थिरुमावलवन का दावा: मदुरंतकम-धारापुरम उपचुनाव जीत में वीसीके का निर्णायक योगदान
सारांश
मुख्य बातें
विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) के अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन ने 11 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा उपचुनावों में टीवीके के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत केवल पट्टली मक्कल काची (पीएमके) के वोट-ट्रांसफर का परिणाम नहीं थी — बल्कि वीसीके समर्थकों के मतदान ने भी दोनों सीटों के नतीजों में निर्णायक भूमिका निभाई। चेन्नई के अशोक नगर स्थित वीसीके कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि नतीजों की समीक्षा पर यह योगदान सिद्ध किया जा सकता है।
उपचुनाव नतीजों पर विवाद
थिरुमावलवन ने कहा कि गठबंधन की सफलता का पूरा श्रेय पीएमके के वोट-ट्रांसफर को देना वीसीके के महत्व और उसके योगदान को कम आँकना है। उन्होंने तर्क दिया कि दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में वीसीके के मतदाताओं ने गठबंधन प्रत्याशियों को जिताने में अहम भूमिका अदा की, जिसे आँकड़ों के आधार पर साबित किया जा सकता है।
अन्नाद्रमुक के वोट बैंक में भारी गिरावट
थिरुमावलवन के अनुसार, इन उपचुनावों की सबसे बड़ी विशेषता अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के वोट बैंक में आई भारी कमी थी। उल्लेखनीय है कि पार्टी ने पिछले आम चुनाव में दोनों सीटें जीती थीं, लेकिन उपचुनावों में उसे बड़ा झटका लगा।
थिरुमावलवन ने सुझाव दिया कि मतदाता इस बात से प्रभावित हो सकते हैं कि अन्नाद्रमुक के टिकट पर जीतने के बाद कुछ निर्वाचित प्रतिनिधियों ने अपनी राजनीतिक निष्ठा बदल ली। उनके शब्दों में, यदि सफल प्रत्याशी बाद में पाला बदलने वाले हों, तो जनता पार्टी को दोबारा वोट देने की उपयोगिता पर सवाल उठा सकती है। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि इस संभावित कारण की जाँच अन्य कारकों के साथ मिलकर करना ज़रूरी है।
गठबंधन श्रेय पर सियासी खींचतान
थिरुमावलवन ने कहा कि अन्नाद्रमुक की हार के विस्तृत आकलन के बिना यह निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए कि उसके वोट किस प्रत्याशी की ओर गए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जीत का श्रेय सिर्फ एक सहयोगी दल को देना गठबंधन की सामूहिक शक्ति के साथ न्याय नहीं है।
यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में गठबंधन राजनीति में विभिन्न दलों के बीच सीटों की हिस्सेदारी और वोट-ट्रांसफर को लेकर प्रतिस्पर्धी दावे तेज़ हो रहे हैं।
भाजपा-विरोध पर व्यापक राजनीतिक संदेश
व्यापक राजनीतिक संदर्भ में थिरुमावलवन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) का विरोध करने के लिए डीवीके को इंडी गठबंधन के साथ मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर भाजपा के विरुद्ध राजनीतिक सहयोग को अनिवार्य बताया।
गौरतलब है कि वीसीके दलित और पिछड़े वर्गों के बीच अपने मज़बूत जनाधार के कारण तमिलनाडु की गठबंधन राजनीति में एक निर्णायक कारक मानी जाती है। आने वाले समय में तमिलनाडु की गठबंधन रणनीति में इन दावों और प्रति-दावों की भूमिका और स्पष्ट होगी।