त्रिपुरा में स्तन कैंसर जागरूकता माह की शुरुआत, ICMR डेटा में हर 123 महिलाओं में 1 प्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के स्वास्थ्य सचिव गित्ते किरणकुमार दिनकरराव ने 1 अक्टूबर 2026 को अगरतला में वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों की उपस्थिति में राज्यव्यापी स्तन कैंसर जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान पूरे अक्टूबर माह — स्तन कैंसर जागरूकता माह — के दौरान राज्यभर में चलेगा और इसका उद्देश्य स्तन स्वास्थ्य, शीघ्र निदान, जोखिम कारकों की समझ और निरंतर देखभाल को बढ़ावा देना है।
आँकड़े जो गंभीरता बताते हैं
ग्लोबोकैन 2022 के आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में विश्वभर में लगभग 23 लाख महिलाओं में स्तन कैंसर की पहचान हुई, जबकि करीब 6.7 लाख महिलाओं की इस बीमारी से मृत्यु हो गई। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, स्तन कैंसर वैश्विक स्तर पर महिलाओं में सर्वाधिक पाया जाने वाला कैंसर है।
भारत में वर्ष 2024 में 2,37,231 नए मामले और 96,100 मौतें दर्ज की गईं। देश में महिलाओं में होने वाले कुल कैंसर मामलों में स्तन कैंसर की हिस्सेदारी 30.4 प्रतिशत है। आईसीएमआर की त्रिपुरा जनसंख्या आधारित कैंसर रजिस्ट्री (PBCR) के 2012-2016 के आँकड़ों के अनुसार, राज्य में महिलाओं में होने वाले समस्त कैंसर मामलों में 14.4 प्रतिशत मामले स्तन कैंसर के थे — अर्थात लगभग हर 123 में से एक महिला इससे प्रभावित हुई।
सरकार की पहल और मौजूदा ढाँचा
त्रिपुरा सरकार ने कैंसर जाँच की पहुँच बढ़ाने के लिए पहले से कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 31 दिसंबर को 'मुख्यमंत्री निरामय आरोग्य अभियान' (MNAA) की शुरुआत की थी। इस पहल के अंतर्गत राज्यभर के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में वर्ष में दो बार — 1 से 14 जनवरी और 14 से 31 जुलाई तक — कैंसर सहित अन्य गैर-संचारी रोगों की विशेष जाँच की जाती है।
अभियान की कार्ययोजना
माहभर के इस अभियान में एम्स और वैश्विक स्वास्थ्य संस्था 'झपिएगो' (Jhpiego) की तकनीकी सहायता से विविध गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इनमें विभिन्न स्तरों पर कार्यशालाएँ, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और आशा कार्यकर्ताओं के साथ परामर्श, चिकित्सा एवं पैरामेडिकल संस्थानों में सेमिनार, टॉक शो, सोशल मीडिया अभियान, पंचायती राज संस्था (PRI) सदस्यों के साथ व्यक्तिगत संवाद और 'ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस' के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) व सहायक नर्स मिडवाइफ (ANM) द्वारा सामुदायिक स्तर की गतिविधियाँ शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान आम जनता के लिए जानकारीपूर्ण सामग्री तथा हितधारकों, शिक्षाविदों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और छात्रों के लिए तकनीकी सामग्री भी जारी की गई। राज्य के गैर-संचारी रोग कार्यक्रम अधिकारी अर्जुन साहा ने स्तन कैंसर जागरूकता के महत्व और अभियान की कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
उपस्थित अधिकारी और सामूहिक संकल्प
इस शुभारंभ कार्यक्रम में NHM के अतिरिक्त सचिव-सह-मिशन निदेशक साजू वहीद, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक, परिवार कल्याण निदेशक, NHM के संयुक्त मिशन निदेशक, NHM की राज्य स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सोसायटी के सदस्य सचिव तथा सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य सचिव दिनकरराव ने सभी हितधारकों और समाज के सदस्यों से अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया और स्तन कैंसर की शीघ्र पहचान तथा रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व पर बल दिया। यह अभियान आने वाले महीनों में राज्य में कैंसर स्क्रीनिंग के बुनियादी ढाँचे को और मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।