श्रीनगर में मुफ्त ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग शुरू, 10,000 महिलाओं को मिलेगा घर-घर जाँच का लाभ
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 15 जून 2026 को श्रीनगर के सिविल सचिवालय में महिलाओं के लिए निःशुल्क ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग सेवा कार्यक्रम का उद्घाटन किया। यह पहल एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और संस्था इंडिया टर्न्स पिंक (ITP) के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) सहयोग से शुरू की गई है, जिसके तहत श्रीनगर जिले की करीब 10,000 महिलाओं को मुफ्त जाँच, परामर्श और जागरूकता सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।
कार्यक्रम का स्वरूप और दायरा
इस योजना के अंतर्गत श्रीनगर जिले के 10 चयनित गाँवों में स्वास्थ्यकर्मी महिलाओं के घर-घर जाकर स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग करेंगे। स्क्रीनिंग के साथ-साथ काउंसलिंग और बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने का काम भी किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह मॉडल ग्रामीण और अर्ध-शहरी महिलाओं तक पहुँचने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है, जो अक्सर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रह जाती हैं।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने AAI और इंडिया टर्न्स पिंक के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए इस तरह की पहल बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि स्तन कैंसर की शुरुआती पहचान और समय पर उपचार से मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है और कई जिंदगियाँ बचाई जा सकती हैं।
स्तन कैंसर: भारत में स्थिति कितनी गंभीर
गौरतलब है कि स्तन कैंसर भारत में महिलाओं में सर्वाधिक पाया जाने वाला कैंसर है। आँकड़ों के अनुसार, देश में हर वर्ष करीब 2 लाख नए मामले सामने आते हैं और 98,000 से अधिक महिलाओं की मौत इस बीमारी के कारण होती है। अनुमान है कि भारत में हर 28 में से एक महिला अपने जीवनकाल में स्तन कैंसर से प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, देर से पहचान होने के कारण भारत में इस बीमारी से मृत्यु दर विश्व में सबसे अधिक में से एक है, जबकि समय पर जाँच और इलाज से इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम में कौन-कौन रहे मौजूद
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इटू, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, इंडिया टर्न्स पिंक के संस्थापक अध्यक्ष पी. ए. आनंदकुमार तथा संगठन के अन्य प्रतिनिधि और अधिकारी भी उपस्थित रहे।
आगे की राह
यह कार्यक्रम श्रीनगर जिले में महिलाओं के बीच नियमित स्वास्थ्य जाँच और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह पहल ऐसे समय में आई है जब जम्मू-कश्मीर में ग्रामीण स्वास्थ्य ढाँचे को मजबूत करने की माँग लगातार उठती रही है। कार्यक्रम की सफलता भविष्य में इसे अन्य जिलों तक विस्तारित करने का आधार बन सकती है।