तरुण चुघ का दावा: महिला आरक्षण से लोकतंत्र में आएगा सुधार, कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करने का प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान।
- तरुण चुघ का कांग्रेस पर तीखा हमला।
- महिला सशक्तीकरण के लिए नारी शक्ति वंदन विधेयक का महत्व।
- राजनीति में महिलाओं की भागीदारी का बढ़ता महत्व।
नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभी सांसदों से महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करने की अपील और भाजपा-आरएसएस तथा गुजरात पर मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
तरुण चुघ ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने महिला सशक्तीकरण के लिए नारी शक्ति वंदन विधेयक जैसे अद्वितीय निर्णय लेकर भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली को एक नई दिशा दी है। यह केवल एक कानून नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी का एक ऐतिहासिक संकल्प है। प्रधानमंत्री महिलाओं के उत्थान के प्रति प्रतिबद्ध हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ से लेकर पंचायत और संसद तक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। अगर राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, तो इससे एक बेहतर और संतुलित समाज का निर्माण होगा। महिला आरक्षण विधेयक भारत के लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाएगा।"
तरुण चुघ ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी का बयान मुस्लिम लीग और जमात-ए-इस्लामिक के आकाओं को प्रसन्न करने के लिए है। कांग्रेस के देश और समाज विरोधी चाल, चरित्र और चेहरा सभी के सामने आ चुका है। इटली का चश्मा पहनकर कांग्रेस के नेता कभी विदेशी तो कभी मुस्लिम आकाओं को खुश करने के लिए देश विरोधी बयान दे रहे हैं, लेकिन भारतीय जनता अब अपमानजनक बयानों को न भूलने वाली है।"
वास्तव में, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने असम में एक चुनावी रैली में आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी को जहरीला सांप करार दिया था। उन्होंने कहा था, "कुरान शरीफ में स्पष्ट लिखा है, नमाज पढ़ते वक्त भी अगर कोई जहरीला सांप सामने आ जाए तो नमाज छोड़ दो और पहले उस सांप को मार दो। आज आरएसएस और भाजपा वही सांप हैं।" खड़गे के इस बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। भाजपा नेता लगातार खड़गे और कांग्रेस पार्टी पर तीखी प्रतिक्रियाएँ व्यक्त कर रहे हैं।