तरुण चुघ का बड़ा हमला: टीएमसी की अंदरूनी कलह 'लूट-खसोट की देन', राहुल गांधी को भी चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने शुक्रवार, 12 जून को पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मची अंतर्कलह की जड़ें उजागर करते हुए कहा कि यह स्थिति टीएमसी की 'लूट-खसोट' और जनता के विश्वास को तोड़ने का प्रत्यक्ष परिणाम है। मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में टीएमसी की विश्वसनीयता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।
टीएमसी की कलह की असली वजह
चुघ ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मौजूदा स्थिति किसी से छुपी नहीं है। उनके अनुसार, 'यह टीएमसी के पूर्व में किए गए पापों और लूट-खसोट का नतीजा है।' उन्होंने आगे कहा कि राज्य में टीएमसी की साख इतनी गिर चुकी है कि अब उसे पूछने वाला कोई नहीं रहा। उनका तर्क था कि जब किसी दल की नींव भ्रष्टाचार पर टिकी हो, तो आंतरिक विखंडन अवश्यंभावी होता है।
राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा प्रहार
टीएमसी की आलोचना के साथ-साथ चुघ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने ऐतिहासिक मुद्दों का हवाला देते हुए पूछा कि सिख विरोधी दंगों की जिम्मेदारी किस पर है, भोपाल गैस त्रासदी का दोषी कौन था, और बोफोर्स दलाली में किसका हाथ था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग विदेशी जाँच एजेंसियों का सहारा लेकर मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को अपने पक्ष में करने की कोशिश करते हैं।
चुघ ने कहा, 'कांग्रेस के लोगों के चाल, चरित्र और चेहरे से देश की जनता भली-भाँति वाकिफ हो चुकी है।' उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि वे किसी भी सूरत में देश की जनता को गुमराह करने की कोशिश न करें।
PM मोदी की उपलब्धियों का बखान
चुघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज हर क्षेत्र में सफलता का परचम लहराया जा रहा है और देश दोगुनी गति से विकास कर रहा है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री ने अपने कार्यों के बल पर जनता का विश्वास अर्जित किया है।
हरियाणा में सिख इतिहास पाठ्यक्रम का स्वागत
चुघ ने हरियाणा सरकार के उस निर्णय की सराहना की, जिसमें कक्षा आठवीं की इतिहास पुस्तक में सिख इतिहास को शामिल करने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को राष्ट्र निर्माण में सिख समुदाय के योगदान की जानकारी मिलेगी। उन्होंने वीर बाल दिवस और गुरू तेग बहादुर दिवस जैसी पहलों का भी उल्लेख किया, जो वीर साहिबजादों के बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर स्मरण करने का अवसर देती हैं।
आगे क्या
BJP के इस आक्रामक रुख से स्पष्ट है कि पार्टी पश्चिम बंगाल में TMC की आंतरिक दरारों को राजनीतिक रूप से भुनाने की तैयारी में है। विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इस तरह के बयान जमीनी राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं।