स्वस्थ तेलंगाना का संकल्प: मंत्री श्रीधर बाबू ने ओरल कैंसर मैराथन को दिखाई हरी झंडी
सारांश
Key Takeaways
- मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने 26 अप्रैल को हैदराबाद में ग्लोबल ओरल कैंसर जागरूकता मैराथन को हरी झंडी दिखाई।
- 10 किमी और 5 किमी की दौड़ में महाराष्ट्र, कर्नाटक व आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों के प्रतिभागी शामिल हुए।
- मंत्री ने गुटखा, पान मसाला और तंबाकू को जानलेवा बताते हुए इनकी अवैध बिक्री पर कड़ी कार्रवाई का संकल्प लिया।
- ग्लोबल ओरल कैंसर ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. के. दिलीप कुमार ने बताया कि शीघ्र पहचान से ओरल कैंसर का सफल उपचार संभव है।
- तेलंगाना सरकार सरकारी अस्पतालों में सुधार और निवारक स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता दे रही है।
- युवाओं को योग और नियमित व्यायाम अपनाने तथा हानिकारक लतों से दूर रहने की अपील की गई।
हैदराबाद, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना के उद्योग एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने रविवार को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करके, सरकारी अस्पतालों की गुणवत्ता में सुधार लाकर और समाज के हर तबके में निवारक स्वास्थ्य जागरूकता फैलाकर स्वस्थ तेलंगाना के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंत्री ने यह बात हैदराबाद के रायदुर्गम स्थित सत्व नॉलेज पार्क में ग्लोबल ओरल कैंसर ट्रस्ट द्वारा आयोजित 'ग्लोबल ओरल कैंसर जागरूकता मैराथन' को हरी झंडी दिखाते हुए कही।
मैराथन का आयोजन और मंत्री का संदेश
मंत्री श्रीधर बाबू ने 10 किलोमीटर की दौड़ को हरी झंडी दिखाई, जबकि साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर एम. रमेश ने 5 किलोमीटर की दौड़ का शुभारंभ किया। इस आयोजन में महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से आए प्रतिभागियों के अलावा हैदराबाद की प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनियों के आईटी पेशेवर, चिकित्सक,著名 हस्तियां और युवा वर्ग ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मंत्री ने इस अवसर पर चेतावनी दी कि गुटखा, पान मसाला, खैनी और नशीले पदार्थों का सेवन न केवल स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन से मुख कैंसर (ओरल कैंसर) सहित कई गंभीर बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
नशे पर सरकार की सख्ती और युवाओं से अपील
श्रीधर बाबू ने स्पष्ट किया कि तेलंगाना सरकार नशीले पदार्थों के सेवन और उनकी अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए ठोस और कठोर कदम उठा रही है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे हानिकारक लतों से दूर रहें और एक उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर हों।
मंत्री ने योग और नियमित व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह देते हुए कहा कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने अस्वस्थ आदतों के कारण बढ़ती मृत्यु दर पर गहरी चिंता जताई और समाज में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत पर बल दिया।
ओरल कैंसर — शीघ्र पहचान ही बचाव
ग्लोबल ओरल कैंसर ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. के. दिलीप कुमार ने बताया कि इस मैराथन का मूल उद्देश्य मुख कैंसर के प्रति जन-जागरूकता फैलाना था। उन्होंने रेखांकित किया कि यदि बीमारी की पहचान प्रारंभिक अवस्था में हो जाए तो उपचार कहीं अधिक प्रभावी और सफल होता है।
डॉ. दिलीप कुमार ने लोगों से अपील की कि वे नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच (हेल्थ चेक-अप) कराएं और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें। ओरल कैंसर जागरूकता मैराथन जैसी पहलें रोकथाम, शीघ्र निदान और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में निर्णायक भूमिका निभाती हैं।
गहरा संदर्भ — तेलंगाना में स्वास्थ्य की वास्तविक तस्वीर
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब भारत में मुख कैंसर के मामले चिंताजनक रूप से बढ़ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार भारत में हर वर्ष ओरल कैंसर के लगभग 77,000 नए मामले सामने आते हैं और इनमें से बड़ी संख्या में मौतें देरी से पहचान के कारण होती हैं। तेलंगाना, जो देश के प्रमुख आईटी और औद्योगिक केंद्रों में से एक है, वहां भी तंबाकू उत्पादों की खपत एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है।
गौरतलब है कि तेलंगाना सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनकी अवैध बिक्री अब भी जारी है — यही वह विरोधाभास है जिसे मंत्री की इस घोषणा के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। सरकार के लिए असली परीक्षा नीति बनाने में नहीं, बल्कि उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में है।
आने वाले समय में तेलंगाना सरकार की ओर से स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों के विस्तार और सरकारी अस्पतालों में कैंसर स्क्रीनिंग सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में ठोस कदमों की प्रतीक्षा रहेगी।