टिहरी गढ़वाल में दर्दनाक हादसा: चंबा-कोटी रोड पर खाई में गिरी मैक्स, 8 की मौत, 2 घायल

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टिहरी गढ़वाल में दर्दनाक हादसा: चंबा-कोटी रोड पर खाई में गिरी मैक्स, 8 की मौत, 2 घायल

सारांश

टिहरी गढ़वाल में चंबा-कोटी रोड पर मैक्स वाहन के खाई में गिरने से 8 लोगों की मौत, 2 घायल। हरिद्वार से अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौट रहे थे सभी यात्री। जिलाधिकारी, एसएसपी और विधायक मौके पर पहुंचे, एसडीआरएफ ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन।

Key Takeaways

  • 23 अप्रैल 2025 को टिहरी गढ़वाल के चंबा-कोटी रोड पर नैल के पास भीषण सड़क हादसा हुआ।
  • एक मैक्स (यूटिलिटी पिकअप) वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरा, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई।
  • वाहन में सवार सभी यात्री हरिद्वार में अंतिम संस्कार से लौट रहे घनसाली क्षेत्र के निवासी थे।
  • घायल उत्तम कुमार (30) और अंकित (22) को जिला अस्पताल बौराड़ी में भर्ती कराया गया, दोनों खतरे से बाहर।
  • जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे और विधायक शक्तिलाल शाह घटनास्थल पर पहुंचे।
  • हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया।

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में 23 अप्रैल 2025 को एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। थाना चंबा क्षेत्र की चंबा-कोटी कॉलोनी रोड पर नैल के समीप एक यूटिलिटी पिकअप वाहन (मैक्स) अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा, जिसमें सवार 10 में से 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे का पूरा घटनाक्रम

वाहन ऋषिकेश से घनसाली की ओर जा रहा था। सभी 10 यात्री घनसाली क्षेत्र के चांजी, ठेला और चकरेडा गांव के निवासी थे, जो हरिद्वार में एक अंतिम संस्कार में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे। नैल के निकट पहुंचते ही वाहन अचानक काबू से बाहर हो गया और सीधे गहरी खाई में जा गिरा।

हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और घायलों को खाई से बाहर निकालने में मदद की।

घायलों की पहचान और उपचार

दोनों घायलों की पहचान उत्तम कुमार (आयु 30 वर्ष), पुत्र पुस्सू, निवासी ग्राम लोस्तु, बड़ियारगढ़ और अंकित (आयु 22 वर्ष), पुत्र आशा लाल, निवासी ग्राम नेलचामी, घनसाली के रूप में हुई है। दोनों को खाई से निकालकर तत्काल जिला अस्पताल बौराड़ी पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। दोनों घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।

प्रशासन और बचाव दल की कार्रवाई

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और फायर सर्विस की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे और घनसाली विधायक शक्तिलाल शाह भी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्यों की निगरानी की।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने 8 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की। खाई में गिरे वाहन को बाहर निकालने और शवों को सुरक्षित बाहर लाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी रहा।

पहाड़ी सड़क हादसों का गहरा संदर्भ

उत्तराखंड में पहाड़ी मार्गों पर वाहन दुर्घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। राज्य के परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रतिवर्ष सैकड़ों लोग पहाड़ी सड़क हादसों में जान गंवाते हैं। संकरी सड़कें, तेज मोड़, अधिक यात्री भार और वाहनों की खराब तकनीकी स्थिति इन हादसों के प्रमुख कारण माने जाते हैं।

गौरतलब है कि टिहरी-घनसाली मार्ग पर इससे पहले भी कई गंभीर हादसे हो चुके हैं, लेकिन सड़क सुरक्षा उपायों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं आया है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का मौसम शुरू होने वाला है और पहाड़ी मार्गों पर यातायात का दबाव कई गुना बढ़ जाता है।

जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने स्पष्ट किया है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पीड़ित परिवारों को हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

आगे क्या होगा

प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। साथ ही चंबा-कोटी रोड पर सड़क सुरक्षा ऑडिट और क्रैश बैरियर लगाने की मांग भी उठने लगी है। यह दुखद घटना एक बार फिर सरकार और परिवहन विभाग को पहाड़ी मार्गों की सुरक्षा को लेकर ठोस नीतिगत कदम उठाने की चेतावनी देती है।

Point of View

बल्कि उत्तराखंड की पहाड़ी सड़कों पर दशकों से चली आ रही प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। जिस रोड पर यह हादसा हुआ, वहां क्रैश बैरियर, सड़क सुरक्षा संकेत और नियमित वाहन जांच की व्यवस्था आज भी अधूरी है। विडंबना यह है कि चारधाम यात्रा से ठीक पहले, जब लाखों श्रद्धालु इन्हीं मार्गों से गुजरेंगे, सरकार की प्राथमिकता में सड़क सुरक्षा नहीं दिखती। जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी और ठोस इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं बनेगा, ऐसे हादसे होते रहेंगे और परिवार उजड़ते रहेंगे।
NationPress
23/04/2026

Frequently Asked Questions

टिहरी गढ़वाल में चंबा-कोटी रोड पर हादसा कब और कहां हुआ?
यह हादसा 23 अप्रैल 2025 को टिहरी गढ़वाल जिले के थाना चंबा क्षेत्र की चंबा-कोटी कॉलोनी रोड पर नैल के पास हुआ। एक मैक्स वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया।
इस हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हैं?
हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 2 लोग घायल हुए। दोनों घायलों को जिला अस्पताल बौराड़ी में भर्ती कराया गया है और वे खतरे से बाहर हैं।
वाहन में सवार लोग कहां जा रहे थे?
सभी 10 यात्री हरिद्वार में एक अंतिम संस्कार में शामिल होकर घनसाली क्षेत्र के अपने गांवों — चांजी, ठेला और चकरेडा — को वापस लौट रहे थे। वाहन ऋषिकेश से घनसाली की ओर जा रहा था।
हादसे के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे और विधायक शक्तिलाल शाह मौके पर पहुंचे। पुलिस, एसडीआरएफ और फायर सर्विस की टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और हादसे की जांच के आदेश दिए गए।
उत्तराखंड में पहाड़ी सड़क हादसों की क्या स्थिति है?
उत्तराखंड में प्रतिवर्ष सैकड़ों लोग पहाड़ी सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं। संकरी सड़कें, तेज मोड़, अधिक यात्री भार और वाहनों की खराब स्थिति इन हादसों के प्रमुख कारण हैं।
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