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दिल्ली पुलिस ने तिलक विहार में पकड़े दो वाहन चोर, 5 चोरी की दोपहिया गाड़ियाँ बरामद

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दिल्ली पुलिस ने तिलक विहार में पकड़े दो वाहन चोर, 5 चोरी की दोपहिया गाड़ियाँ बरामद

सारांश

तिलक विहार में तड़के 4 बजे बिछाए गए जाल में दो शातिर वाहन चोर फँसे — एक मैकेनिक जो लॉक तोड़ने में माहिर था, दूसरा बेरोज़गार। दिल्ली पुलिस ने 5 चोरी की दोपहिया गाड़ियाँ बरामद कीं और 5 लंबित मामले एक झटके में सुलझा दिए।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस की तिलक विहार पोस्ट टीम ने 26 सितंबर 2026 को तड़के 04:15 बजे दो वाहन चोरों को गिरफ्तार किया।
आरोपी इंद्रपाल सिंह उर्फ प्रिंस (42 वर्ष) और गगनजोत सिंह उर्फ गोगी (25 वर्ष) दोनों दिल्ली के निवासी हैं।
इनके पास से 5 चोरी की दोपहिया गाड़ियाँ (मोटरसाइकिलें और स्कूटियाँ) बरामद की गईं।
इंद्रपाल सिंह पेशे से मैकेनिक है और अपनी दक्षता से गाड़ियों के लॉक तोड़ता था।
कार्रवाई एसआई तरुण के नेतृत्व में डीसीपी हरेश्वर वी.
स्वामी की निगरानी में हुई।
पुलिस आरोपियों के चोरी नेटवर्क और अन्य साथियों की जाँच जारी रखे हुए है।

तिलक नगर, नई दिल्ली में दिल्ली पुलिस के पश्चिमी जिले को वाहन चोरी के विरुद्ध बड़ी कामयाबी मिली है। 26 सितंबर 2026 की तड़के तिलक विहार पुलिस पोस्ट की गश्ती टीम ने दो शातिर वाहन चोरों को रंगे हाथ दबोच लिया और उनके पास से 5 चोरी की दोपहिया गाड़ियाँ बरामद कीं, जिससे 5 अलग-अलग वाहन चोरी के मामले सुलझ गए।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी हरेश्वर वी. स्वामी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एसआई तरुण (इंचार्ज, पीपी तिलक विहार) के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल महेश, धर्मबीर और शमशेर की टीम थाना तिलक नगर इलाके में नियमित गश्त पर थी। टीम को गुप्त सूचना मिली कि दो संदिग्ध चोरी की दोपहिया गाड़ी बेचने के लिए तिलक विहार के बी-ब्लॉक स्थित श्मशान घाट के नज़दीक आने वाले हैं।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए टीम ने तत्काल मौके पर जाल बिछाया। सुबह लगभग 04:15 बजे दोनों संदिग्ध एक दोपहिया गाड़ी पर आते दिखे और पुलिस ने उन्हें तुरंत काबू में कर लिया। यह पूरी कार्रवाई एसएचओ थाना तिलक नगर और एसीपी तिलक नगर के निर्देशन तथा डीसीपी की निगरानी में संपन्न हुई।

आरोपियों की पहचान और पृष्ठभूमि

पूछताछ में पकड़े गए दोनों संदिग्धों की पहचान इंद्रपाल सिंह उर्फ प्रिंस (42 वर्ष) और गगनजोत सिंह उर्फ गोगी (25 वर्ष) के रूप में हुई। दोनों दिल्ली के निवासी हैं। पुलिस के दस्तावेज़ मांगने पर वे कोई कागज़ात प्रस्तुत नहीं कर सके। जाँच में पता चला कि उनके पास मौजूद स्कूटी चोरी की थी, जिसकी ई-एफआईआर तिलक नगर थाने में पहले से दर्ज थी।

गौरतलब है कि इंद्रपाल सिंह पेशे से मैकेनिक है। पुलिस के अनुसार, वह अपनी मैकेनिकल दक्षता का दुरुपयोग करते हुए गाड़ियों के लॉक आसानी से तोड़ लेता था। वहीं गगनजोत सिंह बेरोज़गार बताया गया है।

बरामदगी और खुलासा

लगातार पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि वे थाना तिलक नगर सहित आसपास के अन्य थानों के इलाकों से मोटरसाइकिलें चुराते थे। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने तीन और चोरी की मोटरसाइकिलें तथा एक स्कूटी बरामद की। कुल मिलाकर 5 दोपहिया वाहन — जिनमें मोटरसाइकिलें और स्कूटियाँ शामिल हैं — ज़ब्त किए गए और सभी बरामद वाहनों को नियमानुसार सीज़ कर लिया गया।

आगे की जाँच

पुलिस अब दोनों आरोपियों के अन्य संभावित साथियों और उनके पूरे चोरी नेटवर्क की गहराई से जाँच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह आशंका है कि यह गिरोह और भी वाहन चोरी की वारदातों में शामिल रहा हो सकता है। यह कार्रवाई पश्चिमी दिल्ली में वाहन चोरी रोकने के लिए चल रहे पुलिस अभियान का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक गहरी समस्या की ओर इशारा करती है — दिल्ली में मैकेनिकों का आपराधिक गिरोहों से जुड़ाव। जब एक प्रशिक्षित मैकेनिक अपने पेशे का उपयोग चोरी के लिए करता है, तो यह संगठित वाहन चोरी नेटवर्क की एक सोची-समझी कड़ी बन जाता है। पुलिस ने 5 मामले तो सुलझाए, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इन वाहनों को खरीदने वाला नेटवर्क कहाँ तक फैला है — बिना उसे तोड़े, ऐसी गिरफ्तारियाँ अस्थायी राहत से ज़्यादा कुछ नहीं।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिलक विहार वाहन चोरी मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
दिल्ली पुलिस ने इंद्रपाल सिंह उर्फ प्रिंस (42 वर्ष, मैकेनिक) और गगनजोत सिंह उर्फ गोगी (25 वर्ष, बेरोज़गार) को गिरफ्तार किया। दोनों दिल्ली के निवासी हैं और थाना तिलक नगर सहित आसपास के इलाकों से दोपहिया वाहन चुराते थे।
पुलिस ने कितनी गाड़ियाँ बरामद कीं और किन मामलों का खुलासा हुआ?
कुल 5 चोरी की दोपहिया गाड़ियाँ — मोटरसाइकिलें और स्कूटियाँ — बरामद की गईं, जिससे वाहन चोरी के 5 अलग-अलग मामले सुलझे। सभी वाहनों को नियमानुसार ज़ब्त कर लिया गया है।
यह गिरफ्तारी कैसे हुई?
तिलक विहार पुलिस पोस्ट की टीम को गुप्त सूचना मिली कि दोनों संदिग्ध बी-ब्लॉक श्मशान घाट के पास चोरी की गाड़ी बेचने आएंगे। टीम ने जाल बिछाया और 26 सितंबर की सुबह लगभग 04:15 बजे दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
इंद्रपाल सिंह मैकेनिक होने का फ़ायदा कैसे उठाता था?
पुलिस के अनुसार, इंद्रपाल सिंह अपनी मैकेनिकल विशेषज्ञता का दुरुपयोग करते हुए गाड़ियों के लॉक आसानी से तोड़ लेता था, जिससे बिना चाबी के भी वाहन चुराना उसके लिए सरल हो जाता था।
क्या पुलिस आगे और जाँच कर रही है?
हाँ, पुलिस दोनों आरोपियों के अन्य साथियों और उनके संभावित वाहन चोरी नेटवर्क की जाँच जारी रखे हुए है। अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह और भी वारदातों में शामिल हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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