30 जुलाई 2026
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क्या टीएमसी विधायक को इकबाल अंसारी की सलाह समझ में आएगी?

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क्या टीएमसी विधायक को इकबाल अंसारी की सलाह समझ में आएगी?

सारांश

क्या टीएमसी विधायक का विवादास्पद बयान अयोध्या मामले को फिर से तूल देगा? इकबाल अंसारी का स्पष्ट संदेश। जानें इस मुद्दे पर क्या है दोनों पक्षों का मत।

मुख्य बातें

हुमांयू कबीर का विवादास्पद बयान इकबाल अंसारी की राजनीतिक नसीहत सोहनलाल आर्य का विरोध राम मंदिर का ध्वजारोहण मंदिर-मस्जिद राजनीति पर चिंता

नई दिल्ली, 22 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक हुमांयू कबीर द्वारा 'बाबरी मस्जिद' के निर्माण की घोषणा ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस पर अयोध्या मामले में प्रमुख रहे इकबाल अंसारी ने भी अपनी आपत्ति व्यक्त की है और कहा है कि मंदिर-मस्जिद जैसे मुद्दों पर राजनीति करने की आवश्यकता नहीं है।

टीएमसी विधायक के बयान पर इकबाल अंसारी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "अयोध्या के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आया था, जिसे सभी मुसलमानों ने सम्मानित किया। कोर्ट ने मस्जिद के लिए भी भूमि दी थी। इसलिए मस्जिद के नाम पर लोगों को राजनीति करने की जरूरत नहीं है।"

उन्होंने आगे कहा कि बहुत से मुद्दे लोग भूल जाते हैं, लेकिन नेता ऐसे मुद्दों को राजनीति के लिए भुनाने की कोशिश करते रहते हैं।

इकबाल अंसारी ने कहा, "हमारा मानना है कि मंदिर-मस्जिद और धर्म-जात की राजनीति देश के लिए उचित नहीं है। देश के प्रति वफादारी होनी चाहिए। भाईचारा होना आवश्यक है।"

इस बीच, हुमायूं कबीर के 'बाबरी मस्जिद' वाले बयान पर ज्ञानवापी मामले में याचिकाकर्ता सोहनलाल आर्य ने भी मजबूत विरोध किया। उन्होंने कहा, "बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने की घोषणा गलत है। ममता बनर्जी के आदेश के बिना बंगाल में इतना बड़ा ऐलान नहीं किया जा सकता है।"

उन्होंने आगे कहा, "मस्जिद बनाए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यह 'बाबरी मस्जिद' के नाम से नहीं बनाई जानी चाहिए। वीर अब्दुल हमीद और अन्य राष्ट्रवादी मुसलमानों के नाम पर मस्जिद बनानी चाहिए, इससे किसी को कोई आपत्ति नहीं होगी। आक्रांता के नाम पर मस्जिद के निर्माण का हम विरोध करेंगे।"

सोहनलाल आर्य ने यह भी कहा कि 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे, उस समय में बाबरी मस्जिद की घोषणा करना बिल्कुल भी उचित नहीं है। यह राजनीति का भी मापदंड नहीं है।

गौरतलब है कि टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में बाबरी नामक मस्जिद की आधारशिला रखने की घोषणा की थी। उन्होंने अपने बयान में कहा, "मस्जिद बनने में तीन वर्ष लगेंगे। पिछले साल 12 दिसंबर को मैंने यहीं खड़े होकर यह वादा किया था। इस समारोह में दो लाख लोग उपस्थित होंगे, कई प्रसिद्ध लोग मंच पर होंगे।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुमांयू कबीर ने क्या बयान दिया?
हुमांयू कबीर ने 'बाबरी मस्जिद' के निर्माण की घोषणा की है, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ है।
इकबाल अंसारी ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
इकबाल अंसारी ने कहा कि मस्जिद के नाम पर राजनीति करने की आवश्यकता नहीं है।
सोहनलाल आर्य का इस पर क्या कहना है?
सोहनलाल आर्य ने कहा कि बाबरी मस्जिद के नाम से मस्जिद नहीं बननी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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