टीआरएआई ने लॉन्च किया डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म, घर खरीदने से पहले जाँचें नेटवर्क क्वालिटी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) ने 25 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग (DCR) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया, जो उपभोक्ताओं को किसी भी संपत्ति की इंटरनेट और नेटवर्क गुणवत्ता की पारदर्शी एवं सत्यापन-योग्य जानकारी उपलब्ध कराएगा। इस प्लेटफॉर्म के साथ-साथ फील्ड असेसमेंट के लिए एक DCR मोबाइल ऐप भी जारी किया गया है, जो प्रॉपर्टी रेटिंग प्रक्रिया को डिजिटल और सुव्यवस्थित बनाएगा।
प्लेटफॉर्म की मुख्य विशेषताएँ
DCR प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ता किसी भी रेटेड संपत्ति को उसके नाम, प्रमाणपत्र संख्या (Certificate ID) या लोकेशन के आधार पर खोज सकते हैं। संबंधित संपत्ति का डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित रेटिंग प्रमाणपत्र भी देखा जा सकेगा और प्रमाणपत्र पर उपलब्ध QR कोड के ज़रिए उसकी प्रामाणिकता की जाँच की जा सकेगी।
इससे संभावित खरीदार या किराएदार अंतिम निर्णय लेने से पहले कॉलिंग, डाउनलोडिंग और ऑनलाइन सेवाओं की वास्तविक स्थिति परख सकेंगे — जो अब तक आम उपभोक्ता के लिए दुरूह था।
टीआरएआई चेयरमैन का बयान
टीआरएआई के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने कहा कि रेटिंग को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने और प्रमाणपत्रों के सत्यापन की सुविधा देने से उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और तुलनात्मक जानकारी मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह व्यवस्था प्रॉपर्टी डेवलपर्स और प्रबंधन संस्थाओं को परियोजना के शुरुआती चरण से ही डिजिटल कनेक्टिविटी सुविधाओं को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
तीन पक्षों को जोड़ता है यह मंच
संचार मंत्रालय के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म प्रॉपर्टी मैनेजर्स (PM), पंजीकृत डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियों (DCRA) और उपभोक्ताओं को एक साझा डिजिटल मंच पर लाता है। पंजीकृत DCRA एजेंसियाँ प्लेटफॉर्म के माध्यम से रेटिंग आवेदनों तक पहुँच सकेंगी, निरीक्षण कर सकेंगी, परीक्षण परिणाम दर्ज कर सकेंगी और आवश्यक दस्तावेजों का प्रबंधन करते हुए निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार पूरी रेटिंग प्रक्रिया पूरी कर सकेंगी।
DCR मोबाइल ऐप की भूमिका
फील्ड असेसमेंट के लिए जारी DCR मोबाइल ऐप के ज़रिए अधिकृत एजेंसियाँ भवनों के भीतर डिजिटल कनेक्टिविटी की जाँच निर्धारित परीक्षण पद्धति के अनुसार कर सकेंगी और मापन-संबंधी डेटा सीधे सिस्टम में अपलोड कर सकेंगी। वेब पोर्टल से प्राप्त प्रॉपर्टी की जानकारी और मोबाइल ऐप से एकत्रित आकलन डेटा को एकीकृत करने से डिजिटल कनेक्टिविटी रिकॉर्ड की निगरानी और प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा।
उपभोक्ताओं पर असर
गौरतलब है कि भारत में शहरी रियल एस्टेट बाज़ार तेज़ी से बढ़ रहा है और घर खरीदने या किराये पर लेने वाले लोगों के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी अब प्राथमिक ज़रूरत बन चुकी है। सरकार का कहना है कि DCR प्लेटफॉर्म से डिजिटल कनेक्टिविटी किसी संपत्ति की एक स्पष्ट और सत्यापन-योग्य विशेषता बन जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब वर्क-फ्रॉम-होम और हाइब्रिड कार्य संस्कृति ने घरेलू इंटरनेट कनेक्टिविटी की माँग को कई गुना बढ़ा दिया है। आने वाले समय में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि DCRA एजेंसियों की संख्या और रेटिंग की गति उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं पर खरी उतरती है या नहीं।