26 जून 2026
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तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा की आशंका, टीवीके ने महाबलीपुरम रिसॉर्ट में विधायकों को ठहराने की तैयारी की

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तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा की आशंका, टीवीके ने महाबलीपुरम रिसॉर्ट में विधायकों को ठहराने की तैयारी की

सारांश

तमिलनाडु में 4 मई के परिणाम से पहले ही 'रिसॉर्ट राजनीति' का खेल शुरू हो गया है। टीवीके प्रमुख विजय ने महाबलीपुरम के पास 100+ क्षमता वाले रिसॉर्ट में अपने विजयी विधायकों को ठहराने की व्यवस्था कर ली है। एग्जिट पोल के परस्पर विरोधी संकेत बताते हैं कि तमिलनाडु में सत्ता की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई।

मुख्य बातें

टीवीके ने महाबलीपुरम के पास पूंजेरी के एक निजी रिसॉर्ट में 100 से अधिक लोगों को ठहराने की व्यवस्था की है।
4 मई 2026 को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम आने हैं; एग्जिट पोल त्रिशंकु विधानसभा के संकेत दे रहे हैं।
विजय ने पार्टी के महासचिव आधव अर्जुना को ECI से मतगणना केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा माँगने का निर्देश दिया।
पार्टी की कानूनी टीम को मतगणना के दौरान किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सक्रिय किया गया।
सत्तारूढ़ डीएमके ने सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सत्ता में वापसी का भरोसा जताया है।

अभिनेता-राजनेता सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेट्ट्रि कझगम (टीवीके) ने 4 मई 2026 को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणामों से पहले ही संभावित "रिसॉर्ट राजनीति" की पूरी तैयारी कर ली है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, महाबलीपुरम के निकट पूंजेरी में एक निजी रिसॉर्ट में 100 से अधिक लोगों को ठहराने की व्यवस्था की गई है, जिसका उद्देश्य टीवीके के विजयी उम्मीदवारों को किसी भी संभावित "तोड़-फोड़" से सुरक्षित रखना है। एग्जिट पोल के परस्पर विरोधी संकेतों के बीच तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा की आशंका ने सभी प्रमुख दलों को सतर्क कर दिया है।

रिसॉर्ट राजनीति की तैयारी

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पूंजेरी स्थित निजी रिसॉर्ट को परिणाम घोषित होते ही टीवीके के निर्वाचित विधायकों को तुरंत ठहराने के लिए तैयार किया जा रहा है। यह रिसॉर्ट 100 से अधिक लोगों की क्षमता रखता है। विजय ने पार्टी पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी लॉजिस्टिक तैयारियाँ समय से पहले पूरी कर ली जाएँ।

गौरतलब है कि एग्जिट पोल जारी होने के एक दिन बाद ही विजय ने सभी विजयी उम्मीदवारों को तुरंत पनैयूर स्थित पार्टी मुख्यालय पहुँचने का निर्देश दिया था। एक बैठक में उन्होंने मजाकिया लहजे में उम्मीदवारों से कहा कि जीत के बाद "कहीं मत जाना" — यह टिप्पणी स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

कानूनी और प्रशासनिक मोर्चे पर सक्रियता

लॉजिस्टिक तैयारियों के साथ-साथ विजय ने पार्टी की कानूनी टीम को भी पूरी तरह सक्रिय कर दिया है, ताकि मतगणना के दौरान किसी भी कानूनी या प्रशासनिक चुनौती से निपटा जा सके। उन्होंने पार्टी के महासचिव (चुनाव अभियान प्रबंधन) आधव अर्जुना को निर्देश दिया है कि वे भारत निर्वाचन आयोग (ECI) से मतगणना केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा की माँग करें।

यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत मिलने की संभावना पर विशेषज्ञों में मतभेद है, और हर पार्टी अपने विधायकों को सुरक्षित रखने की रणनीति बना रही है।

एग्जिट पोल और राजनीतिक अनिश्चितता

एग्जिट पोल के नतीजे परस्पर विरोधी संकेत दे रहे हैं — कुछ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) नेतृत्व वाले गठबंधन के पक्ष में हैं, तो कुछ अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) गठबंधन की बढ़त दिखा रहे हैं, जबकि कुछ टीवीके के मजबूत पदार्पण का अनुमान लगा रहे हैं। इस अनिश्चितता के बीच त्रिशंकु विधानसभा की संभावना ने सत्ता के समीकरणों को जटिल बना दिया है।

सत्तारूढ़ डीएमके ने खुद को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सत्ता में वापसी को लेकर भरोसा जताया है। पार्टी नेतृत्व ने अपने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने और मतगणना प्रक्रिया पर नज़र बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

रिसॉर्ट राजनीति: भारत में एक पुरानी रणनीति

"रिसॉर्ट राजनीति" भारतीय चुनावी इतिहास में कोई नई घटना नहीं है। कर्नाटक, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में सरकार गठन के नाजुक दौर में विधायकों को रिसॉर्ट में ठहराने की यह रणनीति अपनाई जाती रही है। तमिलनाडु में भी इसके पुराने उदाहरण मौजूद हैं, और 4 मई 2026 के परिणामों के बाद यह एक बार फिर निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

राजनीतिक स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, और परिणामों के बाद तमिलनाडु में तीव्र राजनीतिक हलचल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पैसे या दबाव के प्रति जवाबदेह हो सकते हैं। तमिलनाडु में यदि सच में त्रिशंकु विधानसभा बनती है, तो असली परीक्षा यह होगी कि क्या नई पार्टियाँ पुरानी प्रणाली को बदलती हैं — या उसका हिस्सा बन जाती हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में 'रिसॉर्ट राजनीति' क्या है और टीवीके इसे क्यों अपना रही है?
'रिसॉर्ट राजनीति' वह रणनीति है जिसमें चुनाव परिणामों के बाद विधायकों को किसी सुरक्षित स्थान पर ठहराया जाता है ताकि उन्हें प्रतिद्वंद्वी दलों के प्रलोभन या दबाव से बचाया जा सके। टीवीके ने महाबलीपुरम के पास पूंजेरी में एक रिसॉर्ट तैयार किया है क्योंकि एग्जिट पोल त्रिशंकु विधानसभा के संकेत दे रहे हैं।
तमिलनाडु चुनाव परिणाम कब आएंगे?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई 2026 को घोषित होने हैं। एग्जिट पोल के परस्पर विरोधी संकेतों के चलते परिणाम अनिश्चित माने जा रहे हैं।
टीवीके के प्रमुख विजय ने अपने उम्मीदवारों को क्या निर्देश दिए हैं?
विजय ने सभी विजयी उम्मीदवारों को परिणाम के बाद तुरंत पनैयूर स्थित पार्टी मुख्यालय पहुँचने का निर्देश दिया है। एक बैठक में उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि जीत के बाद 'कहीं मत जाना', जो दल-बदल की आशंका को दर्शाता है।
डीएमके ने चुनाव परिणामों को लेकर क्या रुख अपनाया है?
सत्तारूढ़ डीएमके ने सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सत्ता में वापसी का भरोसा जताया है और अपने कार्यकर्ताओं को मतगणना प्रक्रिया पर कड़ी नज़र रखने के निर्देश दिए हैं।
टीवीके की कानूनी टीम मतगणना के दौरान क्या भूमिका निभाएगी?
विजय ने पार्टी की कानूनी टीम को सक्रिय किया है ताकि मतगणना के दौरान किसी भी कानूनी विवाद या प्रशासनिक चुनौती से तुरंत निपटा जा सके। इसके अलावा, महासचिव आधव अर्जुना को ECI से मतगणना केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा की माँग करने का निर्देश दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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