ईवीएम संबंधी आशंकाओं के बीच की खाई को पाटने के लिए आयोग को पारदर्शिता के इसी स्तर को देश के भीतर भी बनाए रखना होगा। विदेशी प्रतिनिधियों की तारीफ तभी सार्थक होगी जब आम भारतीय मतदाता भी इसी विश्वास के साथ वोट डाले।
NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में कितने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि आए थे?
16 देशों के 32 प्रतिनिधि और इंटरनेशनल आईडीईए के सदस्य 22-23 अप्रैल 2026 को तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के चुनाव देखने आए। यह दौरा भारत निर्वाचन आयोग के IEVP 2026 कार्यक्रम के तहत हुआ।
अंतरराष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) क्या है?
IEVP (International Election Visitor Programme) भारत निर्वाचन आयोग की एक प्रमुख पहल है जिसके तहत विदेशी चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रतिनिधियों को भारत की चुनावी प्रक्रिया प्रत्यक्ष दिखाई जाती है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना और भारत की सर्वोत्तम चुनाव प्रथाओं को साझा करना है।
विदेशी प्रतिनिधियों ने भारत की चुनाव प्रणाली में क्या खास देखा?
प्रतिनिधियों ने ईवीएम-वीवीपैट वितरण, 100%25 वेबकास्टिंग, दिव्यांगों के लिए घर से मतदान, रैंप-व्हीलचेयर सुविधाएं और मोबाइल जमा पॉकेट व्यवस्था को विशेष रूप से सराहा। उन्होंने इसे पारदर्शी, समावेशी और सुव्यवस्थित बताया।
IEVP 2026 के तहत कुल कितने देशों के प्रतिनिधियों ने भारत का दौरा किया?
IEVP 2026 के तहत अब तक 38 देशों और इंटरनेशनल आईडीईए के कुल 70 प्रतिनिधि भारत के पाँच राज्यों/संघ राज्य-क्षेत्रों — असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल — का दौरा कर चुके हैं। पहला दौरा 8-9 अप्रैल को हुआ था।
मॉरीशस की उच्चायुक्त ने भारत के चुनाव के बारे में क्या कहा?
मॉरीशस की उच्चायुक्त शीलाबाई बाप्पू ने चेन्नई के मतदान केंद्र का दौरा करने के बाद कहा कि भारत पूरी दुनिया को यह अनुभव और ज्ञान दे रहा है कि लोकतंत्र कैसे चलाया जाता है। उन्होंने इसे वास्तविक लोकतंत्र की परिभाषा बताया।
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